{"_id":"594d5c254f1c1bf77d8b485e","slug":"181498242085-karnal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब करनाल नहीं, स्मार्ट सिटी कहिए जनाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब करनाल नहीं, स्मार्ट सिटी कहिए जनाब
Updated Fri, 23 Jun 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में जश्न का माहौल, प्रथम चरण में 720 एकड़ क्षेत्र पर खर्च होंगे 1295.81 करोड़ रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार करनाल ने स्मार्ट सिटी की सूची में जगह बना ही ली। इसमें शहर को 12वां स्थान मिला है। इसकी जानकारी मिलते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोग एक-दूसरे को बधाई देने के साथ मुंह मीठा कराकर खुशियां बांटीं। अब शहर के विकास के लिए पांच साल में 1295.81 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। इसमें 500 करोड़ केंद्र सरकार, 500 करोड़ राज्य सरकार और बाकी लगभग 300 करोड़ की व्यवस्था नगर निगम व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लिया जाएगा।
शहर का विकास तीन चरणों में शुरू हो जाएगा। पहले चरण में एरिया बेस्ट डेवलपमेंट के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्र के 720 एकड़ में सेंटर बिजनेस एरिया विकसित किया जाएगा। निगमायुक्त ने बताया कि पहले चरण के दौरान शहर के अंदर बिजनेस सेंटर के निर्माण के साथ, पैदल यात्री पथ, स्मार्ट रोड, स्मार्ट यातायात प्रबंधन प्रणाली, ट्रैफिक सिग्नल, पार्किंग, स्मार्ट साइनेज, सिटी गाइड मैप और पब्लिक बाइक शेयरिंग सिस्टम शामिल हैं। इसी प्रकार शहरी बुनियादी ढांचे में स्ट्रार्म वाटर की उचित निकासी, बेहतर सीवरेज व्यवस्था और ट्रीटमेंट प्लांट से अशुद्ध पानी की रिसाइकलिंग, स्मार्ट शौचालय, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट से कूड़े-कचरे का उचित प्रबंधन आदि मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
दूसरे चरण में पैन सिटी सोल्यूशन के लिए 149.99 करोड़ रुपये के बजट से शामिल किए गए हैं। हवाई यात्रा के स्तर से भी यहां सुरक्षा, सुविधा व सर्विसेज का विकास किया जाएगा। आयुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी घोषित होते ही प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से करनाल को 200 करोड़ रुपये की राशि तुरंत जारी कर दी जाएगी।
विज्ञापन
गठित होगा करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड
प्लान के तहत सभी विकास प्रोजेक्ट के चलाने और निगरानी के लिए करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड इकाई का गठन किया जाएगा। इसे एसपीवी (स्पेशल पर्पस व्हीकल) कहा जाएगा। इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में नगर निगम व जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा नगर निगम की मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर भी एडवाइजरी काउंसिल का हिस्सा बनेंगे।
स्मार्ट सिटी के दौड़ से दो बार बाहर हो चुका था
केंद्र सरकार की तीसरी सूची में जगह पाने वाला करनाल इसके पहले दो बार स्मार्ट सिटी के दौड़ से बाहर हो चुका है। केंद्र ने चुने हुए सभी शहरों को स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट का प्रोजेक्ट बनाकर देने का कहा था, इसमें से बेहतर प्रोजेक्ट वाले शहरों को चुना जाता था। करनाल ने 28 जनवरी और 20 जनवरी 2016 की लिस्ट में जगह पाने के लिए प्रोजेक्ट बनाकर दिया था, लेकिन प्रोजक्ट में योजनाओं की अधूरी जानकारी, फंडिंग की स्पष्टता व अन्य कमियों के कारण करनाल फेल हो गया था। इस बार करनाल को स्मार्ट सिटी की लिस्ट में लाने के लिए नगर निगम ने जनवरी 2017 से ही अपनी तैयारियां शुरू कर दी थी। शहर का सर्वे करने और प्रोजेक्ट बनाने के लिए क्रिसिल कंपनी को 38 लाख में नियुक्त किया गया। इस एजेंसी की ओर से करनाल में करीब 3 महीने तक कार्य करने के बाद 1295.81 करोड़ रुपये की कुल खर्चे वाली एक स्मार्ट सिटी प्रपोजल (एससीपी) तैयार की गई।
सर्वे में 2.35 लाख लोगों ने लिया भाग
स्मार्ट सिटी के लिए प्रपोजल तैयार करते हुए एजेंसी के सर्वे में 2.35 लाख लोगों ने भाग लिया। सर्वे के दौरान लोगों से पानी, बिजली, साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन, परिवहन के बेहतरीन साधन, तकनीकी कनेक्टिविटी, ई-गवर्नेंस, नागरिकों की सुरक्षा और सुशासन के संबंध में बेहतर प्लान पूछे गए थे। प्रपोजल तैयार करने हुए सभी के आइडिया को स्थान दिया गया।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार करनाल ने स्मार्ट सिटी की सूची में जगह बना ही ली। इसमें शहर को 12वां स्थान मिला है। इसकी जानकारी मिलते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोग एक-दूसरे को बधाई देने के साथ मुंह मीठा कराकर खुशियां बांटीं। अब शहर के विकास के लिए पांच साल में 1295.81 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। इसमें 500 करोड़ केंद्र सरकार, 500 करोड़ राज्य सरकार और बाकी लगभग 300 करोड़ की व्यवस्था नगर निगम व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लिया जाएगा।
शहर का विकास तीन चरणों में शुरू हो जाएगा। पहले चरण में एरिया बेस्ट डेवलपमेंट के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्र के 720 एकड़ में सेंटर बिजनेस एरिया विकसित किया जाएगा। निगमायुक्त ने बताया कि पहले चरण के दौरान शहर के अंदर बिजनेस सेंटर के निर्माण के साथ, पैदल यात्री पथ, स्मार्ट रोड, स्मार्ट यातायात प्रबंधन प्रणाली, ट्रैफिक सिग्नल, पार्किंग, स्मार्ट साइनेज, सिटी गाइड मैप और पब्लिक बाइक शेयरिंग सिस्टम शामिल हैं। इसी प्रकार शहरी बुनियादी ढांचे में स्ट्रार्म वाटर की उचित निकासी, बेहतर सीवरेज व्यवस्था और ट्रीटमेंट प्लांट से अशुद्ध पानी की रिसाइकलिंग, स्मार्ट शौचालय, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट से कूड़े-कचरे का उचित प्रबंधन आदि मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
विज्ञापन
दूसरे चरण में पैन सिटी सोल्यूशन के लिए 149.99 करोड़ रुपये के बजट से शामिल किए गए हैं। हवाई यात्रा के स्तर से भी यहां सुरक्षा, सुविधा व सर्विसेज का विकास किया जाएगा। आयुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी घोषित होते ही प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से करनाल को 200 करोड़ रुपये की राशि तुरंत जारी कर दी जाएगी।
विज्ञापन
गठित होगा करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड
प्लान के तहत सभी विकास प्रोजेक्ट के चलाने और निगरानी के लिए करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड इकाई का गठन किया जाएगा। इसे एसपीवी (स्पेशल पर्पस व्हीकल) कहा जाएगा। इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में नगर निगम व जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा नगर निगम की मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर भी एडवाइजरी काउंसिल का हिस्सा बनेंगे।
स्मार्ट सिटी के दौड़ से दो बार बाहर हो चुका था
केंद्र सरकार की तीसरी सूची में जगह पाने वाला करनाल इसके पहले दो बार स्मार्ट सिटी के दौड़ से बाहर हो चुका है। केंद्र ने चुने हुए सभी शहरों को स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट का प्रोजेक्ट बनाकर देने का कहा था, इसमें से बेहतर प्रोजेक्ट वाले शहरों को चुना जाता था। करनाल ने 28 जनवरी और 20 जनवरी 2016 की लिस्ट में जगह पाने के लिए प्रोजेक्ट बनाकर दिया था, लेकिन प्रोजक्ट में योजनाओं की अधूरी जानकारी, फंडिंग की स्पष्टता व अन्य कमियों के कारण करनाल फेल हो गया था। इस बार करनाल को स्मार्ट सिटी की लिस्ट में लाने के लिए नगर निगम ने जनवरी 2017 से ही अपनी तैयारियां शुरू कर दी थी। शहर का सर्वे करने और प्रोजेक्ट बनाने के लिए क्रिसिल कंपनी को 38 लाख में नियुक्त किया गया। इस एजेंसी की ओर से करनाल में करीब 3 महीने तक कार्य करने के बाद 1295.81 करोड़ रुपये की कुल खर्चे वाली एक स्मार्ट सिटी प्रपोजल (एससीपी) तैयार की गई।
सर्वे में 2.35 लाख लोगों ने लिया भाग
स्मार्ट सिटी के लिए प्रपोजल तैयार करते हुए एजेंसी के सर्वे में 2.35 लाख लोगों ने भाग लिया। सर्वे के दौरान लोगों से पानी, बिजली, साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन, परिवहन के बेहतरीन साधन, तकनीकी कनेक्टिविटी, ई-गवर्नेंस, नागरिकों की सुरक्षा और सुशासन के संबंध में बेहतर प्लान पूछे गए थे। प्रपोजल तैयार करने हुए सभी के आइडिया को स्थान दिया गया।