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तीन माह में दूसरी बार तोड़ी गई मंगलपुर के पास अवैध कालोनी
Updated Mon, 25 Jun 2018 12:33 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। आरके पुरम और गांव मंगलपुर के पास स्थित अवैध कॉलोनी में तीन में दूसरी बार प्रशासन का पीला पंजा चला। पूरे लाव लशकर के साथ पहुंची जिला प्रशासन की टीम की ओर से कॉलोनी के अंदर बनी गलियों और सड़कों तोड़ दिया।
हालांकि, प्रशासन की जेसीबी जब घरों की तरफ बढ़ी तो विवाद हो गया और महिलाएं व पुरुष जेसीबी के सामने आ गए। हालांकि, पुलिस स्थिति को समझते हुए सभी को हिरासत में ले लिया। दोपहर 12 बजे से लेकर दो बजे तक चली इस तोड़फोड़ की कार्रवाई के चलते कॉलोनीवासी डरे और सहमे रहे।
बता दें कि शिकायत के आधार पर इससे पहले 11 मार्च को भी अवैध कॉलोनी में बने निर्माणों को तोड़ा गया था। एक बार फिर से रविवार को प्रशासनिक अमला जेसीबी लेकर मंगलपुर कॉलोनी पहुंच गया। एमडीएम नरेंद्र मलिक और डीएसपी राजीव कुमार के नेतृत्व में करीब 400 पुलिस कर्मचारियों और 10 जेसीबी के अमले को देखकर कॉलोनीवासी घबरा गए और सभी ने अपने-अपने घरों के अंदर से ताले लगा लिए और छतों पर चढ़ गए। जैसे ही डीटीपी ने माइक से कॉलोनी को तोड़ने की घोषणा की तो वार्ड नंबर 2 के पार्षद बलविंद्र सिंह के अगुवाई में कॉलोनी वासी प्रशासन के पास पहुंचे और कॉलोनी नहीं तोड़ने की गुहार लगाई। इस दौरान पार्षद बलविंद्र ने कहा कि, कॉलोनी के अंदर बनी सड़कें और गलियां तोड़ने में कोई विरोध नहीं है, लेकिन अगर किसी का घर तोड़ने की कोशिश की गई वे इसे बर्दास्त नहीं करेंगे। इस मौके पर डीटीपी अमरीक सिंह, डीटीपी नगर निगम, निगम के उपनिगमायुक्त रोहताश बिश्नोई, सदर थाना प्रभारी आ दि अधिकारी मौजूद रहे।
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जब कॉलोनी कटी और मकान बने तब कहां था प्रशासन?
कॉलोनी के लोगों ने बताया कि जब ये कॉलोनी अवैध है तो इसे काटने ही क्यों दिया गया? उस समय प्रशासन कहां था जब ये कॉलोनी काटी गई और यहां पर धड़ाधड़ प्लॉट भी बेचे गए। इतना ही नहीं उस समय भी प्रशासन नहीं आया जब यहां पर लोगों ने मकान बनाए। अब जब यह कॉलोनी आधे से ज्यादा आबाद हो गई है, अब प्रशासन कार्रवाई कर रहा है? लोगों ने कहा कि इससे कालोनाइजर को क्या नुकसान है, वो तो प्लॉट बेचकर निकल गया, अब नुकसान लोगों को हो रहा है। ज्योति, कमला ने कहा कि वे जब उनके पास रजिस्ट्री है तो फिर से कॉलोनी अवैध कैसे है? उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने इस कॉलोनी को कटवाया था।
बीते चार माह, अधिकारियों के खिलाफ जांच तक शुरू नहीं
11 मार्च को यह कॉलोनी तोड़ी गई थी, उस समय भी भारी संख्या में अवैध निर्माणों को गिराया गया था, लेकिन लोगों ने अपने प्लॉटों की रजिस्ट्री दिखाई थी और एसडीएम से जांच की मांग की थी। उस समय भी प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी आज तक किसी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई तो दूर की बात है इसकी जांच तक शुरू नहीं हुई है। आखिरकार किसकी शह पर कॉलोनी काटी गई और किसकी शह पर तहसील में रजिस्ट्री हुई? ये ऐसे सवाल हैं, जो प्रशासनिक अधिकारियों को कटघरे में खड़ा करते हैं।
पार्षद ने फिर जड़े डीसी पर आरोप
वार्ड नंबर 2 के पार्षद बलविंद्र सिंह ने एक बार फिर से डीसी डॉ. आदित्य दहिया पर आरोपों की झड़ी लगाई है। पार्षद का आरोप है कि डीसी जानबूझकर मेरे वार्ड में इस प्रकार की कार्रवाई करा रहे हैं। पार्षद ने आरोप लगाया कि नगर निगम की ओर से शहर में 88 अवैध शोरूम की लिस्ट बनाई हुई है, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, केवल गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। वे किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे। पार्षद ने आरोप लगाया अधिकारी मिलीभगत कराके पहले तो कॉलोनी कटवाते हैं और बाद में उनको तुड़वाते हैं। ये कॉलोनी भी प्रशासन के अधिकारियों की मिलीभगत से ही काटी गईं थीं। इसकी शिकायत खुद उन्होंने निगम की हाउस की बैठक में की थी, लेकिन उस समय निगमायुक्त ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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करनाल। आरके पुरम और गांव मंगलपुर के पास स्थित अवैध कॉलोनी में तीन में दूसरी बार प्रशासन का पीला पंजा चला। पूरे लाव लशकर के साथ पहुंची जिला प्रशासन की टीम की ओर से कॉलोनी के अंदर बनी गलियों और सड़कों तोड़ दिया।
हालांकि, प्रशासन की जेसीबी जब घरों की तरफ बढ़ी तो विवाद हो गया और महिलाएं व पुरुष जेसीबी के सामने आ गए। हालांकि, पुलिस स्थिति को समझते हुए सभी को हिरासत में ले लिया। दोपहर 12 बजे से लेकर दो बजे तक चली इस तोड़फोड़ की कार्रवाई के चलते कॉलोनीवासी डरे और सहमे रहे।
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बता दें कि शिकायत के आधार पर इससे पहले 11 मार्च को भी अवैध कॉलोनी में बने निर्माणों को तोड़ा गया था। एक बार फिर से रविवार को प्रशासनिक अमला जेसीबी लेकर मंगलपुर कॉलोनी पहुंच गया। एमडीएम नरेंद्र मलिक और डीएसपी राजीव कुमार के नेतृत्व में करीब 400 पुलिस कर्मचारियों और 10 जेसीबी के अमले को देखकर कॉलोनीवासी घबरा गए और सभी ने अपने-अपने घरों के अंदर से ताले लगा लिए और छतों पर चढ़ गए। जैसे ही डीटीपी ने माइक से कॉलोनी को तोड़ने की घोषणा की तो वार्ड नंबर 2 के पार्षद बलविंद्र सिंह के अगुवाई में कॉलोनी वासी प्रशासन के पास पहुंचे और कॉलोनी नहीं तोड़ने की गुहार लगाई। इस दौरान पार्षद बलविंद्र ने कहा कि, कॉलोनी के अंदर बनी सड़कें और गलियां तोड़ने में कोई विरोध नहीं है, लेकिन अगर किसी का घर तोड़ने की कोशिश की गई वे इसे बर्दास्त नहीं करेंगे। इस मौके पर डीटीपी अमरीक सिंह, डीटीपी नगर निगम, निगम के उपनिगमायुक्त रोहताश बिश्नोई, सदर थाना प्रभारी आ दि अधिकारी मौजूद रहे।
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जब कॉलोनी कटी और मकान बने तब कहां था प्रशासन?
कॉलोनी के लोगों ने बताया कि जब ये कॉलोनी अवैध है तो इसे काटने ही क्यों दिया गया? उस समय प्रशासन कहां था जब ये कॉलोनी काटी गई और यहां पर धड़ाधड़ प्लॉट भी बेचे गए। इतना ही नहीं उस समय भी प्रशासन नहीं आया जब यहां पर लोगों ने मकान बनाए। अब जब यह कॉलोनी आधे से ज्यादा आबाद हो गई है, अब प्रशासन कार्रवाई कर रहा है? लोगों ने कहा कि इससे कालोनाइजर को क्या नुकसान है, वो तो प्लॉट बेचकर निकल गया, अब नुकसान लोगों को हो रहा है। ज्योति, कमला ने कहा कि वे जब उनके पास रजिस्ट्री है तो फिर से कॉलोनी अवैध कैसे है? उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने इस कॉलोनी को कटवाया था।
बीते चार माह, अधिकारियों के खिलाफ जांच तक शुरू नहीं
11 मार्च को यह कॉलोनी तोड़ी गई थी, उस समय भी भारी संख्या में अवैध निर्माणों को गिराया गया था, लेकिन लोगों ने अपने प्लॉटों की रजिस्ट्री दिखाई थी और एसडीएम से जांच की मांग की थी। उस समय भी प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी आज तक किसी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई तो दूर की बात है इसकी जांच तक शुरू नहीं हुई है। आखिरकार किसकी शह पर कॉलोनी काटी गई और किसकी शह पर तहसील में रजिस्ट्री हुई? ये ऐसे सवाल हैं, जो प्रशासनिक अधिकारियों को कटघरे में खड़ा करते हैं।
पार्षद ने फिर जड़े डीसी पर आरोप
वार्ड नंबर 2 के पार्षद बलविंद्र सिंह ने एक बार फिर से डीसी डॉ. आदित्य दहिया पर आरोपों की झड़ी लगाई है। पार्षद का आरोप है कि डीसी जानबूझकर मेरे वार्ड में इस प्रकार की कार्रवाई करा रहे हैं। पार्षद ने आरोप लगाया कि नगर निगम की ओर से शहर में 88 अवैध शोरूम की लिस्ट बनाई हुई है, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, केवल गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। वे किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे। पार्षद ने आरोप लगाया अधिकारी मिलीभगत कराके पहले तो कॉलोनी कटवाते हैं और बाद में उनको तुड़वाते हैं। ये कॉलोनी भी प्रशासन के अधिकारियों की मिलीभगत से ही काटी गईं थीं। इसकी शिकायत खुद उन्होंने निगम की हाउस की बैठक में की थी, लेकिन उस समय निगमायुक्त ने कोई कार्रवाई नहीं की।