{"_id":"6362dbbf7faf9b71f26463a8","slug":"16-sarpanch-unopposed-in-the-district-general-opinion-on-all-posts-in-12-gram-panchayats-karnal-news-knl1262588151","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में 16 सरंपच निर्विरोध, 12 ग्राम पंचायतों में सभी पदों पर आम राय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में 16 सरंपच निर्विरोध, 12 ग्राम पंचायतों में सभी पदों पर आम राय
विज्ञापन
देव शर्मा
करनाल। जिले की कुल 395 ग्राम पंचायतों में 12 ऐसी हैं जो पूरी की पूरी निर्विरोध निर्वाचित हो गई हैं। जिससे वह हरियाणा सरकार द्वारा घोषित 11-11 लाख रुपये की हकदार हो गई हैं। वहीं, जिले की कुल 16 ग्राम पंचायतों में नौ महिलाओं सहित सभी सरपंच निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। 12 पूर्ण निर्वाचित पंचायतों के अतिरिक्त चार ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जिनमें सरपंच से लेकर पंच तक सभी निर्विरोध चुने गए हैं लेकिन इनमें पंच के कुछ पद रिक्त रह गए हैं, जिन पर किसी ने नामांकन ही नहीं कराया है। अधिकारी असमंजस में हैं कि इन ग्राम पंचायत को पूर्ण निर्विरोध माना जाए या नहीं। फिलहाल इस पर फैसला बाद में लिया जाएगा।
जिले के नौ खंडों में 295 ग्राम पंचायतें हैं। सरपंच पद पर 694 महिलाओं सहित 1483 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं पंच के 3901 पदों पर 5229 प्रत्याशी ताल ठोंक रहे हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी राजबीर खुंडिया ने बताया कि हरियाणा सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों में भाईचारा कायम रखने के लिए सर्वसम्मति से चुनाव पर 11 लाख रुपये, सरपंच को पांच लाख तो पंच को पचास हजार रुपये के प्रोत्साहन की घोषणा का बड़ा असर हो रहा है। इंद्री खंड में इंद्रगढ़ में सरपंच मुनीश कुमार, धमनहेड़ी में रमेश कुमार, चिड़ाव खंड में डबरी में सुरेश कुमार, असंध ब्लाक में चौगांवा में दर्शन कौर, खांडाखेड़ी में सुखवीर कौर, न्यू झिंडा में पलविंद्र कौर, घरौंडा खंड में मलिकपुर गादियान में सोहन लाल, बेगमपुर में रणजीत सिंह, नीलोखेड़ी ब्लाक में राजगढ़ (शेर गढ़ विरान) में परविंद्र कौर, बोहली में कांता, कमालपुर में आशा देवी, गालिब खेड़ी में अमर सिंह तो निर्विरोध सरपंच चुने ही गए हैं, साथ ही इन सभी 12 ग्राम पंचायतों में सभी वार्डो पर सभी पंचों को भी निर्विरोध चुना गया है। कुल मिलाकर पूरी पंचायत ही निविरोध हो जाने के कारण अब यहां चुनाव नहीं होगा। इधर, इसके अलावा करनाल खंड के सलारू में साहब सुरेंद्र सिंह को निर्विरोध चुना गया है, लेकिन यहां वार्ड चार का पंच पद रिक्त रह गया है। इसी तरह इंद्री खंड के रामपुरा में राजकली तो निर्विरोध चुना गया है लेकिन पंच के कुछ पद रिक्त रह गए हैं। असंध ब्लाक की दनौली ग्राम पंचायत में पवनदीप कौर को सरपंच निर्विरोध चुन लिया गया है, लेकिन एक पंच पद शेष है। नीलोखेड़ी ब्लाक के गिटलपुर में सोनिया को सर्वसम्मति से सरपंच चुन लिया गया है लेकिन यहां पंच के एक पद पर किसी ने नामांकन ही दाखिल नहीं किया है। हालांकि सभी निर्विरोध निर्वाचन की विधिवत घोषणा मतदान के बाद ही की जाएगी।
असमंजस
ये अलग बात है कि जिलें में पूर्ण निर्विरोध चुनी गई 12 ग्राम पंचायतों के अलावा शेष चार ग्राम पंचायतें सलारू, रामपुरा, दनौली व गिटलपुर में पूरी ग्राम पंचायतें ही निर्विरोध हैं, सिर्फ ऐसे पद रिक्त हैं, जिसमें किसी ने नामांकन ही दाखिल नहीं किया है। इन पंचायतों का पूर्ण निर्विरोध गठित माने या नहीं, इस पर अधिकारी मंथन कर रहे हैं। चुनाव आयोग से भी राय मांगी जा सकती है।
विज्ञापन
सर्वसम्मति में महिलाएं नंबर वन
- जिले की जिन 16 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है, इसमें नौ महिलाएं शामिल हैं। सात पुरुषों पर आमराय बनी है। इस बार महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, लेकिन महिलाओं ने चुनाव से पहले ही सर्वसम्मति से सरपंच बनकर अपनी ताकत का डंका बजा दिया है। ये भी खास बात है कि इनमें दनौली व गिटलपुर को छोड़ दे तो महिला सरंपचों की पूरी ग्राम पंचायत को ही सर्वसम्मति मिली है।
विज्ञापन
करनाल। जिले की कुल 395 ग्राम पंचायतों में 12 ऐसी हैं जो पूरी की पूरी निर्विरोध निर्वाचित हो गई हैं। जिससे वह हरियाणा सरकार द्वारा घोषित 11-11 लाख रुपये की हकदार हो गई हैं। वहीं, जिले की कुल 16 ग्राम पंचायतों में नौ महिलाओं सहित सभी सरपंच निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। 12 पूर्ण निर्वाचित पंचायतों के अतिरिक्त चार ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जिनमें सरपंच से लेकर पंच तक सभी निर्विरोध चुने गए हैं लेकिन इनमें पंच के कुछ पद रिक्त रह गए हैं, जिन पर किसी ने नामांकन ही नहीं कराया है। अधिकारी असमंजस में हैं कि इन ग्राम पंचायत को पूर्ण निर्विरोध माना जाए या नहीं। फिलहाल इस पर फैसला बाद में लिया जाएगा।
जिले के नौ खंडों में 295 ग्राम पंचायतें हैं। सरपंच पद पर 694 महिलाओं सहित 1483 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं पंच के 3901 पदों पर 5229 प्रत्याशी ताल ठोंक रहे हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी राजबीर खुंडिया ने बताया कि हरियाणा सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों में भाईचारा कायम रखने के लिए सर्वसम्मति से चुनाव पर 11 लाख रुपये, सरपंच को पांच लाख तो पंच को पचास हजार रुपये के प्रोत्साहन की घोषणा का बड़ा असर हो रहा है। इंद्री खंड में इंद्रगढ़ में सरपंच मुनीश कुमार, धमनहेड़ी में रमेश कुमार, चिड़ाव खंड में डबरी में सुरेश कुमार, असंध ब्लाक में चौगांवा में दर्शन कौर, खांडाखेड़ी में सुखवीर कौर, न्यू झिंडा में पलविंद्र कौर, घरौंडा खंड में मलिकपुर गादियान में सोहन लाल, बेगमपुर में रणजीत सिंह, नीलोखेड़ी ब्लाक में राजगढ़ (शेर गढ़ विरान) में परविंद्र कौर, बोहली में कांता, कमालपुर में आशा देवी, गालिब खेड़ी में अमर सिंह तो निर्विरोध सरपंच चुने ही गए हैं, साथ ही इन सभी 12 ग्राम पंचायतों में सभी वार्डो पर सभी पंचों को भी निर्विरोध चुना गया है। कुल मिलाकर पूरी पंचायत ही निविरोध हो जाने के कारण अब यहां चुनाव नहीं होगा। इधर, इसके अलावा करनाल खंड के सलारू में साहब सुरेंद्र सिंह को निर्विरोध चुना गया है, लेकिन यहां वार्ड चार का पंच पद रिक्त रह गया है। इसी तरह इंद्री खंड के रामपुरा में राजकली तो निर्विरोध चुना गया है लेकिन पंच के कुछ पद रिक्त रह गए हैं। असंध ब्लाक की दनौली ग्राम पंचायत में पवनदीप कौर को सरपंच निर्विरोध चुन लिया गया है, लेकिन एक पंच पद शेष है। नीलोखेड़ी ब्लाक के गिटलपुर में सोनिया को सर्वसम्मति से सरपंच चुन लिया गया है लेकिन यहां पंच के एक पद पर किसी ने नामांकन ही दाखिल नहीं किया है। हालांकि सभी निर्विरोध निर्वाचन की विधिवत घोषणा मतदान के बाद ही की जाएगी।
विज्ञापन
असमंजस
ये अलग बात है कि जिलें में पूर्ण निर्विरोध चुनी गई 12 ग्राम पंचायतों के अलावा शेष चार ग्राम पंचायतें सलारू, रामपुरा, दनौली व गिटलपुर में पूरी ग्राम पंचायतें ही निर्विरोध हैं, सिर्फ ऐसे पद रिक्त हैं, जिसमें किसी ने नामांकन ही दाखिल नहीं किया है। इन पंचायतों का पूर्ण निर्विरोध गठित माने या नहीं, इस पर अधिकारी मंथन कर रहे हैं। चुनाव आयोग से भी राय मांगी जा सकती है।
विज्ञापन
सर्वसम्मति में महिलाएं नंबर वन
- जिले की जिन 16 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है, इसमें नौ महिलाएं शामिल हैं। सात पुरुषों पर आमराय बनी है। इस बार महिलाओं को पचास प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, लेकिन महिलाओं ने चुनाव से पहले ही सर्वसम्मति से सरपंच बनकर अपनी ताकत का डंका बजा दिया है। ये भी खास बात है कि इनमें दनौली व गिटलपुर को छोड़ दे तो महिला सरंपचों की पूरी ग्राम पंचायत को ही सर्वसम्मति मिली है।