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व्यापारियों को राहत, अब 31 अगस्त तक भर सकेंगे वार्षिक रिटर्न
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अमर उजाला ब्यूूरो
करनाल। व्यापारियों के लिए राहत की खबर है। अब वे जीएसटी की वर्ष 2017-18 की वार्षिक रिटर्न 31 अगस्त तक दायर कर सकते हैं। जीएसटी काउंसिल की हुई 35वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया है। व्यापारियों ने इस निर्णय पर काउंसिल का आभार व्यक्त किया है।
बता दें कि अब से पहले वार्षिक रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 30 जून थी। लेकिन सेल-परचेज का रिकॉर्ड मिस मैच आने के कारण 90 प्रतिशत व्यापारी रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए। जिला कर बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट संजय मदान ने बताया कि काउंसिल के इस निर्णय से व्यापारियों को काफी राहत मिली है। अब वे दो माह में अपने रिकॉर्ड की कमियों को दुरुस्त कर सकते हैं। करनाल जिले में करीब 14600 व्यापारी जीएसटी में रजिस्टर्ड हैं।
200 रुपये प्रतिदिन का है जुर्माना
समय पर रिटर्न न दाखिल करने वाले व्यापारियों के लिए विभाग की ओर से जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। वार्षिक रिटर्न (जीएसटीआर-9) अंतिम तिथि तक दाखिल न करने वालों से 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूले जाने का प्रावधान है। अब अंतिम तिथि आगे बढ़ने पर व्यापारियों ने भी काफी राहत महसूस की है। व्यापारी अलोक, मुल्खराज, अशोक सिंगला का कहना है कि काउंसिल का यह निर्णय व्यापारियों के हक में है। दो माह में व्यापारी अपना रिकॉर्ड भी दुरुस्त कर सकते हैं।
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सीए से ऑडिट के झंझट को भी खत्म करे सरकार
वहीं जिन व्यापारियों का वार्षिक टर्नओवर दो करोड़ से अधिक है, उन्हें सीए की ऑडिट रिपोर्ट के साथ अपनी वार्षिक रिटर्न भरनी है। व्यापारियों ने काउंसिल से सीए की ऑडिट रिपोर्ट के झंझट को भी खत्म करने की मांग की है। व्यापारी जगदीश और सुदर्शन का कहना है कि व्यापारी अपनी रिटर्न विशेषज्ञों के माध्यम से दायर करवाते हैं। अब ऐसे में सीए से ऑडिट रिपोर्ट भी तैयार करवाना, उनके लिए दोहरी प्रक्रिया से गुजरने वाला है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर व्यापारियों की वार्षिक टर्नओवर दो करोड़ से अधिक है।
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करनाल। व्यापारियों के लिए राहत की खबर है। अब वे जीएसटी की वर्ष 2017-18 की वार्षिक रिटर्न 31 अगस्त तक दायर कर सकते हैं। जीएसटी काउंसिल की हुई 35वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया है। व्यापारियों ने इस निर्णय पर काउंसिल का आभार व्यक्त किया है।
बता दें कि अब से पहले वार्षिक रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 30 जून थी। लेकिन सेल-परचेज का रिकॉर्ड मिस मैच आने के कारण 90 प्रतिशत व्यापारी रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए। जिला कर बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट संजय मदान ने बताया कि काउंसिल के इस निर्णय से व्यापारियों को काफी राहत मिली है। अब वे दो माह में अपने रिकॉर्ड की कमियों को दुरुस्त कर सकते हैं। करनाल जिले में करीब 14600 व्यापारी जीएसटी में रजिस्टर्ड हैं।
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200 रुपये प्रतिदिन का है जुर्माना
समय पर रिटर्न न दाखिल करने वाले व्यापारियों के लिए विभाग की ओर से जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। वार्षिक रिटर्न (जीएसटीआर-9) अंतिम तिथि तक दाखिल न करने वालों से 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूले जाने का प्रावधान है। अब अंतिम तिथि आगे बढ़ने पर व्यापारियों ने भी काफी राहत महसूस की है। व्यापारी अलोक, मुल्खराज, अशोक सिंगला का कहना है कि काउंसिल का यह निर्णय व्यापारियों के हक में है। दो माह में व्यापारी अपना रिकॉर्ड भी दुरुस्त कर सकते हैं।
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सीए से ऑडिट के झंझट को भी खत्म करे सरकार
वहीं जिन व्यापारियों का वार्षिक टर्नओवर दो करोड़ से अधिक है, उन्हें सीए की ऑडिट रिपोर्ट के साथ अपनी वार्षिक रिटर्न भरनी है। व्यापारियों ने काउंसिल से सीए की ऑडिट रिपोर्ट के झंझट को भी खत्म करने की मांग की है। व्यापारी जगदीश और सुदर्शन का कहना है कि व्यापारी अपनी रिटर्न विशेषज्ञों के माध्यम से दायर करवाते हैं। अब ऐसे में सीए से ऑडिट रिपोर्ट भी तैयार करवाना, उनके लिए दोहरी प्रक्रिया से गुजरने वाला है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर व्यापारियों की वार्षिक टर्नओवर दो करोड़ से अधिक है।