{"_id":"5d0d2a398ebc3e1ca652c088","slug":"15611438509-karnal-news122","type":"story","status":"publish","title_hn":"वातावरण में अनुकूल गर्माहट नहीं बनने के कारण मानसून की चाल ढीली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वातावरण में अनुकूल गर्माहट नहीं बनने के कारण मानसून की चाल ढीली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पर्यावरण असंतुलन के कारण मानसून की मंद चाल ने प्रदेश के किसानों को चिंतित कर दिया है। इन दिनों धान रोपाई का कार्य जोरों पर है और किसान बेसब्री से मानसून का इंतजार कर रहे हैं। दो या तीन जुलाई को यहां मानसून के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। जिले में वीरवार से शुक्रवार सुबह तक 6.4 एमएम वर्षा दर्ज की गई लेकिन गर्मी से अभी राहत महसूस नहीं हुई। अभी गर्मी और बढ़ेगी।
इस बार जिले में अधिकतम तापमान का आंकड़ा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। पिछले कुछ समय में हलकी बूंदाबांदी होने की वजह से तापमान में गिरावट आई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 38.0 व न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता 4.5 एमएम रही। हवा की औसतन गति 11.6 किलोमीटर प्रति घंटा रही। शनिवार को मौसम साफ रहने का अनुमान है।
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मृदा एवं जल प्रबंधन प्रभाग के अध्यक्ष डा. डीएस बुंदेला का कहना है कि जिस गति से गर्मी बढ़नी चाहिए थी, ऐसा नहीं हुआ है। इस वजह से समय पर मानसून नहीं आया। यदि गर्मी नहीं बढ़ेगी तो मानसून प्रभावित हो सकता है। गर्मी बढ़ने की पूरी उम्मीद है। दो या तीन जुलाई को यहां मानसून की बारिश होने की संभावना है। प्राय: 26 से 28 जून के बीच यहां मानसून पहुंच जाता था। अबकी बार चार से पांच दिन लेट है।
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। पर्यावरण असंतुलन के कारण मानसून की मंद चाल ने प्रदेश के किसानों को चिंतित कर दिया है। इन दिनों धान रोपाई का कार्य जोरों पर है और किसान बेसब्री से मानसून का इंतजार कर रहे हैं। दो या तीन जुलाई को यहां मानसून के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। जिले में वीरवार से शुक्रवार सुबह तक 6.4 एमएम वर्षा दर्ज की गई लेकिन गर्मी से अभी राहत महसूस नहीं हुई। अभी गर्मी और बढ़ेगी।
इस बार जिले में अधिकतम तापमान का आंकड़ा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। पिछले कुछ समय में हलकी बूंदाबांदी होने की वजह से तापमान में गिरावट आई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 38.0 व न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता 4.5 एमएम रही। हवा की औसतन गति 11.6 किलोमीटर प्रति घंटा रही। शनिवार को मौसम साफ रहने का अनुमान है।
विज्ञापन
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मृदा एवं जल प्रबंधन प्रभाग के अध्यक्ष डा. डीएस बुंदेला का कहना है कि जिस गति से गर्मी बढ़नी चाहिए थी, ऐसा नहीं हुआ है। इस वजह से समय पर मानसून नहीं आया। यदि गर्मी नहीं बढ़ेगी तो मानसून प्रभावित हो सकता है। गर्मी बढ़ने की पूरी उम्मीद है। दो या तीन जुलाई को यहां मानसून की बारिश होने की संभावना है। प्राय: 26 से 28 जून के बीच यहां मानसून पहुंच जाता था। अबकी बार चार से पांच दिन लेट है।
विज्ञापन