फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   करनाल में 6.56 लाख वोटों से दोबारा खिला कमल

करनाल में 6.56 लाख वोटों से दोबारा खिला कमल

Fri, 24 May 2019 12:32 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 24 May 2019 12:32 AM IST
विज्ञापन
करनाल में 6.56 लाख वोटों से दोबारा खिला कमल
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

करनाल। करनाल लोकसभा का चुनाव परिणाम कई मायनों में प्रदेश और देश के लिए खास रहा। सीएम मनोहर लाल के गढ़ करनाल में भाजपा प्रत्याशी संजय भाटिया को जनता ने दिल खोलकर वोट दिए। भाटिया को बैलेट पेपर समेत कुल 1300722 वोटों में से 911594 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के कुलदीप शर्मा को 255452 वोटों से संतोष करना पड़ा। कांग्रेस के दिग्गज और पूर्व विधानसभा स्पीकर को भाटिया ने 656142 वोटों से करारी शिकस्त दी। अब तक हरियाणा और देश में ये जीत का सबसे बड़ा अंतर बताया जा रहा है। इतनी बड़ी जीत की भाजपाइयों को भी उम्मीद नहीं थी। हरेक राउंड में बढ़त को देखकर भाजपा नेता खुद हतप्रभ रह गए। रिकार्ड मतों से जीत पर भाजपाई जश्न में डूब गए। सेक्टर 14 स्थित श्रीकृष्णा मंदिर में भाजपा कार्यकर्ता और नेता ढोल की थाप थिरकते नजर आए।
कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह आठ बजे एसडी माडल स्कूल के अंदर मतगणना का कार्य शुरू हुआ। स्कूल में पांचों विधानसभा इंद्री, घरौंडा, नीलोखेड़ी, असंध और करवाल की अलग अलग काउंटिंग की गई। पानीपत जिले की चार विधानसभाओं को वोटों को गिनने के बाद एक एक करके 19 राउंड हुए। भाटिया ने पहले राउंड से कांग्रेस के शर्मा पर हजारों वोटों की बढ़त बनाई और अंतिम चरण तक इसकी संख्या बढ़ती गई। जैसे जैसे भाजपा प्रत्याशी की लीड बढ़ती गई, वैसे-वैसे ही स्कूल ग्राउंड से कांग्रेस नेता और वर्कर खिसकते रहे। देर शाम तक जारी किए गए परिणामों में संजय भाटिया को विजयी घोषित किया गया। जैसे ही जीत की घोषणा हुई तो भाजपा कार्यालय में ढोल बज गए। इस दौरान संजय भाटिया भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां पर मेयर रेणु बाला गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक सुखिजा, योगेंद्र राणा समेत अन्य नेताओं ने भाटिया का मुंह मीठा कराया और बधाई दी।
विज्ञापन


इसलिए एकतरफा जीते भाटिया
संजय भाटिया की इतनी बड़ी जीते के पीछे कई कारण हैं। पहला पीएम नरेंद्र मोदी का नाम और दूसरा सीएम मनोहर लाल की मेहनत। सीएम के गढ़ से चुनावी मैदान में उतरने के कारण लोकसभा क्षेत्र के सभी नौ विधायकों ने उनकी जीत के लिए पसीना बहाया। गांवों में बिना पर्ची और बिना खर्ची के नौरी मिलने कारण गांवों में भाजपा का खूब वोटें मिले। इसके अलावा, भाजपा की पन्ना प्रमुख बनाकर जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के कारण भाटिया को जीत मिली। प्रदेश सरकार द्वारा मेरिट के आधार पर नौकरी देने के कारण भी भाजपा के पक्ष में युवाओं ने खूब माहौल बनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन कारणों से बुरी तरह हारे कुलदीप शर्मा
कांग्रेस के कुलदीप शर्मा की गिनती दिग्गज नेताओं में होती है। देरी से मैदान मेें आना और दो बार गन्नौर से विधायक होने के कारण करनाल में कम समय देना भी उनकी हार का कारण बना। ब्राह्मण समाज के होने के बावजूद समाज के लोगों ने उन पर विश्वास नहीं जताया। उनकी हार के पीछे सबसे बड़ा कारण कांग्रेस का संगठन नहीं होना है। गुटबाजी का असर भी यहां देखने को मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed