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पार्षदों ने सुनाई खरी-खरी तो खिसक लिए अधिकारी
Updated Wed, 26 Jul 2017 12:07 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
विकास सहित अन्य मुद्दों पर मंगलवार को विकास भवन में बुलाई गई जिला परिषद की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। बिजली निगम द्वारा रात को घरों में घुसकर बिजली चोरी पकड़ने के मामले पर बैठक में जमकर बवाल हुआ। पार्षदों ने निगम अधिकारियों के इस कार्रवाई का विरोध करते हुए इस पर रोक लगाने को कहा तो निगम के कार्यकारी अभियंता ने पार्षद दीपक को निगेटिव विचारधारा का बताकर पॉजिटिव सोचने की सलाह दे डाली। इस पर पार्षद दीपक भड़क गए और अधिकारियों को खरी खरी सुनाने लगे। मामला इतना बढ़ गया कि बैठक में पहुंचे सभी विभागों के अधिकारी बैठक का बायकॉट कर बाहर निकल गए। इसके कारण बैठक को बीच में रही रोकना पड़ा।
बैठक बीच में रूकने से अन्य पार्षदों की समस्याओं की सुनवाई नहीं हो पाई। इससे पार्षदों में भी गुटबाजी नजर आई। बैठक में जिला परिषद सदस्यों पर अफसरशाही हावी दिखाई दी। किसी पार्षद ने अधिकारियों द्वारा एस्टीमेट पास न करने का रोना रोया तो किसी ने विकास कार्य न करने का। जब जिला परिषद सदस्य दीपक त्यागी ने बताया कि रात के समय बिजली निगम के अधिकारियों की टीम गांवों में बिना बताए घरों में घुसती है। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारी घरों में सो रही महिलाओं की चारपाई के ऊपर से भी कूद जाते हैं। ऐसे में महिलाओं का अपमान होता है। इसलिए कर्मचारियों को गांव का सरपंच या चौकीदार अपने साथ लेना चाहिए। इस बात का अन्य पार्षदों ने भी एक सुर में समर्थन किया। उसी समय 12 बजकर 30 मिनट पर देरी से बैठक में पहुंचे बिजली निगम के एक्सईएन यशवीर ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में लोग 85 प्रतिशत बिजली चोरी करते हैं, निगम तक केवल 15 प्रतिशत बिजली का ही बिल पहुंचता है। जब एक्सईएन ने जगमग योजना के बारे में बताया तो, पार्षद ने कहा कि यह योजना सभी विधायकों ओर मंत्रियों के गांव में क्यों नहीं लागू होती? जब पार्षद त्यागी ने चेयरमैन उषा मेहला को अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही तो बिजली निगम के एक्सईएन भड़क गए।
एक्सईएन यशवीर पार्षद से बोले कि आप निगेटिव ही बोल रहे हो। पार्षद दीपक त्यागी ने भड़ककर एक्सईएन की बात पर पलटवार करते हुए कहा कि वह कौन हैं, उसे निगेटिव बताने वाले। त्यागी ने कहा एक तो आप लेट आए हो, ऊपर से पार्षदों को ही गलत बता रहे हो। वहीं बैठक में बैठे अन्य अधिकारियों ने भी एक सुर में दीपक की बातों का विरोध किया। इसके बाद सभी अधिकारियों ने एक दूसरे की तरफ देखा और बैठक का बायकॉट कर सदन से बाहर निकल गए। बैठक में जिला परिषद की उपाध्यक्षा बाला देवी, अशोक मित्तल, चंचल राणा, बलवान सिंह, दीपक त्यागी, दीक्षा रानी, सचिन बुढनपुर सहित अन्य सदस्य तथा जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमन धनखड़, डीडीपीओ कुलभूषण बंसल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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डीफएससी से कोई नहीं पहुंचा, बिजली निगम से लेट आए
जिला परिषद की बैठक में कई विभागों से अधिकारी नहीं पहुंचे थे। इस पर चेयरमैन उषा मेहला और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमन धनखड़ ने बिना बताए अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी करने की बात कही। जब बिजली अधिकारियों द्वारा बिना बताए छापा मारने की बात बैठक में उठी तो करीब साढ़े 12 बजे बिजली निगम के एक्सईएन यशवीर पहुंचे। वहीं डीएफएससी विभाग से कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचे थे। बार बार बैठक में सभी पार्षद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते रहे। -------------------------------------
बैठक में रखे ये एजेंडे
1. जिला परिषद की रेलवे रोड और जीटी रोड की दुकानों का किराया निर्धारित करने का फैसला अगली बैठक तक लंबित रखा गया। 2. करनाल स्मार्ट सिटी की योजना को आगे बढ़ाने के लिए विकास भवन के प्रथम तल को जिलाधीश द्वारा अधिगृहित करने को सभी सदस्यों द्वारा मंजूरी दी गई।
3. क्रिकेट खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए स्टेडियम के साथ लगती जिला परिषद की जमीन को किराए पर देने का केस हरियाणा सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
4. जिला परिषद के प्रधान तथा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्यालय के लिए फर्नीचर खरीदने के प्रस्ताव को सभी सदस्यों द्वारा बैठक में पास किया गया।
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बड़सत गांव में नहीं मिल रहा पीने का पानी, बीडीपीओ नहीं सुनते
दीपक त्यागी ने मुद्दा उठाया कि पिछले कई माह से बडसत गांव के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा। इस बारे में वह कई बार बीडीपीओ और एसडीएम से मिल चुका है। घरौंडा बीडीपीओ ने बताया कि उसने सरपंच से बात की थी, सरपंच ने कहा कि यहां कोई समस्या नहीं हे। जिला परिषद की चेयरमैन ने बीडीपीओ को इसकी जांच करके रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
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बैठक में हां भर देते और बाहर जाकर सुनते भी नहीं अधिकारी
बैठक में पहुंचे सचिन बुढ़नपुर खालसा ने कहा कि उनके गांव में पब्लिक हेल्थ का टयूब्वैल है। उस पर जो युवक सरपंच ने लगाया है वह स्कूल में भी नौकरी करता है। इस कारण वह जब लाइट आती है तो टयूबवैल नहीं चला पाता। उसे हटाकर दूसरा लगाया जाए। संबधित विभाग के एसडीओ ने इसे नोट किया और कार्रवाई करने की बात कही। सचिन ने कहा कि यहां तो सभी अधिकारी काम करने की हां भर लेते हैं, लेकिन सदन से बाहर जाने के बाद कोई नहीं सुनता।
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चेयरमैन ने समझाया तो दीपक ने कहा अगली बैठक में मांगेगा माफी
बैठक का बायकाट करने के बाद जब सभी अधिकारी चले गए तो सभी सदस्यों और चेयरमैन उषा मेहला ने दीपक को कहा कि उसने अधिकारियों को गलत बोला है, उसे ऐसा नहीं बोलना चाहिए था। इस पर पार्षद त्यागी बोले की वह इसके बाद कभी बैठक में नहीं आएगा, लेकिन अपनी आवाज को दबने नहीं दूंगा।
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करनाल।
विकास सहित अन्य मुद्दों पर मंगलवार को विकास भवन में बुलाई गई जिला परिषद की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। बिजली निगम द्वारा रात को घरों में घुसकर बिजली चोरी पकड़ने के मामले पर बैठक में जमकर बवाल हुआ। पार्षदों ने निगम अधिकारियों के इस कार्रवाई का विरोध करते हुए इस पर रोक लगाने को कहा तो निगम के कार्यकारी अभियंता ने पार्षद दीपक को निगेटिव विचारधारा का बताकर पॉजिटिव सोचने की सलाह दे डाली। इस पर पार्षद दीपक भड़क गए और अधिकारियों को खरी खरी सुनाने लगे। मामला इतना बढ़ गया कि बैठक में पहुंचे सभी विभागों के अधिकारी बैठक का बायकॉट कर बाहर निकल गए। इसके कारण बैठक को बीच में रही रोकना पड़ा।
बैठक बीच में रूकने से अन्य पार्षदों की समस्याओं की सुनवाई नहीं हो पाई। इससे पार्षदों में भी गुटबाजी नजर आई। बैठक में जिला परिषद सदस्यों पर अफसरशाही हावी दिखाई दी। किसी पार्षद ने अधिकारियों द्वारा एस्टीमेट पास न करने का रोना रोया तो किसी ने विकास कार्य न करने का। जब जिला परिषद सदस्य दीपक त्यागी ने बताया कि रात के समय बिजली निगम के अधिकारियों की टीम गांवों में बिना बताए घरों में घुसती है। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारी घरों में सो रही महिलाओं की चारपाई के ऊपर से भी कूद जाते हैं। ऐसे में महिलाओं का अपमान होता है। इसलिए कर्मचारियों को गांव का सरपंच या चौकीदार अपने साथ लेना चाहिए। इस बात का अन्य पार्षदों ने भी एक सुर में समर्थन किया। उसी समय 12 बजकर 30 मिनट पर देरी से बैठक में पहुंचे बिजली निगम के एक्सईएन यशवीर ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में लोग 85 प्रतिशत बिजली चोरी करते हैं, निगम तक केवल 15 प्रतिशत बिजली का ही बिल पहुंचता है। जब एक्सईएन ने जगमग योजना के बारे में बताया तो, पार्षद ने कहा कि यह योजना सभी विधायकों ओर मंत्रियों के गांव में क्यों नहीं लागू होती? जब पार्षद त्यागी ने चेयरमैन उषा मेहला को अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही तो बिजली निगम के एक्सईएन भड़क गए।
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एक्सईएन यशवीर पार्षद से बोले कि आप निगेटिव ही बोल रहे हो। पार्षद दीपक त्यागी ने भड़ककर एक्सईएन की बात पर पलटवार करते हुए कहा कि वह कौन हैं, उसे निगेटिव बताने वाले। त्यागी ने कहा एक तो आप लेट आए हो, ऊपर से पार्षदों को ही गलत बता रहे हो। वहीं बैठक में बैठे अन्य अधिकारियों ने भी एक सुर में दीपक की बातों का विरोध किया। इसके बाद सभी अधिकारियों ने एक दूसरे की तरफ देखा और बैठक का बायकॉट कर सदन से बाहर निकल गए। बैठक में जिला परिषद की उपाध्यक्षा बाला देवी, अशोक मित्तल, चंचल राणा, बलवान सिंह, दीपक त्यागी, दीक्षा रानी, सचिन बुढनपुर सहित अन्य सदस्य तथा जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमन धनखड़, डीडीपीओ कुलभूषण बंसल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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डीफएससी से कोई नहीं पहुंचा, बिजली निगम से लेट आए
जिला परिषद की बैठक में कई विभागों से अधिकारी नहीं पहुंचे थे। इस पर चेयरमैन उषा मेहला और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमन धनखड़ ने बिना बताए अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी करने की बात कही। जब बिजली अधिकारियों द्वारा बिना बताए छापा मारने की बात बैठक में उठी तो करीब साढ़े 12 बजे बिजली निगम के एक्सईएन यशवीर पहुंचे। वहीं डीएफएससी विभाग से कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचे थे। बार बार बैठक में सभी पार्षद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते रहे। -------------------------------------
बैठक में रखे ये एजेंडे
1. जिला परिषद की रेलवे रोड और जीटी रोड की दुकानों का किराया निर्धारित करने का फैसला अगली बैठक तक लंबित रखा गया। 2. करनाल स्मार्ट सिटी की योजना को आगे बढ़ाने के लिए विकास भवन के प्रथम तल को जिलाधीश द्वारा अधिगृहित करने को सभी सदस्यों द्वारा मंजूरी दी गई।
3. क्रिकेट खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए स्टेडियम के साथ लगती जिला परिषद की जमीन को किराए पर देने का केस हरियाणा सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
4. जिला परिषद के प्रधान तथा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्यालय के लिए फर्नीचर खरीदने के प्रस्ताव को सभी सदस्यों द्वारा बैठक में पास किया गया।
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बड़सत गांव में नहीं मिल रहा पीने का पानी, बीडीपीओ नहीं सुनते
दीपक त्यागी ने मुद्दा उठाया कि पिछले कई माह से बडसत गांव के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा। इस बारे में वह कई बार बीडीपीओ और एसडीएम से मिल चुका है। घरौंडा बीडीपीओ ने बताया कि उसने सरपंच से बात की थी, सरपंच ने कहा कि यहां कोई समस्या नहीं हे। जिला परिषद की चेयरमैन ने बीडीपीओ को इसकी जांच करके रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
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बैठक में हां भर देते और बाहर जाकर सुनते भी नहीं अधिकारी
बैठक में पहुंचे सचिन बुढ़नपुर खालसा ने कहा कि उनके गांव में पब्लिक हेल्थ का टयूब्वैल है। उस पर जो युवक सरपंच ने लगाया है वह स्कूल में भी नौकरी करता है। इस कारण वह जब लाइट आती है तो टयूबवैल नहीं चला पाता। उसे हटाकर दूसरा लगाया जाए। संबधित विभाग के एसडीओ ने इसे नोट किया और कार्रवाई करने की बात कही। सचिन ने कहा कि यहां तो सभी अधिकारी काम करने की हां भर लेते हैं, लेकिन सदन से बाहर जाने के बाद कोई नहीं सुनता।
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चेयरमैन ने समझाया तो दीपक ने कहा अगली बैठक में मांगेगा माफी
बैठक का बायकाट करने के बाद जब सभी अधिकारी चले गए तो सभी सदस्यों और चेयरमैन उषा मेहला ने दीपक को कहा कि उसने अधिकारियों को गलत बोला है, उसे ऐसा नहीं बोलना चाहिए था। इस पर पार्षद त्यागी बोले की वह इसके बाद कभी बैठक में नहीं आएगा, लेकिन अपनी आवाज को दबने नहीं दूंगा।