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बेटी का भविष्य संवारने व सुरक्षित बनाने के लिए सुकन्या समृद्घि खाता योजना एक वरदान - डीसी
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सुकन्या समृद्धि खाता योजना बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का ही एक हिस्सा है। घरेलू बचत के लिए सरकार की यह एक अच्छी पहल है। सुकन्या समृद्धि खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर में निशुल्क ट्रांसफर किया जा सकता है। जमा राशि पर लगने वाला ब्याज पूर्णत: टैक्स फ्री है तथा इसमें आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत छूट भी प्राप्त है।
यह जानकारी देते हुए उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि देश में हर बेटी के लिए पैसा बचाना यानी बचत जरूरी है। इस विचार पर भरोसा जगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 4 वर्ष पहले हरियाणा के ऐतिहासिक नगर पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शरूआत की थी। उन्होंने बताया कि सुकन्या योजना के तहत माता, पिता या कानूनी अभिभावक अधिकतम 2 लड़कियों के लिए यह खाता खुलवा सकते हैं। लड़की की उम्र 0 से 10 साल तक सुकन्या समृद्धि खाता खोला जा सकता है। पात्र लाभार्थी भारत का निवासी होना चाहिए। एकाउंट लड़की के नाम से ही खोला जा सकता है। जमाकर्ता (अभिभावक ) माता, पिता में से एक होगा जो नाबालिग लड़की की ओर से पैसा जमा करेगा। खाता मात्र 250 रुपये से खोला जा सकता है लेकिन साल में कम से कम एक हजार रुपये हर खाते में जमा होने चाहिए, अधिक से अधिक डेढ़ लाख रुपये वर्ष में जमा किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना में चालू वित्तीय वर्ष के लिए ब्याज की दर 8.5 रखी गई है जो सरकार के निर्णय अनुसार बढ़ाई भी जा सकती है। ब्याज की गणना सालाना होगी। अभिभावक इस एकाउंट में 14 साल तक ही पैसे जमा करवा सकते हैं।
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करनाल। सुकन्या समृद्धि खाता योजना बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का ही एक हिस्सा है। घरेलू बचत के लिए सरकार की यह एक अच्छी पहल है। सुकन्या समृद्धि खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर में निशुल्क ट्रांसफर किया जा सकता है। जमा राशि पर लगने वाला ब्याज पूर्णत: टैक्स फ्री है तथा इसमें आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत छूट भी प्राप्त है।
यह जानकारी देते हुए उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि देश में हर बेटी के लिए पैसा बचाना यानी बचत जरूरी है। इस विचार पर भरोसा जगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 4 वर्ष पहले हरियाणा के ऐतिहासिक नगर पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शरूआत की थी। उन्होंने बताया कि सुकन्या योजना के तहत माता, पिता या कानूनी अभिभावक अधिकतम 2 लड़कियों के लिए यह खाता खुलवा सकते हैं। लड़की की उम्र 0 से 10 साल तक सुकन्या समृद्धि खाता खोला जा सकता है। पात्र लाभार्थी भारत का निवासी होना चाहिए। एकाउंट लड़की के नाम से ही खोला जा सकता है। जमाकर्ता (अभिभावक ) माता, पिता में से एक होगा जो नाबालिग लड़की की ओर से पैसा जमा करेगा। खाता मात्र 250 रुपये से खोला जा सकता है लेकिन साल में कम से कम एक हजार रुपये हर खाते में जमा होने चाहिए, अधिक से अधिक डेढ़ लाख रुपये वर्ष में जमा किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना में चालू वित्तीय वर्ष के लिए ब्याज की दर 8.5 रखी गई है जो सरकार के निर्णय अनुसार बढ़ाई भी जा सकती है। ब्याज की गणना सालाना होगी। अभिभावक इस एकाउंट में 14 साल तक ही पैसे जमा करवा सकते हैं।
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