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134ए : दाखिला न देने वाले स्कूलों की मान्यता हो सकती है रद्द
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नियम 134ए के तहत दाखिला न देने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द हो सकती है। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को यह चेतावनी दी है। साथ ही दाखिला देने के लिए स्कूलों को एक और मौका दिया है। यदि अब भी स्कूलों ने अपना रवैया नहीं बदला तो कार्रवाई हो सकती है।
शिक्षा विभाग की ओर से जिले में ऐसे 135 स्कूलों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने अब तक एक भी विद्यार्थी को दाखिला नहीं दिया है।
दाखिला प्रक्रिया शुरू हुए 35 दिन बीत चुके हैं। निदेशालय की ओर से कहा गया है कि जिन्हें स्कूल आवंटित हुआ है, प्रत्येक बच्चे के आवेदन पर विचार किया जाए। परिवार पहचान पत्र के माध्यम से उनकी आय की जांच हो। यदि आय दो लाख रुपये से ज्यादा मिलती है तो उनके आवेदन को रद्द किया जाए। यदि उनकी आय नियम के दायरे में आती है तो उनका दाखिला करके पोर्टल पर अपडेट करें। विभाग की ओर से दाखिले का पोर्टल अभी चल रहा है। जबकि दाखिले के लिए अंतिम तिथि 15 जनवरी थी।
1100 विद्यार्थियों को दाखिले का इंतजार
कई स्कूलों की ओर से वीरवार को भी दाखिले दिए गए। जिले के सभी छह खंडों में 2724 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित हुए थे। इनमें से अब तक 1200 से ज्यादा विद्यार्थियों के दाखिले हो चुके हैं और 283 विद्यार्थियों के दाखिले स्कूलों की ओर से निरस्त कर दिए गए हैं। करीब 1100 विद्यार्थियों को दाखिले का अब भी इंतजार है। पोर्टल खुला है।
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फीस का कर चुके भुगतान, दाखिला दें स्कूल
जिले के जिन स्कूलों की फीस बकाया थी, उनके खातों में विभाग ने पैसे डलवा दिए हैं। कुल 1.62 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। जिन स्कूलों ने पोर्टल पर इसके लिए आवेदन नहीं किया था, उनके भी आवेदन मांगे गए हैं, उनकी फीस भी दी जाएगी। जिन स्कूलों की पिछले साल से पहले की भी फीस बकाया है, उसके आवेदन के लिए भी पोर्टल खोला जाएगा। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि सभी का भुगतान हो रहा है ऐसे में स्कूलों को दाखिले देने चाहिए।
दाखिला न देने वाले स्कूलों की सूची निदेशालय को भेज दी है। विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों को दाखिला करने की एक अंतिम चेतावनी दी गई है। 50 प्रतिशत विद्यार्थियों के दाखिले हो चुके हैं।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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करनाल। नियम 134ए के तहत दाखिला न देने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द हो सकती है। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को यह चेतावनी दी है। साथ ही दाखिला देने के लिए स्कूलों को एक और मौका दिया है। यदि अब भी स्कूलों ने अपना रवैया नहीं बदला तो कार्रवाई हो सकती है।
शिक्षा विभाग की ओर से जिले में ऐसे 135 स्कूलों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने अब तक एक भी विद्यार्थी को दाखिला नहीं दिया है।
दाखिला प्रक्रिया शुरू हुए 35 दिन बीत चुके हैं। निदेशालय की ओर से कहा गया है कि जिन्हें स्कूल आवंटित हुआ है, प्रत्येक बच्चे के आवेदन पर विचार किया जाए। परिवार पहचान पत्र के माध्यम से उनकी आय की जांच हो। यदि आय दो लाख रुपये से ज्यादा मिलती है तो उनके आवेदन को रद्द किया जाए। यदि उनकी आय नियम के दायरे में आती है तो उनका दाखिला करके पोर्टल पर अपडेट करें। विभाग की ओर से दाखिले का पोर्टल अभी चल रहा है। जबकि दाखिले के लिए अंतिम तिथि 15 जनवरी थी।
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1100 विद्यार्थियों को दाखिले का इंतजार
कई स्कूलों की ओर से वीरवार को भी दाखिले दिए गए। जिले के सभी छह खंडों में 2724 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित हुए थे। इनमें से अब तक 1200 से ज्यादा विद्यार्थियों के दाखिले हो चुके हैं और 283 विद्यार्थियों के दाखिले स्कूलों की ओर से निरस्त कर दिए गए हैं। करीब 1100 विद्यार्थियों को दाखिले का अब भी इंतजार है। पोर्टल खुला है।
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फीस का कर चुके भुगतान, दाखिला दें स्कूल
जिले के जिन स्कूलों की फीस बकाया थी, उनके खातों में विभाग ने पैसे डलवा दिए हैं। कुल 1.62 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। जिन स्कूलों ने पोर्टल पर इसके लिए आवेदन नहीं किया था, उनके भी आवेदन मांगे गए हैं, उनकी फीस भी दी जाएगी। जिन स्कूलों की पिछले साल से पहले की भी फीस बकाया है, उसके आवेदन के लिए भी पोर्टल खोला जाएगा। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि सभी का भुगतान हो रहा है ऐसे में स्कूलों को दाखिले देने चाहिए।
दाखिला न देने वाले स्कूलों की सूची निदेशालय को भेज दी है। विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों को दाखिला करने की एक अंतिम चेतावनी दी गई है। 50 प्रतिशत विद्यार्थियों के दाखिले हो चुके हैं।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी