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स्कूल के सामने बाइक सवार मनचले बेटियों के साथ कर रहे हैं छेड़खानी, बेटियं परेशान
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घरौंडा। प्रदेश में चल रहे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के बावजूद बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार नहीं हो रहा है। सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राएं मनचलों के खौफ से असुरक्षित हैं। स्कूल टाइमिंग के दौरान शहर के रेलवे रोड स्थित गर्ल्स स्कूल व धर्मबीर कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल के आसपास मनचलों का जमावड़ा रहता है। छात्राओं की छुट्टी होने से कुछ मिनट पहले ही मनचले युवक अपनी बाइकों पर स्कूल के सामने आकर खड़े हो जाते हैं। छुट्टी के समय होने वाली भीड़भाड़ की आड़ में स्कूली छात्राओं के साथ छेड़खानी करने से बाज नहीं आ रहे। मनचलों की इन हरकतों से छात्राएं ही नहीं, रेलवे रोड के दुकानदार भी परेशान हैं।
कुछ दिन खड़ी हुई पुलिस
दोपहर के साढ़े तीन बजते ही जीटी रोड से लेकर रेलवे स्टेशन के बीच बाइक सवार मनचलों की गतिविधियां तेज हो जाती हैं। एक बाइक पर सवार तीन से चार युवक अलग-अलग चौक चौराहों पर चक्कर काटना शुरू कर देते हैं। रेलवे रोड एसोसिएशन के प्रधान राजेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, रजत, प्रवीन कुमार, संदीप कुमार, मनोज कुमार, अशोक कुमार व अन्य का कहना है कि स्कूल खुलने के कुछ दिनों तक पुलिस पीसीआर और राइडर खड़ी हुई थी। पुलिस के डर से कोई भी बाइक सवार स्कूल के सामने नहीं खड़ा होता था, लेकिन करीब दो माह से स्कूल के सामने कोई भी पीसीआर नहीं खड़ी होती। जिससे मनचलों के हौसले बढ़ते जा रहे है। बेटियों की सुरक्षा के लिए कोई भी इंतजाम नहीं हैं। जब से पुलिस खड़ी होना बंद हुई है, वैसे ही मनचलों की तादाद भी बढ़ती जा रही है।
तकिया मार्केट में भी यही समस्या
शहरवासियों का कहना है कि तकिया बाजार में भी गर्ल्स स्कूल की छात्राओं को इसी परेशानी से हर रोज दो-चार होना पड़ता था। वहां पर भी स्कूल की छुट्टी के समय मनचले खड़े हो जाते थे और छुट्टी होने के बाद छात्राओं से छेड़छाड़ करते थे।
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शहर में समय-समय पर पुलिस द्वारा गश्त की जाती है। कन्या स्कूल के लिए छुट्टी के समय पीसीआर तैनात की गई थी। फिलहाल कुछ समय से ड्यूटी के कारण पीसीआर की गश्त टाइमिंग चेंज हुई है। जल्द ही पीसीआर या राइडर की ड्यूटी छात्राओं की छुट्टी के समय लगा दी जाएगी।
-दीपक कुमार, थाना प्रभारी, घरौंडा।
कुछ दिन खड़ी हुई पुलिस
दोपहर के साढ़े तीन बजते ही जीटी रोड से लेकर रेलवे स्टेशन के बीच बाइक सवार मनचलों की गतिविधियां तेज हो जाती हैं। एक बाइक पर सवार तीन से चार युवक अलग-अलग चौक चौराहों पर चक्कर काटना शुरू कर देते हैं। रेलवे रोड एसोसिएशन के प्रधान राजेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, रजत, प्रवीन कुमार, संदीप कुमार, मनोज कुमार, अशोक कुमार व अन्य का कहना है कि स्कूल खुलने के कुछ दिनों तक पुलिस पीसीआर और राइडर खड़ी हुई थी। पुलिस के डर से कोई भी बाइक सवार स्कूल के सामने नहीं खड़ा होता था, लेकिन करीब दो माह से स्कूल के सामने कोई भी पीसीआर नहीं खड़ी होती। जिससे मनचलों के हौसले बढ़ते जा रहे है। बेटियों की सुरक्षा के लिए कोई भी इंतजाम नहीं हैं। जब से पुलिस खड़ी होना बंद हुई है, वैसे ही मनचलों की तादाद भी बढ़ती जा रही है।
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तकिया मार्केट में भी यही समस्या
शहरवासियों का कहना है कि तकिया बाजार में भी गर्ल्स स्कूल की छात्राओं को इसी परेशानी से हर रोज दो-चार होना पड़ता था। वहां पर भी स्कूल की छुट्टी के समय मनचले खड़े हो जाते थे और छुट्टी होने के बाद छात्राओं से छेड़छाड़ करते थे।
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शहर में समय-समय पर पुलिस द्वारा गश्त की जाती है। कन्या स्कूल के लिए छुट्टी के समय पीसीआर तैनात की गई थी। फिलहाल कुछ समय से ड्यूटी के कारण पीसीआर की गश्त टाइमिंग चेंज हुई है। जल्द ही पीसीआर या राइडर की ड्यूटी छात्राओं की छुट्टी के समय लगा दी जाएगी।
-दीपक कुमार, थाना प्रभारी, घरौंडा।