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मेयर ने जांची शहर की व्यवस्था, गंदगी मिलने पर शाम को निगम अधिकारियों की बैठक बुला की खिंचाई
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सफाई को लेकर अमर उजाला द्वारा चलाई गई मुहिम का असर दिखने लगा है। पिछले पांच दिन से स्वच्छता के नाम पर चल रहे गड़बड़झाले को लेकर खोली गई परतों के बाद आखिरकार नगर निगम की मेयर रेणु बाला गुप्ता ने शहर की सफाई व्यवस्था जांची। निरीक्षण के दौरान गंदगी मिलने पर मेयर गुस्सा गई और उन्होंने मौके पर अधिकारियों को तलब किया। कई स्थानों पर गंदगी पाए जाने पर मेयर ने कड़े शब्दों में अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मामले में कड़ा संज्ञान लें। स्वच्छता के मामले में लापरवाही कतई सहन की जाएगी। इतना ही नहीं शहर के खराब हालात देखते हुए मेयर ने शाम को विकास सदन में सफाई ब्रांच से संबंधित सभी अधिकारियों व ठेकेदारों की बैठक बुलाई। विकास सदन मेें करीब एक घंटे तक चली बैठक में स्वच्छता व डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन अभियान की फीडबैक ली। इस दौरान, मेयर ने सुपरवाइजरों की भी क्लास ली और शहरवासियों से लिए जा रहे पैसे की भी जानकारी ली।
बता दें कि पिछले पांच दिन से अमर उजाला ने अलग-अलग दिन सफाई को लेकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए। इसमें बताया गया कि किस प्रकार से निगम सफाई के नाम ठेकेदारों को 27 करोड़ रुपए सालाना दे रही है, जबकि शहरवासी निजी तौर पर पैसे देकर घरों से कूड़ा उठवा रहे हैं। इसके साथ ही अमर उजाला ने सभी पार्षदों, सीनियर सिटीजनों के विचार जानें और सभी ने एक सुर में कही सफाई व्यवस्था सही नहीं चल रही है। इसके बाद शुक्रवार दोपहर को नगर निगम की मेयर रेणु बाला गुप्ता ने शहर की सफाई व्यवस्था जांची। सबसे पहले मेयर हांसी रोड होते हुए शिव कालोनी पहुंची। इस दौरान रास्ते में कई स्थानों पर पड़ी गंदगी देखकर मेयर ने अधिकारियों को कूड़ा उठवाने के निर्देश दिए। इसके बाद मेयर ने माडल टाउन, सेक्टर 13 का दौरा किया। यहां पर भी गंदगी मिली। हालात खराब देखने के बाद मेयर ने शाम 4 बजे निगम के अधिकारियों वे ठेकेदारों की बैठक बुलाई। विकास सदन में हुई बैठक में डीएमसी धीरज कुमार, सीयिनर सेनेटरी इंस्पेक्टर एसएस सोढ़ी, सुरेंद्र चोपड़ा समेत ठेकेदारों के सुपरवाइजर मौजूद रहे। करीब एक घंटे तक चली बैठक में मेयर ने एक एक करके सभी जोन प्रभारियों से बात की और सफाई को लेकर फीडबैक लिया। कई जगहों पर मिली खामियों को लेकर मेयर ने सफाई अधिकारियों वे ठेकेदारों के कारिंदों की खिंचाई की। बैठक में ये भी सामने आई कि निजी तौर पर कर्मचारी कूड़ा उठा रहे हैं और ठेकेदार उनसे 30 रुपए प्रति माह वसूल रहा है। इसके साथ ही कई ऐसे स्थान हैं, जहां पर निगम की गाड़ी और कर्मचारी सफाई के लिए नहीं जाते। पूरे मामले में मेर ने आदेश दिए कि शहर का सारा इलाका इसमें शामिल हो और किसी भी प्रकार की कमी न रहे।
बैठक में नहीं पहुंचा एक भी ठेकेदार
बता दें कि शहर की सफाई को लेकर शहर को चार जोनों में बांटा गया है। इसके लिए चार ठेकेदारों को सफाई का जिम्मा दिया गया। शुक्रवार को मेयर द्वारा बुलाई गई बैठक में सफाई अधिकारियों समेत ठेकेदारों को भी बुलाया गया था, लेकिन बैठक में एक भी ठेकेदार नहीं पहुंचा। हालांकि, ठेकेदारों ने अपने प्रतिनिधि के तौर पर सुपरवाइजरों को जरूर बैठक में भेजा। सवाल ये है कि क्या निगम के ठेकेदार निगम के अधिकारियों और मेयर पर भी भारी हैं? बैठक के बुलावे के बाद भी ठेकेदारों का मीटिंग में शामिल न होना कई सवाल खड़े करता है।
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सफाई को लेकर की समीक्षा : डीएमसी
इस बारे में डीएमसी धीरज कुमार का कहना है कि मेयर रेणु बाला गुप्ता की अध्यक्षता में सफाई को लेकर बैठक हुई। बैठक में डोर डू डोर कचरा कलेक्शन समेत पूरी सफाई व्यवस्था पर मंथन किया गया। साथ ही कमियों को चिन्हित किया गया है। कुछ स्थानों पर कमी है, जल्द ही उनको दूर कर लिया जाएगा। जहां तक कूड़ा उठाने वालों को पैसे देने की बात है तो शहरवासियों को चाहिए वे पैसे दें तो पाश मशीन से ठेकेदार के कर्मी से रसीद जरूर लें। इसके अलावा, निजी कर्मचारियों द्वारा कूड़ा उठाने के मामले में भी जल्द ही उनके साथ बैठक की जाएगी और इसका समाधान किया जाएगा।
करनाल। सफाई को लेकर अमर उजाला द्वारा चलाई गई मुहिम का असर दिखने लगा है। पिछले पांच दिन से स्वच्छता के नाम पर चल रहे गड़बड़झाले को लेकर खोली गई परतों के बाद आखिरकार नगर निगम की मेयर रेणु बाला गुप्ता ने शहर की सफाई व्यवस्था जांची। निरीक्षण के दौरान गंदगी मिलने पर मेयर गुस्सा गई और उन्होंने मौके पर अधिकारियों को तलब किया। कई स्थानों पर गंदगी पाए जाने पर मेयर ने कड़े शब्दों में अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मामले में कड़ा संज्ञान लें। स्वच्छता के मामले में लापरवाही कतई सहन की जाएगी। इतना ही नहीं शहर के खराब हालात देखते हुए मेयर ने शाम को विकास सदन में सफाई ब्रांच से संबंधित सभी अधिकारियों व ठेकेदारों की बैठक बुलाई। विकास सदन मेें करीब एक घंटे तक चली बैठक में स्वच्छता व डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन अभियान की फीडबैक ली। इस दौरान, मेयर ने सुपरवाइजरों की भी क्लास ली और शहरवासियों से लिए जा रहे पैसे की भी जानकारी ली।
बता दें कि पिछले पांच दिन से अमर उजाला ने अलग-अलग दिन सफाई को लेकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए। इसमें बताया गया कि किस प्रकार से निगम सफाई के नाम ठेकेदारों को 27 करोड़ रुपए सालाना दे रही है, जबकि शहरवासी निजी तौर पर पैसे देकर घरों से कूड़ा उठवा रहे हैं। इसके साथ ही अमर उजाला ने सभी पार्षदों, सीनियर सिटीजनों के विचार जानें और सभी ने एक सुर में कही सफाई व्यवस्था सही नहीं चल रही है। इसके बाद शुक्रवार दोपहर को नगर निगम की मेयर रेणु बाला गुप्ता ने शहर की सफाई व्यवस्था जांची। सबसे पहले मेयर हांसी रोड होते हुए शिव कालोनी पहुंची। इस दौरान रास्ते में कई स्थानों पर पड़ी गंदगी देखकर मेयर ने अधिकारियों को कूड़ा उठवाने के निर्देश दिए। इसके बाद मेयर ने माडल टाउन, सेक्टर 13 का दौरा किया। यहां पर भी गंदगी मिली। हालात खराब देखने के बाद मेयर ने शाम 4 बजे निगम के अधिकारियों वे ठेकेदारों की बैठक बुलाई। विकास सदन में हुई बैठक में डीएमसी धीरज कुमार, सीयिनर सेनेटरी इंस्पेक्टर एसएस सोढ़ी, सुरेंद्र चोपड़ा समेत ठेकेदारों के सुपरवाइजर मौजूद रहे। करीब एक घंटे तक चली बैठक में मेयर ने एक एक करके सभी जोन प्रभारियों से बात की और सफाई को लेकर फीडबैक लिया। कई जगहों पर मिली खामियों को लेकर मेयर ने सफाई अधिकारियों वे ठेकेदारों के कारिंदों की खिंचाई की। बैठक में ये भी सामने आई कि निजी तौर पर कर्मचारी कूड़ा उठा रहे हैं और ठेकेदार उनसे 30 रुपए प्रति माह वसूल रहा है। इसके साथ ही कई ऐसे स्थान हैं, जहां पर निगम की गाड़ी और कर्मचारी सफाई के लिए नहीं जाते। पूरे मामले में मेर ने आदेश दिए कि शहर का सारा इलाका इसमें शामिल हो और किसी भी प्रकार की कमी न रहे।
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बैठक में नहीं पहुंचा एक भी ठेकेदार
बता दें कि शहर की सफाई को लेकर शहर को चार जोनों में बांटा गया है। इसके लिए चार ठेकेदारों को सफाई का जिम्मा दिया गया। शुक्रवार को मेयर द्वारा बुलाई गई बैठक में सफाई अधिकारियों समेत ठेकेदारों को भी बुलाया गया था, लेकिन बैठक में एक भी ठेकेदार नहीं पहुंचा। हालांकि, ठेकेदारों ने अपने प्रतिनिधि के तौर पर सुपरवाइजरों को जरूर बैठक में भेजा। सवाल ये है कि क्या निगम के ठेकेदार निगम के अधिकारियों और मेयर पर भी भारी हैं? बैठक के बुलावे के बाद भी ठेकेदारों का मीटिंग में शामिल न होना कई सवाल खड़े करता है।
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सफाई को लेकर की समीक्षा : डीएमसी
इस बारे में डीएमसी धीरज कुमार का कहना है कि मेयर रेणु बाला गुप्ता की अध्यक्षता में सफाई को लेकर बैठक हुई। बैठक में डोर डू डोर कचरा कलेक्शन समेत पूरी सफाई व्यवस्था पर मंथन किया गया। साथ ही कमियों को चिन्हित किया गया है। कुछ स्थानों पर कमी है, जल्द ही उनको दूर कर लिया जाएगा। जहां तक कूड़ा उठाने वालों को पैसे देने की बात है तो शहरवासियों को चाहिए वे पैसे दें तो पाश मशीन से ठेकेदार के कर्मी से रसीद जरूर लें। इसके अलावा, निजी कर्मचारियों द्वारा कूड़ा उठाने के मामले में भी जल्द ही उनके साथ बैठक की जाएगी और इसका समाधान किया जाएगा।