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मंडियों में लापरवाही : 12 एमएम बारिश में भीगा 15 हजार क्विंटल गेहूं, खराब होने की संभावना
Updated Tue, 10 Apr 2018 01:44 AM IST
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मंडियों में लापरवाही : 12 एमएम बारिश में भीगा 15 हजार क्विंटल गेहूं, खराब होने की संभावना
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
कई दिनों से आसमान में छाए बादल सोमवार अल सुबह बिजली की कड़कड़ाहट के साथ बरस उठे। शहर में हुई 12.2 एमएम बारिश से ही शहर में कई जगह पानी भर गया तो अनाज मंडी में किसानों का सोना भीग गया। बारिश के साथ 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवा ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बिछा दी। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई हैं। बारिश के कारण असंध, घरौंडा, नीलोखेड़ी, कुंजपुरा, तरावड़ी आदि मंडियों में गेहूं भीग गया। इस बारिश ने मार्केट कमेटी और आढ़तियों के दावों की हकीकत सामने ला दी। अनाज मंडी में भीगे हुए गेहूं का जायजा एसडीएम नरेंद्र मलिक ने लिया और आढ़तियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके बाद मार्केेट कमेटी ने उन छह आढ़तियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए, जिनके पास गेहूं को बारिश से बचाने की कोई व्यवस्था नहीं मिली थी। अनुमान है कि जिले की मंडियों में 15 हजार क्विंटल से ज्यादा गेहूं भीगा है।
12 अप्रैल तक रहेगी बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, सोमवार अल सुबह 12.2 एमएम बारिश हुई। इस दौरान 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। हवा में नमी की मात्रा सुबह के समय 98 और शाम को 60 प्रतिशत रही। सोमवार को करनाल का अधिकतम तापमान 28.5 और न्यूनतम तापमान 18.6 रहा। इस बारे में केंद्रीय मृदा एवं लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र बुंदेला का कहना है कि आगामी 12 अप्रैल तक मौसम बिगड़ा ही रहेगा। बादल छाए रहेंगे और बूंदाबांदी के आसार हैं।
कई स्थानों पर भरा पानी
शहर में पानी की निकासी न होने के कारण बारिश के बाद कई स्थानों पर पानी भर गया। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह बस स्टैंड, आईटीआई चौक के समीप कई जगहों पर पानी भर गया। इससे शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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असंध में शुरू नहीं हुई खरीद, बारिश ने बढ़ाई परेशानी
असंध। मंडी में किसानों की खून पसीने की कमाई को मिट्टी में मिलाया जा रहा है। अधिकारियों के सभी इंतजामों की पोल हल्की सी बारिश ने खोल दी। किसान शेर सिंह, जसबीर सिंह, खंजाची, जसविंद्र सिंह, प्रमोद ने कहा कि अन्य मंडियों में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है। असंध मंडी में अभी किसानों के गेहूं को नहीं खरीदा जा रहा। किसानों ने कहा कि किसानों का गेहूं भीगने के कारण किसानों का नुकसान हो रहा है। इस बारे में मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण धनखड़ ने बताया कि बिजली खराब होने के कारण हमने अपने स्तर पर जनरेटर लगा कर पानी निकासी के लिए प्रबंध की जा रहे है। सफाई कर्मचारी लगा दिए गए हैं। सचिव ने कहा कि गेहूं की बोली शुरु करवाने के लिए हैफेड अधिकारी ईश्वर सिंह और फूड सप्लाई इंचार्ज अशोक कुमार को निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जल्द ही पर्चेज शुरू करवा दी जाएगी।
आढ़तियों को निर्देश दिए थे कि वह बारिश में गेहूं की फसल न भीगने दें और तिरपाल रखें। इसके बावजूद कुछ आढ़तियों ने फसल को बारिश से बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। इस कारण किसानों का गेहूं भीग गया है। अब छह आढ़तियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।
-जिले सिंह, सचिव मार्केट कमेटी करनाल।
गेहूं को बारिश से बचाने के लिए आढ़तियों के पास पूरी व्यवस्था है। अल सुबह अचानक बारिश आने के कारण गेहूं की फसल पर तिरपाल नहीं ढक सके। इस कारण गेहूं की कुछ बोरियां भीग गई हैं।
रजनीश चौधरी, प्रधान, नई अनाज मंडी करनाल।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
कई दिनों से आसमान में छाए बादल सोमवार अल सुबह बिजली की कड़कड़ाहट के साथ बरस उठे। शहर में हुई 12.2 एमएम बारिश से ही शहर में कई जगह पानी भर गया तो अनाज मंडी में किसानों का सोना भीग गया। बारिश के साथ 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवा ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बिछा दी। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई हैं। बारिश के कारण असंध, घरौंडा, नीलोखेड़ी, कुंजपुरा, तरावड़ी आदि मंडियों में गेहूं भीग गया। इस बारिश ने मार्केट कमेटी और आढ़तियों के दावों की हकीकत सामने ला दी। अनाज मंडी में भीगे हुए गेहूं का जायजा एसडीएम नरेंद्र मलिक ने लिया और आढ़तियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके बाद मार्केेट कमेटी ने उन छह आढ़तियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए, जिनके पास गेहूं को बारिश से बचाने की कोई व्यवस्था नहीं मिली थी। अनुमान है कि जिले की मंडियों में 15 हजार क्विंटल से ज्यादा गेहूं भीगा है।
12 अप्रैल तक रहेगी बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, सोमवार अल सुबह 12.2 एमएम बारिश हुई। इस दौरान 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। हवा में नमी की मात्रा सुबह के समय 98 और शाम को 60 प्रतिशत रही। सोमवार को करनाल का अधिकतम तापमान 28.5 और न्यूनतम तापमान 18.6 रहा। इस बारे में केंद्रीय मृदा एवं लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र बुंदेला का कहना है कि आगामी 12 अप्रैल तक मौसम बिगड़ा ही रहेगा। बादल छाए रहेंगे और बूंदाबांदी के आसार हैं।
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कई स्थानों पर भरा पानी
शहर में पानी की निकासी न होने के कारण बारिश के बाद कई स्थानों पर पानी भर गया। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह बस स्टैंड, आईटीआई चौक के समीप कई जगहों पर पानी भर गया। इससे शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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असंध में शुरू नहीं हुई खरीद, बारिश ने बढ़ाई परेशानी
असंध। मंडी में किसानों की खून पसीने की कमाई को मिट्टी में मिलाया जा रहा है। अधिकारियों के सभी इंतजामों की पोल हल्की सी बारिश ने खोल दी। किसान शेर सिंह, जसबीर सिंह, खंजाची, जसविंद्र सिंह, प्रमोद ने कहा कि अन्य मंडियों में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है। असंध मंडी में अभी किसानों के गेहूं को नहीं खरीदा जा रहा। किसानों ने कहा कि किसानों का गेहूं भीगने के कारण किसानों का नुकसान हो रहा है। इस बारे में मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण धनखड़ ने बताया कि बिजली खराब होने के कारण हमने अपने स्तर पर जनरेटर लगा कर पानी निकासी के लिए प्रबंध की जा रहे है। सफाई कर्मचारी लगा दिए गए हैं। सचिव ने कहा कि गेहूं की बोली शुरु करवाने के लिए हैफेड अधिकारी ईश्वर सिंह और फूड सप्लाई इंचार्ज अशोक कुमार को निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जल्द ही पर्चेज शुरू करवा दी जाएगी।
आढ़तियों को निर्देश दिए थे कि वह बारिश में गेहूं की फसल न भीगने दें और तिरपाल रखें। इसके बावजूद कुछ आढ़तियों ने फसल को बारिश से बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। इस कारण किसानों का गेहूं भीग गया है। अब छह आढ़तियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।
-जिले सिंह, सचिव मार्केट कमेटी करनाल।
गेहूं को बारिश से बचाने के लिए आढ़तियों के पास पूरी व्यवस्था है। अल सुबह अचानक बारिश आने के कारण गेहूं की फसल पर तिरपाल नहीं ढक सके। इस कारण गेहूं की कुछ बोरियां भीग गई हैं।
रजनीश चौधरी, प्रधान, नई अनाज मंडी करनाल।