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पक्की नौकरी के लिए अतिथि अध्यापकों का धरना जारी
Updated Thu, 23 Nov 2017 11:47 PM IST
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पक्की नौकरी के लिए अतिथि अध्यापकों का धरना जारी
करनाल। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ का जिला सचिवालय के सामने चल रहा धरना गुरुवार को 23वें दिन में प्रवेश कर गया। निसिंग खंड से गुरचरण सिंह विर्क, हरजिंद्र सिंह, प्रदीप सिंह विर्क, राम कुमार व हरीश कुमार ने धरने पर बैठकर सरकार को कोसा। इस मौके पर कपिल देव ने कहा कि भाजपा सरकार अपनी जिद छोड़कर 12 वर्षों से कार्य कर रहे अतिथि अध्यापकों की सुध ले और चुनावी घोषणा पत्र, जिसे भाजपा संकल्प पत्र कहती है के वादे अनुसार अतिथि अध्यापकों को नियमित करे। सरपल्स के नाम पर निकाले गए जेबीटी अध्यापकों को वापस ले। सूरजभान ने कहा कि सरकार में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, जिन्होंने लिखित में वादा किया था कि भाजपा सरकार बनते ही पहली कलम से सभी अतिथि अध्यापकों को नियमित किया जाएगा। आज सरकार बने तीन साल से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया। अतिथि अध्यापकों ने कहा कि भाजपा ने उनका शोषण किया है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश अनुसार समान काम समान वेतन से भी इंकार कर रहे हैं। जिला प्रधान राजकुमार ने कहा कि महापड़ाव तब तक जारी रहेगा जब तक सभी गेस्ट टीचर को रेगुलर नहीं किया जाता। अतिथि अध्यापक अपना हक लेकर रहेंगे।
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करनाल। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ का जिला सचिवालय के सामने चल रहा धरना गुरुवार को 23वें दिन में प्रवेश कर गया। निसिंग खंड से गुरचरण सिंह विर्क, हरजिंद्र सिंह, प्रदीप सिंह विर्क, राम कुमार व हरीश कुमार ने धरने पर बैठकर सरकार को कोसा। इस मौके पर कपिल देव ने कहा कि भाजपा सरकार अपनी जिद छोड़कर 12 वर्षों से कार्य कर रहे अतिथि अध्यापकों की सुध ले और चुनावी घोषणा पत्र, जिसे भाजपा संकल्प पत्र कहती है के वादे अनुसार अतिथि अध्यापकों को नियमित करे। सरपल्स के नाम पर निकाले गए जेबीटी अध्यापकों को वापस ले। सूरजभान ने कहा कि सरकार में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, जिन्होंने लिखित में वादा किया था कि भाजपा सरकार बनते ही पहली कलम से सभी अतिथि अध्यापकों को नियमित किया जाएगा। आज सरकार बने तीन साल से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया। अतिथि अध्यापकों ने कहा कि भाजपा ने उनका शोषण किया है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश अनुसार समान काम समान वेतन से भी इंकार कर रहे हैं। जिला प्रधान राजकुमार ने कहा कि महापड़ाव तब तक जारी रहेगा जब तक सभी गेस्ट टीचर को रेगुलर नहीं किया जाता। अतिथि अध्यापक अपना हक लेकर रहेंगे।