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बसों से लेकर रेलगाड़ियों में आपाधापी, पत्थर से ट्रेन का शीशा तोड़ा, चेन खींचकर चढ़े युवा
Updated Mon, 12 Nov 2018 12:18 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ग्रुप डी की ली जा रही लिखित परीक्षा के दूसरे दिन रविवार को भी पूरा दिन शहर जाम रहा और जैमर के कारण मोबाइल से कॉल करने में भारी परेशानी का सामान करना पड़ा।
परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों को न तो बस स्टैंड पर बसों में जगह मिली और न ही रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में। आलम यह रहा कि परीक्षार्थियों की भीड़ को देखकर ट्रेन की बोगी में बैठे यात्रियों ने गेट ही नहीं खोला। गुस्से में आकर एक परीक्षार्थी ने आम्रपाली ट्रेन की एक बोगी की खिड़की का शीशा पत्थर मार कर तोड़ दिया तो और खिड़की से बोगी के अंदर गए। इतना ही नहीं ट्रेन में चढ़ने के लिए किसी एक परीक्षार्थी ने आम्रपाली ट्रेन की चेन भी खींच दी जब ट्रेन रेलवे स्टेशन से रवाना हो चुकी थी।
बस स्टैंड की बात करें तो बसों में की छतों पर बैठकर परीक्षार्थी अपने घर लौटे। परीक्षा के दूसरी दिन 200 परीक्षार्थी पहले दिन से ज्यादा पहुंचे। जिला प्रशासन द्वारा ठीक ढंग से व्यवस्था न करने के कारण पूरा दिन शहर में अव्यवस्था बनी रही और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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सुबह के समय ही परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए। परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने परीक्षार्थियों की चेकिंग कर उनके बैग, नाक के कोक कानों की बालियां सहित सामान उतरवा लिया और आईडी देखकर उन्हें परीक्षा केंद्र में एंट्री कराई। नकल रहित परीक्षा कराने के लिए तैनात की गई 15 फ्लाइंग स्क्वायड अधिकारियों तथा 8 रिजर्व फ्लाइंग स्क्वायड अधिकारियों ने 67 परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। रविवार को 41456 में से 28405 ने परीक्षा दी।
परीक्षा केंद्र पर रही सुरक्षा, शहर छोड़ दिया खुला
जिला पुलिस द्वारा सभी 67 परीक्षा केंद्रों पर पुलिस तैनात रही। एक परीक्षा केंद्र पर महिला पुलिस कर्मी सहित 11-11 पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। पुलिस ने परीक्षा केंद्र पर तो कड़ी सुरक्षा की हुई थी, लेकिन शहर को खुला ही छोड़ दिया। किसी चौक चौराहे पर पुलिस कर्मचारी नहीं दिखाई दिया। अंबेडकर चौक पर पुलिस कर्मचारी तैनात था लेकिन ट्रैफिक की बढ़ती संख्या आगे वह भी विफल हो गया और जाम लगा रहा। ऐसे ही पूरे शहर में जाम लगा रहा।
परीक्षा केंद्र के बाहर साइकिल स्टैंड पर लेटे रहे परिजन, पाप व सास ने संभाले बच्चे
परीक्षा सुबह और शाम दो सत्र में हुई। परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र में परीक्षा देते रहे तो उनके परिजन साइकिल स्टैंड पर लेटकर इंतजार करते रहे। अधिकतर परिजन पार्क में बैठे रहे तो कुछ परीक्षा केंद्र के बाहर ही बैठकर इंतजार करते थे। वहीं, जो महिलाएं परीक्षा देने के लिए आई हुई तो उनके पति परीक्षा केंद्र पर बच्चों को संभालते रहे, इनमें कुछ महिलाओं की सास भी थी जो बच्चों को संभालती रही।
रेलवे स्टेशन पर नहीं रही पांव रखने की जगह, टिकट काउंटर पर लगी रही लंबी लाइन
रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों के लिए कोई अलग से सुविधा नहीं की गई। इस कारण स्टेशन पर पांव रखने की भी जगह नहीं रही। टिकट काउंटर पर भी लंबी लाइन लगी रही। ऐसा ही हाल परीक्षा केंद्र के बाहर रहा।
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करनाल। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ग्रुप डी की ली जा रही लिखित परीक्षा के दूसरे दिन रविवार को भी पूरा दिन शहर जाम रहा और जैमर के कारण मोबाइल से कॉल करने में भारी परेशानी का सामान करना पड़ा।
परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों को न तो बस स्टैंड पर बसों में जगह मिली और न ही रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में। आलम यह रहा कि परीक्षार्थियों की भीड़ को देखकर ट्रेन की बोगी में बैठे यात्रियों ने गेट ही नहीं खोला। गुस्से में आकर एक परीक्षार्थी ने आम्रपाली ट्रेन की एक बोगी की खिड़की का शीशा पत्थर मार कर तोड़ दिया तो और खिड़की से बोगी के अंदर गए। इतना ही नहीं ट्रेन में चढ़ने के लिए किसी एक परीक्षार्थी ने आम्रपाली ट्रेन की चेन भी खींच दी जब ट्रेन रेलवे स्टेशन से रवाना हो चुकी थी।
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बस स्टैंड की बात करें तो बसों में की छतों पर बैठकर परीक्षार्थी अपने घर लौटे। परीक्षा के दूसरी दिन 200 परीक्षार्थी पहले दिन से ज्यादा पहुंचे। जिला प्रशासन द्वारा ठीक ढंग से व्यवस्था न करने के कारण पूरा दिन शहर में अव्यवस्था बनी रही और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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सुबह के समय ही परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए। परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने परीक्षार्थियों की चेकिंग कर उनके बैग, नाक के कोक कानों की बालियां सहित सामान उतरवा लिया और आईडी देखकर उन्हें परीक्षा केंद्र में एंट्री कराई। नकल रहित परीक्षा कराने के लिए तैनात की गई 15 फ्लाइंग स्क्वायड अधिकारियों तथा 8 रिजर्व फ्लाइंग स्क्वायड अधिकारियों ने 67 परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। रविवार को 41456 में से 28405 ने परीक्षा दी।
परीक्षा केंद्र पर रही सुरक्षा, शहर छोड़ दिया खुला
जिला पुलिस द्वारा सभी 67 परीक्षा केंद्रों पर पुलिस तैनात रही। एक परीक्षा केंद्र पर महिला पुलिस कर्मी सहित 11-11 पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। पुलिस ने परीक्षा केंद्र पर तो कड़ी सुरक्षा की हुई थी, लेकिन शहर को खुला ही छोड़ दिया। किसी चौक चौराहे पर पुलिस कर्मचारी नहीं दिखाई दिया। अंबेडकर चौक पर पुलिस कर्मचारी तैनात था लेकिन ट्रैफिक की बढ़ती संख्या आगे वह भी विफल हो गया और जाम लगा रहा। ऐसे ही पूरे शहर में जाम लगा रहा।
परीक्षा केंद्र के बाहर साइकिल स्टैंड पर लेटे रहे परिजन, पाप व सास ने संभाले बच्चे
परीक्षा सुबह और शाम दो सत्र में हुई। परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र में परीक्षा देते रहे तो उनके परिजन साइकिल स्टैंड पर लेटकर इंतजार करते रहे। अधिकतर परिजन पार्क में बैठे रहे तो कुछ परीक्षा केंद्र के बाहर ही बैठकर इंतजार करते थे। वहीं, जो महिलाएं परीक्षा देने के लिए आई हुई तो उनके पति परीक्षा केंद्र पर बच्चों को संभालते रहे, इनमें कुछ महिलाओं की सास भी थी जो बच्चों को संभालती रही।
रेलवे स्टेशन पर नहीं रही पांव रखने की जगह, टिकट काउंटर पर लगी रही लंबी लाइन
रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों के लिए कोई अलग से सुविधा नहीं की गई। इस कारण स्टेशन पर पांव रखने की भी जगह नहीं रही। टिकट काउंटर पर भी लंबी लाइन लगी रही। ऐसा ही हाल परीक्षा केंद्र के बाहर रहा।