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Karnal News: देश के पहले सरकारी आरपीटीओ से 10 ड्रोन पायलट पासआउट
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हरियाणा में 500 ड्रोन पायलट को दिया जाना है प्रशिक्षण, खर्च कृषि विभाग करेगा वहन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। देश की पहली सरकारी आरपीटीओ (रिमोट पायलेट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन) यानी दृष्या (ड्रोन इमेजिंग एंड इन्फॉरमेशन सर्विसेज हरियाणा लिमिटेड) से मंगलवार को पहला बैच पास आउट हो गया है। इसमें एक महिला पायलट और नौ पुरुष पायलट हैं। इन सभी को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर चंद ने प्रमाणपत्र प्रदान किए।
उपनिदेशक (उद्यान) डॉ. सतेंद्र यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा में 500 ड्रोन पायलट तैयार करने की घोषणा की थी। जिसके तहत देश की पहली सरकारी आरपीटीओ में 10 लोगों का पहला बैच शुरू किया था। जिसे विंग कमांडर सीओ गिरीराज सिंह पूनिया ने प्रशिक्षण दिया। सभी 10 प्रशिक्षार्थियों को निशुल्क पायलट प्रशिक्षण का कोर्स करवाया गया। जिसका खर्च कृषि एवं किसान कल्याण विभाग वहन करेगा। सभी 10 प्रतिभागी पास हो गए हैं। जिन्हें मंगलवार को प्रमाणपत्र दिए गए।
मौके पर देश का पहला निजी ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने वाले घरौंडा के किसान हवा सिंह ने 14 ड्रोन पायलट खरीदकर यह कार्य शुरू करने की अपनी सफलता से पायलट को प्रेरित किया। उपनिदेशक (उद्यान) डॉ. सतेंद्र यादव ने कहा कि ड्रोन पायलट का लाइसेंस मिलने के बाद ड्रोन पायलट अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं, जैसे-जैसे ड्रोन पायलटों की संख्या प्रदेश में बढ़ती जाएगी, वैसे ही कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे। जिसका न केवल किसानों को फायदा होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षित करने में सहायता मिलेगी, क्योंकि किसान ड्रोन पायलट की मदद से खेतों में कीटनाशकों का प्रयोग उचित मात्रा में कर सकेंगे, पानी की बचत होगी। एक एकड़ में मात्र सात मिनट में ही स्प्रे किया जा सकेगा। ऊंची फसलें जैसे बाग, गन्ने के खेतों में भी आसानी से कृषि ड्रोन की सहायता से सप्रे किया जा सकेगा। जिससे किसानों के समक्ष पेश आने वाली परेशानियां काफी हद तक कम हो सकेंगी। मौके पर डिप्टी सीओ फूल कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। देश की पहली सरकारी आरपीटीओ (रिमोट पायलेट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन) यानी दृष्या (ड्रोन इमेजिंग एंड इन्फॉरमेशन सर्विसेज हरियाणा लिमिटेड) से मंगलवार को पहला बैच पास आउट हो गया है। इसमें एक महिला पायलट और नौ पुरुष पायलट हैं। इन सभी को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर चंद ने प्रमाणपत्र प्रदान किए।
उपनिदेशक (उद्यान) डॉ. सतेंद्र यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा में 500 ड्रोन पायलट तैयार करने की घोषणा की थी। जिसके तहत देश की पहली सरकारी आरपीटीओ में 10 लोगों का पहला बैच शुरू किया था। जिसे विंग कमांडर सीओ गिरीराज सिंह पूनिया ने प्रशिक्षण दिया। सभी 10 प्रशिक्षार्थियों को निशुल्क पायलट प्रशिक्षण का कोर्स करवाया गया। जिसका खर्च कृषि एवं किसान कल्याण विभाग वहन करेगा। सभी 10 प्रतिभागी पास हो गए हैं। जिन्हें मंगलवार को प्रमाणपत्र दिए गए।
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मौके पर देश का पहला निजी ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने वाले घरौंडा के किसान हवा सिंह ने 14 ड्रोन पायलट खरीदकर यह कार्य शुरू करने की अपनी सफलता से पायलट को प्रेरित किया। उपनिदेशक (उद्यान) डॉ. सतेंद्र यादव ने कहा कि ड्रोन पायलट का लाइसेंस मिलने के बाद ड्रोन पायलट अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं, जैसे-जैसे ड्रोन पायलटों की संख्या प्रदेश में बढ़ती जाएगी, वैसे ही कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे। जिसका न केवल किसानों को फायदा होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षित करने में सहायता मिलेगी, क्योंकि किसान ड्रोन पायलट की मदद से खेतों में कीटनाशकों का प्रयोग उचित मात्रा में कर सकेंगे, पानी की बचत होगी। एक एकड़ में मात्र सात मिनट में ही स्प्रे किया जा सकेगा। ऊंची फसलें जैसे बाग, गन्ने के खेतों में भी आसानी से कृषि ड्रोन की सहायता से सप्रे किया जा सकेगा। जिससे किसानों के समक्ष पेश आने वाली परेशानियां काफी हद तक कम हो सकेंगी। मौके पर डिप्टी सीओ फूल कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
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