फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Worshipped Mother Shailputri and asked for prosperity

Kaithal News: मां शैलपुत्री की आराधना कर मांगी समृद्धि

Tue, 23 Sep 2025 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 23 Sep 2025 01:47 AM IST
विज्ञापन
Worshipped Mother Shailputri and asked for prosperity
18 राजौंद  में दुर्गा मंदिर में कीर्तन करती हुई महि
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कैथल/राजौंद/कलायत। जिलेभर में सोमवर को शारदीय नवरात्र पर्व की शुरुआत मां शैलपुत्री की आराधना से हुई। पहले दिन सुबह से ही माता के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। भक्तों ने विधि-विधान से मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों के बाहर फूल, प्रसाद और चुनरी की दुकानों पर भी रौनक देखने को मिली।

प्राचीन बड़ी देवी, कोठी देवी स्थित छोटी देवी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। इस दौरान नवरात्र पर्व पर श्रद्धालु मंदिरों से अखंड ज्योत लाए। इसके साथ ही पर्व को लेकर महिला सहित अन्य श्रद्धालुओं ने उपवास की भी शुरुआत की। अब यह उपवास अष्टमी पर्व पर खुलेंगे।
विज्ञापन


मां शैलपुत्री को विशेष रूप से सफेद रंग के फूल अर्पित किए जाते हैं, जो पवित्रता का प्रतीक माने जाते हैं। नवरात्र के पहले दिन की पूजा का विशेष महत्व है, क्योंकि यह पूरे नौ दिनों की आराधना की नींव रखता है। श्रद्धालु इस दिन मां दुर्गा से शक्ति और साहस की प्रार्थना करते हैं, ताकि वे जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुबह ब्रह्म मुहूर्त में ही मंदिरों के कपाट खोल दिए गए, और श्रद्धालु परिवार संग लंबी कतारों में खड़े होकर जल, दूध और अक्षत अर्पित करते दिखे। कई भक्त माता से बीमारी दूर करने, नौकरी या कारोबार में तरक्की जैसी मन्नतें मांगते नजर आए।

उधर, राजौंद में अश्विन माह के प्रथम नवरात्र से सांझी माता की पूजा भी शुरू हो गई। श्रद्धालु अपने घरों में मिट्टी की प्रतिमा सजाकर, जौ की बिजाई कर, और शाम को माता के गीत गाकर मन्नतें मांगते हैं। पहले यह पर्व मोहल्लों में सामूहिक उत्सव के रूप में मनाया जाता था, लेकिन यह अधिकतर घरों तक सीमित हो गया है।

संत छवि रामदास और पुजारी संजय शास्त्री ने बताया कि मां शैलपुत्री को हिमालय पर्वत की पुत्री और नवरात्र की प्रथम शक्ति माना जाता है। हाथ में कमल और त्रिशूल लिए हुए, वृषभ वाहन पर विराजमान मां शैलपुत्री की पूजा से मानसिक शांति, स्थिरता, और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। भक्त सफेद कपड़े पहनते हैं, सफेद फूल चढ़ाते हैं, और गाय के दूध से बनी खीर या बर्फी का भोग अर्पित करते हैं। इस बार नवरात्र 10 दिनों तक चलेंगे और मंदिर प्रबंध समिति ने दर्शनों और पूजा के लिए विशेष व्यवस्था की है। छठा नवरात्र मां कात्यायनी को समर्पित है, और सबसे अधिक भीड़ उसी दिन की उम्मीद है।
प्रतिक्रियाएं
n
रीता देवी ने बताया कि वह अपने बेटे की पढ़ाई में सफलता के लिए पूजा करने आई हैं और उन्हें विश्वास है कि मां शैलपुत्री अपनी भक्तों की झोली कभी खाली नहीं करतीं।

n
संजय गुप्ता ने व्यापार में तरक्की के लिए मन्नत मांगी।

n
अनिल कुमार के अनुसार, मां शैलपुत्री की पूजा से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं।

n
विष्णु प्रसाद ने कहा कि नवरात्र का पहला दिन नए उत्साह का प्रतीक है और इस दिन पूजा करने से सभी समस्याएं हल होने लगती हैं।



n
रीता देवी ने बताया कि वह अपने बेटे की पढ़ाई में सफलता के लिए पूजा करने आई हैं और उन्हें विश्वास है कि मां शैलपुत्री अपनी भक्तों की झोली कभी खाली नहीं करतीं।


n
संजय गुप्ता ने व्यापार में तरक्की के लिए मन्नत मांगी।

n
अनिल कुमार के अनुसार, मां शैलपुत्री की पूजा से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं।

n
विष्णु प्रसाद ने कहा कि नवरात्र का पहला दिन नए उत्साह का प्रतीक है और इस दिन पूजा करने से सभी समस्याएं हल होने लगती हैं।

18 राजौंद  में दुर्गा मंदिर में कीर्तन करती हुई महि

18 राजौंद  में दुर्गा मंदिर में कीर्तन करती हुई महि

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed