फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Women gives birth at hospital gate

बेड न कहकर गर्भवती को लौटाया, गेट पर डिलीवरी

Sat, 19 Jul 2014 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथ्ाल
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथ्ाल Updated Sat, 19 Jul 2014 12:28 AM IST
विज्ञापन
Women gives birth at hospital gate
कैथल। इंदिरा गांधी मल्टी स्पेशिएलिटी अस्पताल में वीरवार देर रात अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के कारण एक महिला ने अस्पताल के गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। रात करीब ढाई बजे ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला को यह कहकर लौटा दिया कि अस्पताल में बेड नहीं और सुबह आना। इस दौरान उन्होंने महिला की जांच भी नहीं की।  
विज्ञापन


इसके एक घंटे बाद महिला ने अस्पताल के गेट पर बच्चे को जन्म दे दिया। घटना का पता चलने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला व बच्ची को दाखिल किया। बच्ची का वजन काफी कम बताया गया है। उसे स्पेशल केयर यूनिट में रखा गया है। उधर, सीएमओ ने गेट पर बच्ची के जन्म की बात से इंकार किया है।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, शक्ति नगर निवासी होशियार सिंह ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी करके परिवार चलाता है। रात को उसकी पत्नी को पीड़ा हुई और उसे एंबुलेंस से करीब ढाई बजे अस्पताल लाया गया। महिला वार्ड में उसने पत्नी रानी को दाखिल करने के लिए कहा तो मौके पर मौजूद कर्मचारी ने बिना जांच किए उससे कहा कि बेड नहीं है, सुबह नौ बजे पत्नी कोे लेकर आ जाना।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसने बताया कि उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा है। इसके बावजूद उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस कारण वह अपनी पत्नी को साथ में आई पड़ोस की महिला के साथ अस्पताल के गेट पर लेकर चला गया। इसके बाद वहीं पर सुबह होने का इंतजार करने लगे।

सुबह होने का इंतजार कर रहे थे

होशियार सिंह ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के करीब एक घंटे बाद उसकी पत्नी ने गेट के चबूतरे पर ही एक बच्ची को जन्म दे दिया। यह जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य कर्मी दौड़ कर उनके पास आई तथा उसकी पत्नी एवं बच्ची को अंदर ले गए। इसके बाद उन्हें बेड भी दिया गया। बच्ची का वजन कम होने के कारण उसे मशीन में रखा गया है। उसने कहा कि यदि पहले ही उसे दाखिल कर लिया जाता तो उन्हें दिक्कत का सामना न करना पड़ता। वह वहीं पर सुबह होने का इंतजार कर रहे थे।

शुक्रवार दोपहर तक नहीं ली किसी ने सुध

होशियार ने बताया कि एक बार दाखिल किए जाने के बाद उसकी पत्नी को शुक्रवार दोपहर तक किसी ने नहीं संभाला। दोपहर को केवल रक्त जांच के लिए खून का सैंपल लिया गया। वह काफी गरीब है, उन्हें किसी प्रकार की जानकारी नहीं है।
गरीब की कोई कद्र नहीं : रानी
बच्चे को जन्म देने वाली रानी ने कहा, ‘गरीब की कोई कद्र ना है, उसने तै सबेरे आण के लिए बोल दिया। वो तो भला हो, उस लेडी का, जिसनै हम साथ लाए थे। उसने बौत मदद करी। बेड भी मिल ग्या और बच्ची भी दाखिल हो गई।’


महिला को ढाई बजे दाखिल किया : सीएमओ
गेट पर बच्चे को जन्म देने से इंकार करते हुए एसएमओ डा. आरडी चावला ने कहा कि जांच की गई है। महिला को ढाई बजे दाखिल कर लिया गया था। वह बाद में पेशाब करने के लिए गई थी, जहां उसे पीड़ा हुई। उसे तुरंत लेबर रूम में ले जाया गया। जहां उसने बच्ची को जन्म दिया। बच्ची एक किलो 300 ग्राम है और समय से पहले पैदा हुई है। उसे स्पेशल केयर यूनिट में रखा गया है। महिला एवं बच्ची दोनों की देखभाल की जा रही है।

बच्ची की हालत अभी गंभीर है। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही है। समय से पहले पैदा होने के कारण उसका वजन एक किलो 300 ग्राम है।
डा. अनिल कुमार, विशेषज्ञ, बाल रोग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed