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आखिर कब हटेंगे सड़कों से पशु, हर रोज हो रहे हैं हादसे
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कैथल। शहर की सड़कों पर छुट्टा पशु अब लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। राजनेताओं के काफिले में पशु आ जाएं तो प्रशासन में हड़कंप मच जाता है लेकिन आम आदमी इन पशुओं के कारण चोटिल हो रहे हैं, इस ओर किसी का ध्यान नहीं। शनिवार रात को ट्यूशन से लौट रहे दो बच्चे लड़ते हुए दो सांड़ों की चपेट में आकर घायल हो गए। नगर परिषद की ओर से इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
शनिवार रात करीब आठ बजे पार्क रोड पर ट्यूशन से लौट रहे दो बच्चे सांड़ों के बीच में आ गए। सांड़ एक बच्चे के ऊपर से निकल गया। उसकी आंख बाल-बाल बच गई। उसके पिता राजेंद्र ने बताया कि उसके बेटे के सिर और चेहरे सहित कई जगह चोटें आईं। उसे बाद में अस्पताल ले जाना पड़ा। उसके साथ उसकी बेटी को भी चोटें आई हैं। एक सप्ताह पहले करनाल रोड पर एक बाइक सवार भी सांड़ की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे शाह अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
शहर में चारों ओर सड़कों पर पशुओं की भरमार है। न्यू करनाल रोड, माता गेट, चंदाना गेट, अमरगढ़ गामड़ी, ढांड रोड, अंबाला रोड पर सड़कों पर पशु रहते हैं। गोवंश हो या अन्य पशु, ये सड़कों पर बैठे रहते हैं। पशुओं के लिए शहर में न तो कहीं खुले में पानी की व्यवस्था है न ही किसी जगह खाने की। इसके कारण ये पशु सड़कों पर रहते हैं। यहां कोई उन्हें कुछ खाने के लिए दे देता है। या कचरे के ढेर में मुंह मारते हैं। इस दौरान वे पॉलिथीन खाकर बीमार भी हो जाते हैं। इस संबंध में नगर परिषद ईओ कुलदीप मलिक ने कहा कि यह समस्या आला अधिकारियों के भी संज्ञान में है। कार्ययोजना तैयार कर जल्द ही इस समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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सीएम के काफिले में आ गई थी गाय तो मचा था हड़कंप
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के फरवरी में किए गए दौरे के दौरान चंदाना गेट पर एक गाय उनके काफिले में आ गई थी। इससे अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए थे। अधिकारियों ने बैठकों में नगर परिषद के अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी लेकिन पशुओं को सड़कों से हटाने के लिए ठोस कार्ययोजना सामने नहीं आई।
हर रोज हो रहे हादसे, समाधान नहीं
जीवन रक्षक दल के प्रधान राजू डोहर ने कहा कि यह समस्या बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों रेलवे अंडर ब्रिज के नीचे, करनाल रोड पर हादसे हो चुके हैं। अब दो बच्चों को चोटें लगने की बात सामने आ रही है। उनकी संस्था की ओर से मुख्यमंत्री तक भी पत्र भेजे गए हैं लेकिन छुट्टा पशुओं की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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शनिवार रात करीब आठ बजे पार्क रोड पर ट्यूशन से लौट रहे दो बच्चे सांड़ों के बीच में आ गए। सांड़ एक बच्चे के ऊपर से निकल गया। उसकी आंख बाल-बाल बच गई। उसके पिता राजेंद्र ने बताया कि उसके बेटे के सिर और चेहरे सहित कई जगह चोटें आईं। उसे बाद में अस्पताल ले जाना पड़ा। उसके साथ उसकी बेटी को भी चोटें आई हैं। एक सप्ताह पहले करनाल रोड पर एक बाइक सवार भी सांड़ की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे शाह अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
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शहर में चारों ओर सड़कों पर पशुओं की भरमार है। न्यू करनाल रोड, माता गेट, चंदाना गेट, अमरगढ़ गामड़ी, ढांड रोड, अंबाला रोड पर सड़कों पर पशु रहते हैं। गोवंश हो या अन्य पशु, ये सड़कों पर बैठे रहते हैं। पशुओं के लिए शहर में न तो कहीं खुले में पानी की व्यवस्था है न ही किसी जगह खाने की। इसके कारण ये पशु सड़कों पर रहते हैं। यहां कोई उन्हें कुछ खाने के लिए दे देता है। या कचरे के ढेर में मुंह मारते हैं। इस दौरान वे पॉलिथीन खाकर बीमार भी हो जाते हैं। इस संबंध में नगर परिषद ईओ कुलदीप मलिक ने कहा कि यह समस्या आला अधिकारियों के भी संज्ञान में है। कार्ययोजना तैयार कर जल्द ही इस समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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सीएम के काफिले में आ गई थी गाय तो मचा था हड़कंप
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के फरवरी में किए गए दौरे के दौरान चंदाना गेट पर एक गाय उनके काफिले में आ गई थी। इससे अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए थे। अधिकारियों ने बैठकों में नगर परिषद के अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी लेकिन पशुओं को सड़कों से हटाने के लिए ठोस कार्ययोजना सामने नहीं आई।
हर रोज हो रहे हादसे, समाधान नहीं
जीवन रक्षक दल के प्रधान राजू डोहर ने कहा कि यह समस्या बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों रेलवे अंडर ब्रिज के नीचे, करनाल रोड पर हादसे हो चुके हैं। अब दो बच्चों को चोटें लगने की बात सामने आ रही है। उनकी संस्था की ओर से मुख्यमंत्री तक भी पत्र भेजे गए हैं लेकिन छुट्टा पशुओं की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।