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Kaithal News: पहले दिन से पाई मंडी में पड़ा गेहूं खरीद न हाेने से खराब होने की आशंका
Mon, 06 Apr 2026 02:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 06 Apr 2026 02:57 AM IST
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पाई अनाज मंडी में बिक्री का इंतजार करते किसान।
- फोटो : samvad
पाई। सरकारी खरीद शुरू होने के बाद पांचवें दिन भी पाई अनाज मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। इससे किसानों को काफी परेशानी हो रही हैं।
मंडी में 800 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है, लेकिन अब तक किसी भी एजेंसी की ओर से खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। रविवार को खरीद एजेंसियों के अधिकारी मंडी में नहीं पहुंचे। किसानों का आरोप है कि बार-बार फोन करने के बावजूद भी अधिकारियों ने फोन उठाना तक जरूरी नहीं समझा। इससे किसानों में नाराजगी है।
किसान रामफल ने बताया कि वह पिछले चार दिन से सुबह से शाम तक मंडी में बैठे रहते हैं, लेकिन खरीद शुरू नहीं होने से उन्हें फसल खराब होने का डर सता रहा है।किसान सुरेश कुमार ने कहा कि सरकार किसानों को परेशानी न होने देने का दावा करती है लेकिन हालात बिल्कुल उलट हैं। उन्होंने बताया कि खरीद प्रक्रिया शुरू होने से पहले कई औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार के नए नियमों से भी किसानों को परेशानी हो रही है। सबसे पहले किसानों को गेट पास कटवाना होता है, इसके बाद बायोमीट्रिक आधार पर अंगूठा लगवाने के लिए कमेटी की ओर से बनाए गए केंद्रों पर जाना पड़ता है। इसके बाद ही आढ़ती फसल की नीलामी करते हैं।
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अभी तक कई किसानों की फसल का पोर्टल पर सत्यापन भी नहीं हो पाया है, जिससे खरीद प्रक्रिया और अधिक प्रभावित हो रही है। किसान प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द पोर्टल वेरिफिकेशन और खरीद प्रक्रिया शुरू की जाए। यदि समय रहते गेहूं की खरीद शुरू नहीं हुई, तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और मंडी में खरीद प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। संवाद
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मंडी में 800 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है, लेकिन अब तक किसी भी एजेंसी की ओर से खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। रविवार को खरीद एजेंसियों के अधिकारी मंडी में नहीं पहुंचे। किसानों का आरोप है कि बार-बार फोन करने के बावजूद भी अधिकारियों ने फोन उठाना तक जरूरी नहीं समझा। इससे किसानों में नाराजगी है।
किसान रामफल ने बताया कि वह पिछले चार दिन से सुबह से शाम तक मंडी में बैठे रहते हैं, लेकिन खरीद शुरू नहीं होने से उन्हें फसल खराब होने का डर सता रहा है।किसान सुरेश कुमार ने कहा कि सरकार किसानों को परेशानी न होने देने का दावा करती है लेकिन हालात बिल्कुल उलट हैं। उन्होंने बताया कि खरीद प्रक्रिया शुरू होने से पहले कई औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ रही हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार के नए नियमों से भी किसानों को परेशानी हो रही है। सबसे पहले किसानों को गेट पास कटवाना होता है, इसके बाद बायोमीट्रिक आधार पर अंगूठा लगवाने के लिए कमेटी की ओर से बनाए गए केंद्रों पर जाना पड़ता है। इसके बाद ही आढ़ती फसल की नीलामी करते हैं।
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अभी तक कई किसानों की फसल का पोर्टल पर सत्यापन भी नहीं हो पाया है, जिससे खरीद प्रक्रिया और अधिक प्रभावित हो रही है। किसान प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द पोर्टल वेरिफिकेशन और खरीद प्रक्रिया शुरू की जाए। यदि समय रहते गेहूं की खरीद शुरू नहीं हुई, तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और मंडी में खरीद प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। संवाद