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Kaithal News: बारिश से मौसम सुहावना, धान को लाभ पर जलभराव से हुई मुसीबत
Fri, 01 Aug 2025 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 01 Aug 2025 01:04 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/सीवन। जिले में वीरवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला नजर आया। सुबह तड़के चार बजे से लेकर शाम तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होती रही, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया।
बारिश की तीव्रता अधिक नहीं रही, लेकिन लगातार हुई बूंदाबांदी से वातावरण में ठंडक घुल गई और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, दूसरी ओर सीवन नगर की खस्ताहाल गलियों ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दीं।
वीरवार को अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री रहा। बारिश से धान के खेतों में पानी भर गया है, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली है। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन और मानसून टर्फ की उत्तरी सीमा के नीचे आने के कारण प्रदेश में नमी युक्त हवाएं पहुंच रही हैं, जिससे मानसून सक्रिय हो गया है।
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मौसम विभाग ने आगामी एक से तीन अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई है। साथ ही अरब सागर से आने वाली नमी भरी हवाओं के कारण उत्तरी और दक्षिण हरियाणा में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और तापमान में और गिरावट के आसार हैं।
वहीं, सीवन नगर में बारिश ने नगर व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। मामूली बारिश के कुछ ही समय में गलियों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से हाल ही में बनी सोथा रोड पर पानी जमा हो गया, जिससे वह तालाब में तब्दील हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का स्तर पुराने से नीचे बना दिया गया है, जिससे हर बार जलभराव हो जाता है।
नगरवासियों ने बताया कि गली-मोहल्लों की हालत पहले से ही बेहद खराब है। ऊंची-नीची सड़कों और गहरे गड्ढों के चलते बारिश का पानी रुक जाता है। नगरपालिका पर मूलभूत सुविधाएं न देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द गलियों की मरम्मत और जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
24 घंटों में हुई बारिश
जिले में सबसे अधिक ढांड में 30 और सबसे कम राजौंद में दो एमएम बारिश दर्ज की गई है। 24 घंटों में औसतन 14.14 एमएम दर्ज की गई है।
कैथल
08 एमएम
ढांड
30 एमएम
गुहला
12 एमएम
पूंडरी
23 एमएम
कलायत
00 एमएम
सीवन
24 एमएम
राजौंद
02 एमएम
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कैथल/सीवन। जिले में वीरवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला नजर आया। सुबह तड़के चार बजे से लेकर शाम तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होती रही, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया।
बारिश की तीव्रता अधिक नहीं रही, लेकिन लगातार हुई बूंदाबांदी से वातावरण में ठंडक घुल गई और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, दूसरी ओर सीवन नगर की खस्ताहाल गलियों ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दीं।
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वीरवार को अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री रहा। बारिश से धान के खेतों में पानी भर गया है, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली है। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन और मानसून टर्फ की उत्तरी सीमा के नीचे आने के कारण प्रदेश में नमी युक्त हवाएं पहुंच रही हैं, जिससे मानसून सक्रिय हो गया है।
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मौसम विभाग ने आगामी एक से तीन अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई है। साथ ही अरब सागर से आने वाली नमी भरी हवाओं के कारण उत्तरी और दक्षिण हरियाणा में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और तापमान में और गिरावट के आसार हैं।
वहीं, सीवन नगर में बारिश ने नगर व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। मामूली बारिश के कुछ ही समय में गलियों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से हाल ही में बनी सोथा रोड पर पानी जमा हो गया, जिससे वह तालाब में तब्दील हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का स्तर पुराने से नीचे बना दिया गया है, जिससे हर बार जलभराव हो जाता है।
नगरवासियों ने बताया कि गली-मोहल्लों की हालत पहले से ही बेहद खराब है। ऊंची-नीची सड़कों और गहरे गड्ढों के चलते बारिश का पानी रुक जाता है। नगरपालिका पर मूलभूत सुविधाएं न देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द गलियों की मरम्मत और जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
24 घंटों में हुई बारिश
जिले में सबसे अधिक ढांड में 30 और सबसे कम राजौंद में दो एमएम बारिश दर्ज की गई है। 24 घंटों में औसतन 14.14 एमएम दर्ज की गई है।
कैथल
08 एमएम
ढांड
30 एमएम
गुहला
12 एमएम
पूंडरी
23 एमएम
कलायत
00 एमएम
सीवन
24 एमएम
राजौंद
02 एमएम