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Kaithal News: बालू बिढैण पट्टी की गलियों में पानी
Sun, 20 Apr 2025 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 20 Apr 2025 01:31 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। बारिश का मौसम शुरू नहीं हुआ पर बालू बिढाण पट्टी गांव की गलियां गंदे पानी से लबालब हैं। संजय, राजू, महेश, ईश्वर, गुरुदेव आदि ने कहा कि गांव का तालाब गंदे पानी से भरा है और अब गंदा पानी तालाब की हदें तोड़कर गलियों में जमा हो गया है।
गांव की मुख्य गली में से हजारों लोगों का निकलना होता है पर गली में घुटनों तक गंदा पानी भरा है। जिसके कारण से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। गंदे पानी से उठने वाली दुर्गंध व उसमें पनपने वाले मच्छर गली में बसने वाले लोगों के लिए भारी समस्या बने हैं।
महेश, ईश्वर आदि ने कहा कि हालात इतने विकट हैं कि स्कूल के बच्चों का गंदे पानी से भरी गलियों से निकलना दुर्भर हो गया। बदतर हालात के कारण से उन्होंने तो आने वाले रिश्तेदारों तक से न आने के लिए बोल दिया। गुरुदेव सिंह ने कहा कि बालू के तालाबों की खुदाई के लिए चार करोड़ 64 लाख रुपये आया था।
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न तो ढंग से तालाबों की खोदाई हुई और न तालाब पर हुआ कोई कब्जा हटवाया गया। अब तो तालाब की भूमि पर पहले की अपेक्षा अधिक कब्जे हो गए है। इस वजह से तालाब का क्षेत्रफल और कम हो गया। संजय व राजू ने कहा कि गांव में जो सफाई कर्मचारी हैं वे ड्यूटी नहीं करते। लोगों ने मांग की है कि गलियों से गंदे पानी की निकासी करवाई जाए और सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी पर निगरानी की जाए, ताकि राहत मिल सके।
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कलायत। बारिश का मौसम शुरू नहीं हुआ पर बालू बिढाण पट्टी गांव की गलियां गंदे पानी से लबालब हैं। संजय, राजू, महेश, ईश्वर, गुरुदेव आदि ने कहा कि गांव का तालाब गंदे पानी से भरा है और अब गंदा पानी तालाब की हदें तोड़कर गलियों में जमा हो गया है।
गांव की मुख्य गली में से हजारों लोगों का निकलना होता है पर गली में घुटनों तक गंदा पानी भरा है। जिसके कारण से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। गंदे पानी से उठने वाली दुर्गंध व उसमें पनपने वाले मच्छर गली में बसने वाले लोगों के लिए भारी समस्या बने हैं।
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महेश, ईश्वर आदि ने कहा कि हालात इतने विकट हैं कि स्कूल के बच्चों का गंदे पानी से भरी गलियों से निकलना दुर्भर हो गया। बदतर हालात के कारण से उन्होंने तो आने वाले रिश्तेदारों तक से न आने के लिए बोल दिया। गुरुदेव सिंह ने कहा कि बालू के तालाबों की खुदाई के लिए चार करोड़ 64 लाख रुपये आया था।
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न तो ढंग से तालाबों की खोदाई हुई और न तालाब पर हुआ कोई कब्जा हटवाया गया। अब तो तालाब की भूमि पर पहले की अपेक्षा अधिक कब्जे हो गए है। इस वजह से तालाब का क्षेत्रफल और कम हो गया। संजय व राजू ने कहा कि गांव में जो सफाई कर्मचारी हैं वे ड्यूटी नहीं करते। लोगों ने मांग की है कि गलियों से गंदे पानी की निकासी करवाई जाए और सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी पर निगरानी की जाए, ताकि राहत मिल सके।