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Kaithal News: जन स्वास्थ्य आभियांत्रिकी विभाग में वित्तीय भ्रष्टाचार की विजिलेंस जांच शुरू
Wed, 14 Jan 2026 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 14 Jan 2026 01:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कैथल के जन स्वास्थ्य आभियांत्रिकी विभाग में वित्तीय भ्रष्टाचार, फर्जी टेंडर, बिना कार्य भुगतान, मशीनों की फर्जी एंट्री एवं कुटेशन, नियमों की अनदेखी और सरकारी पद का दुरुपयोग जैसे आरोपों की विजिलेंस जांच शुरू होने जा रही है। इस मामले की शिकायत कलायत निवासी समाजसेवी राधेश्याम प्रजापति ने की थी।
मुख्य सतर्कता अधिकारी हरियाणा, प्रदीप पूनिया की निगरानी में शुरू होने वाली जांच में राधेश्याम प्रजापति के साथ विभाग के अधीक्षक अभियंता अरविंद रोहिल्ला को भी उपस्थित होना अनिवार्य है। जांच 15 जनवरी को
पंचकूला स्थित मुख्यालय में दोपहर 1:30 बजे शुरू होगी।
शिकायत में वर्ष 2019 से विभाग में हुए महाग्राम योजना घोटाला, रिकॉर्ड से छेड़छाड़, फर्जी जांच, आय से अधिक संपत्ति, बेनामी निवेश, मनी लॉन्ड्रिंग, स्पोर्ट्स एक्टिविटी फंड में गड़बड़ी और फर्जी भुगतान जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि कुछ अधिकारी सरकारी पद पर रहते हुए अलग-अलग नाम से निजी एजेंसियां चला रहे हैं, जिससे विभाग में संगठित लूट और बेनामी संपत्ति का निर्माण हुआ।
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भ्रष्टाचार को दबाने के प्रयास किए ः राधेश्याम
राधेश्याम प्रजापति ने बताया कि विभागीय स्तर पर भ्रष्टाचार को दबाने के प्रयास किए गए, लेकिन अब मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की जाएगी। उनका कहना है कि यदि जांच सही ढंग से की गई, तो यह बड़ा स्कैम उजागर होगा।
मुख्य सतर्कता अधिकारी की ओर से जारी पत्राचार (मेमो नंबर 3235-36 पीएचई/सीई) के अनुसार, राधेश्याम प्रजापति और अधीक्षक अभियंता अरविंद रोहिल्ला को 15 जनवरी को पंचकूला मुख्यालय में जांच में शामिल होना अनिवार्य है।
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कलायत। कैथल के जन स्वास्थ्य आभियांत्रिकी विभाग में वित्तीय भ्रष्टाचार, फर्जी टेंडर, बिना कार्य भुगतान, मशीनों की फर्जी एंट्री एवं कुटेशन, नियमों की अनदेखी और सरकारी पद का दुरुपयोग जैसे आरोपों की विजिलेंस जांच शुरू होने जा रही है। इस मामले की शिकायत कलायत निवासी समाजसेवी राधेश्याम प्रजापति ने की थी।
मुख्य सतर्कता अधिकारी हरियाणा, प्रदीप पूनिया की निगरानी में शुरू होने वाली जांच में राधेश्याम प्रजापति के साथ विभाग के अधीक्षक अभियंता अरविंद रोहिल्ला को भी उपस्थित होना अनिवार्य है। जांच 15 जनवरी को
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पंचकूला स्थित मुख्यालय में दोपहर 1:30 बजे शुरू होगी।
शिकायत में वर्ष 2019 से विभाग में हुए महाग्राम योजना घोटाला, रिकॉर्ड से छेड़छाड़, फर्जी जांच, आय से अधिक संपत्ति, बेनामी निवेश, मनी लॉन्ड्रिंग, स्पोर्ट्स एक्टिविटी फंड में गड़बड़ी और फर्जी भुगतान जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि कुछ अधिकारी सरकारी पद पर रहते हुए अलग-अलग नाम से निजी एजेंसियां चला रहे हैं, जिससे विभाग में संगठित लूट और बेनामी संपत्ति का निर्माण हुआ।
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भ्रष्टाचार को दबाने के प्रयास किए ः राधेश्याम
राधेश्याम प्रजापति ने बताया कि विभागीय स्तर पर भ्रष्टाचार को दबाने के प्रयास किए गए, लेकिन अब मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की जाएगी। उनका कहना है कि यदि जांच सही ढंग से की गई, तो यह बड़ा स्कैम उजागर होगा।
मुख्य सतर्कता अधिकारी की ओर से जारी पत्राचार (मेमो नंबर 3235-36 पीएचई/सीई) के अनुसार, राधेश्याम प्रजापति और अधीक्षक अभियंता अरविंद रोहिल्ला को 15 जनवरी को पंचकूला मुख्यालय में जांच में शामिल होना अनिवार्य है।