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Kaithal News: सड़कों पर घूम रहे लावारिस गोवंश बने परेशानी
Sun, 23 Jul 2023 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 23 Jul 2023 11:59 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कस्बे की सड़कों पर घूम रहे लावारिस गोवंश लोगों की परेशानी का सबब बने हुए हैं। शाम होते ही कलायत की सभी सड़कों और गलियों में गोवंश के घूमने के कारण रेलवे रोड़ पर यातायात बाधित रहता है। उनकी चपेट में आने से कई दोपहिया वाहन चालक जख्मी हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से गोवंशों की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
राजेंद्र, ईश्वर, तन्नू भारती, रोशन व दयाशंकर ने कहा कि पिछले कुछ समय से कस्बे की सड़कों पर लावारिस पशु घूमते रहते हैं। जिससे राहगीरों और वाहन चालकाें को काफी परेशानी होती है और अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। उन्होंने आशंका जताई कि आसपास के अन्य गांवों के लोग गोवंश को कलायत में छोड़ जाते है। जो खाने की तलाश में सड़कों पर घूमते रहते हैं।
इससे पूर्व भी नगर के युवाओं ने अभियान चला कर लावारिस गोवंश को गोशाला पहुंचाया था। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वे गोवंश के संरक्षण के लिए जरूरी कदम उठाएं। गोशाला मुढाड के प्रधान योगेश गर्ग ने बताया की गोशाला में पहले से ही 3500 गोवंश हैं। यदि प्रशासन अन्य नगरों की तरह से प्रति गोवंश प्रति दिन के हिसाब से आर्थिक सहायता गोशाला को उपलब्ध करवा सके तो गोवंश के संवर्धन में गोशाला को आसानी हो जाएगी।
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कलायत। कस्बे की सड़कों पर घूम रहे लावारिस गोवंश लोगों की परेशानी का सबब बने हुए हैं। शाम होते ही कलायत की सभी सड़कों और गलियों में गोवंश के घूमने के कारण रेलवे रोड़ पर यातायात बाधित रहता है। उनकी चपेट में आने से कई दोपहिया वाहन चालक जख्मी हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से गोवंशों की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
राजेंद्र, ईश्वर, तन्नू भारती, रोशन व दयाशंकर ने कहा कि पिछले कुछ समय से कस्बे की सड़कों पर लावारिस पशु घूमते रहते हैं। जिससे राहगीरों और वाहन चालकाें को काफी परेशानी होती है और अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। उन्होंने आशंका जताई कि आसपास के अन्य गांवों के लोग गोवंश को कलायत में छोड़ जाते है। जो खाने की तलाश में सड़कों पर घूमते रहते हैं।
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इससे पूर्व भी नगर के युवाओं ने अभियान चला कर लावारिस गोवंश को गोशाला पहुंचाया था। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वे गोवंश के संरक्षण के लिए जरूरी कदम उठाएं। गोशाला मुढाड के प्रधान योगेश गर्ग ने बताया की गोशाला में पहले से ही 3500 गोवंश हैं। यदि प्रशासन अन्य नगरों की तरह से प्रति गोवंश प्रति दिन के हिसाब से आर्थिक सहायता गोशाला को उपलब्ध करवा सके तो गोवंश के संवर्धन में गोशाला को आसानी हो जाएगी।
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