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Kaithal News: जिले के दो प्रगतिशील किसानों को मिलेगा सम्मान
Sun, 21 Dec 2025 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 21 Dec 2025 11:51 PM IST
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21kht_25_प्रगतिशील किसान अंग्रेज सिंह।
- फोटो : थाना उत्तर के सामने बाइक और स्कूटी पर चढ़ा बेकाबू ट्रैक्टर। वीडियो ग्रैब
कैथल। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में 23 दिसम्बर को देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी की 123वीं जयंती के उपलक्ष्य में किसान दिवस का आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रत्येक जिला से दो किसानों को सम्मानित किया जाएगा। कैथल के गांव डेरा गदला से अंग्रेज सिंह व गांव चुहड़ माजरा से शीतल शर्मा को भी इसके लिए चुना गया है।
जानकारी के अनुसार हाल ही में ही दिल्ली अंग्रेज सिंह को दिल्ली में भारत सरकार की ओर से मिलेनियर अवार्ड से भी नवाजा गया था। ये अवाॅर्ड पूरे देश में केवल 10 किसानों को ही मिले थे। देश के उन 10 किसानों में अंग्रेज सिंह का नाम भी शामिल था। यह अवार्ड उनको फसल अवशेष प्रबंधन के लिए दिया गया था। इसके अलावा हिसार कृषि विश्वविद्यालय में भी अंग्रेज सिंह को सम्मान मिल चुका है।
जानकारी के अनुसार कृषि और उससे संबंधित विभिन्न व्यवसायों व अन्य उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदेश के 42 प्रगतिशील किसानों का चयन किया गया है जिन्हें किसान दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। इन किसानों में अंबाला के गांव सपादा से हरविंदर सिंह व डुराना से सपना, रेवाड़ी के गांव बुडोली से सत्यवान व झारोदा से निर्मला, भिवानी के गांव मंढाणा से श्याम सुंदर व धनासरी से कृष्णा, फरीदाबाद के गांव ढकोला से रामचन्द व गांव भोपानी से ज्योति, फतेहाबाद के गांव बरसीन से राजेंदर व गांव कुल्ला से ममता, जींद के गांव निडानी से जयभगवान व गांव जाजनवाला से बुगली, कुरुक्षेत्र के गांव ऊंटसाल से परमोद कुमार व गांव दबखेड़ी से परवेश रानी, महेन्द्रगढ़ के गांव गादड़वास से संजय कुमार व महेन्द्रगढ से शबनम देवी, मण्डकौला के गांव बडौली से हरेन्द्र व गांव मीरपुर कौराली से रेनू, पंचकूला के गांव बडियाल से सतपाल सिंह व गांव रायपुर रानी से राखी, पानीपत के गांव निम्बरी से कृष्ण कुमार व गांव डाहर से सुषमा, सोनीपत के गांव शहजादपुर से कपिल जमदग्नि व गांव मुकीमपुर से बबीता देवी, यमुनानगर के गांव सुढ़ल से प्रिंस कुमार व गांव कुंजल से राधिका शर्मा, , करनाल के गांव सूभरी से शेर सिंह व गांव औंगद से सविता रानी, सिरसा के गांव भड़ोल्यावाली से जसविंदर सिंह व गांव ओढ़ा से सर्वजीत कौर, हिसार के गांव खेरी बरकी से नरेश कुमार व गांव सदलपुर से अरुणा देवी, रोहतक के गांव गांधरा से राजबीर सिंह व गांव नोनंद से कान्ता देवी, नूहं के गांव रानिका से मूसे खान व गांव संगेल से नीलम, झज्जर के गांव बीड सुनारवाला से सर्वजीत सिंह धनखड़ व गांव बरानी से सुमन, सायना नेहवाल प्रशिक्षण केन्द्र हिसार से गांव चिड़ौद निवासी प्रदीप कुमार व फतेहाबाद के गांव ढांड से मुकेश कुमार शामिल है।
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इन प्रगतिशील किसानों ने विविध खेती और गन्ने में सब्जियों की अंतरफसल, सब्जी उत्पादक और कृषि सखी की सदस्य, प्राकृतिक खेती, फसल विविधिकरण, सब्जी उत्पादन, एकीकृत कृषि प्रणाली, फलों और सब्जियों में मूल्य संवर्धन, सिलाई कढ़ाई, जैविक खेती, मुलायम खिलौने बनाने की कला, मल्टी क्रॉपिंग (गेहूं, आलू, मक्की, प्याज़, अजवायन, लहसुन), कटिंग एवं टेलरिंग और मैकरम क्राफ्ट, वस्त्रों की डिजाइनिंग एवं सिलाई करना और टेलरिंग की दुकान चलाना, जैविक सब्जी उत्पादन, कटाई-सिलाई, सब्जी और मसालेदार फसलों की प्राकृतिक खेती, अदरक और हल्दी का प्रसंस्करण, बुटीक केंद्र और बेरोजगार युवाओं के लिए प्रशिक्षण सुविधा, सरसों गन्ना अंतर फसल, प्राकृतिक खेती एवं उत्पाद, संसाधन संरक्षण, बेकरी एवं बेकरी उत्पाद, सरस धारा एफपीओ (दुग्ध एंव दुग्ध उत्पाद), सब्जी उत्पादन (संरक्षित खेती), सब्जी उत्पादन (प्राकृतिक खेती), खुम्भ उत्पादन, स्वयं सहायता समूह, फल और सब्ज़ी संरक्षण और प्रसंस्करण, डेयरी और पशुपालन, एकीकृत फसल प्रणाली, वर्मी कम्पोस्ट, खेती में विविधीकरण, कटिंग टेलरिंग, फल प्रसंस्करण विशेष रूप से अंजीर आदि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य करने वाले किसान शामिल हैं।
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जानकारी के अनुसार हाल ही में ही दिल्ली अंग्रेज सिंह को दिल्ली में भारत सरकार की ओर से मिलेनियर अवार्ड से भी नवाजा गया था। ये अवाॅर्ड पूरे देश में केवल 10 किसानों को ही मिले थे। देश के उन 10 किसानों में अंग्रेज सिंह का नाम भी शामिल था। यह अवार्ड उनको फसल अवशेष प्रबंधन के लिए दिया गया था। इसके अलावा हिसार कृषि विश्वविद्यालय में भी अंग्रेज सिंह को सम्मान मिल चुका है।
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जानकारी के अनुसार कृषि और उससे संबंधित विभिन्न व्यवसायों व अन्य उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदेश के 42 प्रगतिशील किसानों का चयन किया गया है जिन्हें किसान दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। इन किसानों में अंबाला के गांव सपादा से हरविंदर सिंह व डुराना से सपना, रेवाड़ी के गांव बुडोली से सत्यवान व झारोदा से निर्मला, भिवानी के गांव मंढाणा से श्याम सुंदर व धनासरी से कृष्णा, फरीदाबाद के गांव ढकोला से रामचन्द व गांव भोपानी से ज्योति, फतेहाबाद के गांव बरसीन से राजेंदर व गांव कुल्ला से ममता, जींद के गांव निडानी से जयभगवान व गांव जाजनवाला से बुगली, कुरुक्षेत्र के गांव ऊंटसाल से परमोद कुमार व गांव दबखेड़ी से परवेश रानी, महेन्द्रगढ़ के गांव गादड़वास से संजय कुमार व महेन्द्रगढ से शबनम देवी, मण्डकौला के गांव बडौली से हरेन्द्र व गांव मीरपुर कौराली से रेनू, पंचकूला के गांव बडियाल से सतपाल सिंह व गांव रायपुर रानी से राखी, पानीपत के गांव निम्बरी से कृष्ण कुमार व गांव डाहर से सुषमा, सोनीपत के गांव शहजादपुर से कपिल जमदग्नि व गांव मुकीमपुर से बबीता देवी, यमुनानगर के गांव सुढ़ल से प्रिंस कुमार व गांव कुंजल से राधिका शर्मा, , करनाल के गांव सूभरी से शेर सिंह व गांव औंगद से सविता रानी, सिरसा के गांव भड़ोल्यावाली से जसविंदर सिंह व गांव ओढ़ा से सर्वजीत कौर, हिसार के गांव खेरी बरकी से नरेश कुमार व गांव सदलपुर से अरुणा देवी, रोहतक के गांव गांधरा से राजबीर सिंह व गांव नोनंद से कान्ता देवी, नूहं के गांव रानिका से मूसे खान व गांव संगेल से नीलम, झज्जर के गांव बीड सुनारवाला से सर्वजीत सिंह धनखड़ व गांव बरानी से सुमन, सायना नेहवाल प्रशिक्षण केन्द्र हिसार से गांव चिड़ौद निवासी प्रदीप कुमार व फतेहाबाद के गांव ढांड से मुकेश कुमार शामिल है।
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इन प्रगतिशील किसानों ने विविध खेती और गन्ने में सब्जियों की अंतरफसल, सब्जी उत्पादक और कृषि सखी की सदस्य, प्राकृतिक खेती, फसल विविधिकरण, सब्जी उत्पादन, एकीकृत कृषि प्रणाली, फलों और सब्जियों में मूल्य संवर्धन, सिलाई कढ़ाई, जैविक खेती, मुलायम खिलौने बनाने की कला, मल्टी क्रॉपिंग (गेहूं, आलू, मक्की, प्याज़, अजवायन, लहसुन), कटिंग एवं टेलरिंग और मैकरम क्राफ्ट, वस्त्रों की डिजाइनिंग एवं सिलाई करना और टेलरिंग की दुकान चलाना, जैविक सब्जी उत्पादन, कटाई-सिलाई, सब्जी और मसालेदार फसलों की प्राकृतिक खेती, अदरक और हल्दी का प्रसंस्करण, बुटीक केंद्र और बेरोजगार युवाओं के लिए प्रशिक्षण सुविधा, सरसों गन्ना अंतर फसल, प्राकृतिक खेती एवं उत्पाद, संसाधन संरक्षण, बेकरी एवं बेकरी उत्पाद, सरस धारा एफपीओ (दुग्ध एंव दुग्ध उत्पाद), सब्जी उत्पादन (संरक्षित खेती), सब्जी उत्पादन (प्राकृतिक खेती), खुम्भ उत्पादन, स्वयं सहायता समूह, फल और सब्ज़ी संरक्षण और प्रसंस्करण, डेयरी और पशुपालन, एकीकृत फसल प्रणाली, वर्मी कम्पोस्ट, खेती में विविधीकरण, कटिंग टेलरिंग, फल प्रसंस्करण विशेष रूप से अंजीर आदि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य करने वाले किसान शामिल हैं।