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Kaithal News: दो घंटे की बारिश, शहर बना तालाब
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कैथल। मंगलवार को शहर में महज दो घंटे तक ही हुई बारिश में शहर तालाब बन गया। ऐसे में बारिश के बाद पानी निकासी का कोई प्रबंध न होने से लोगों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ी।
इस बारिश ने शहर में जिला प्रशासन की ओर से की गई पानी निकासी के दावों की पोल खोली। पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम ना होने के चलते शहर की सड़कें पानी से लबालब हो गईं। कई घंटों बाद तक बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाई। जगह-जगह जलभराव के कारण राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर में कई जगह पानी जमा होने से दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सीवर लाइन की सफाई न होने के कारण बंद होने पर गलियों और सड़कों पर जल जमाव हो गया। शहर के मुख्य चौक चौराहों और सड़कों के किनारे पानी इकट्ठा होने के कारण काफी समय तक आवागमन प्रभावित रहा।
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बाजारों में पानी के भाव के कारण कई जगह मोटरसाइकिल व स्कूटी भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर पानी में बह गई। दुकानदार वाहनों को पानी से निकलते हुए दिखाई दिए। वहीं, दूसरी तरफ बारिश से मौसम सुहावना हो गया।
मंगलवार को जिले में 40 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण पूरे शहर में करीब चार घंटे तक बिजली भी गुल हुई। इस दौरान लघु सचिवालय में आए लोगों के काम नहीं हो पाए। इस बारिश में पछेती फसलों को लाभ मिलेगा, इससे किसानों के चेहरे खिले हैं।
गौरतलब है कि बारिश के मौसम में जलभराव न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने दो माह पहले सभी नाले, नालियों की सफाई करने के निर्देश दिए थे लेकिन अब भी शहर के नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। कुछ स्थानों पर नगर परिषद की ओर से सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई।
बाजारों और सड़कों पर आवाजाही बढ़ने के साथ-साथ पार्कों में भी शाम के समय रौनक दिखाई दी। पिछले दो-तीन दिनों से मौसम में हो रहे परिर्वतन के बाद मंगलवार सुबह आसमान में बादल छा गए। कुछ देर बाद ही बूंदाबांदी शुरू हो गई। दोपहर के समय तेज बारिश हो गई। करीब दो घंटे तक चली बारिश से शहर में कई जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। इस कारण दुकानदारों के साथ ही राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन इलाकों में हुई परेशानी
बारिश होने से शहर के चंदाना गेट, पिहोवा चौक, भगत सिंह चौक, कबूतर चौक, पुराना बस अड्डा मार्ग, रेलवे गेट, अंबाला रोड, जाखौली अड्डा सहित लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर पानी जमा हो गया। पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को काफी दिक्कत आई। इसी प्रकार शहर के आसपास कालोनी शक्ति नगर, हरी नगर, अर्जुन नगर, हरसौला बस्ती, अंबेडकर नगर, डीएवी कॉलोनी में भी जलभराव हुआ।
यहां बारिश का पानी जमा होने के कारण लोगों को आवाजाही के लिए काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। सीवर लाइन ब्लॉक होने के कारण गलियों में पानी जमा हो गया। इस कारण लोगों को गलियों में जमा पानी से ही गुजरने पर मजबूर होना पड़ा। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण सीवर के कई जगह ढक्कन गायब होने के कारण भी वाहन चालकों को दुर्घटना का डर बना रहा।
गर्मी से मिली राहत
बारिश होने के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली है। कई दिनों से तापमान बढ़ने के कारण तेज धूप व उमस के चलते लोगों को दिक्कत आ रही थी। बरसात से लोगों को काफी राहत मिली है। मंगलवार को बरसात के बाद शाम के समय आसमान में बादल छाए रहे। बारिश के बाद शाम के समय पार्कों में भी खूब भीड़ दिखाई दी।
बारिश से पहले चली आंधी
मंगलवार दोपहर को बारिश से पहले धूलभरी आंधी चली। इस कारण जन-जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया। धूलभरी आधी चलने से वाहन चालकों को सफर करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को मुंह पर रूमाल बांधकर सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
धान की फसल को फायदा
बारिश के बाद किसानों के चेहरे पर रौनक आई है। किसान नरपाल, सुरेश और जिले ने बताया कि बरसात धान की फसल के लिए फायदेमंद है। इन दिनों 1121, मुच्छल व अन्य किस्मों की फसलों के लिए बारिश अच्छी रहेगी। यह मौसम बासमती के लिए अनुकूल रहेगा। इससे जहां धान के पौधे तेजी से बढ़ेंगे, वहीं फसल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
वर्जन
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक रमेश चंद्र ने बताया कि ने बताया कि कैथल में 50 एमएम बरसात दर्ज की गई है। बरसात होने से कैथल में अधिकतम तापमान 29.3 व न्यूनतम तापमान 25.5 दर्ज किया गया है। मौसम को देखते हुए रात के समय बरसात हो सकती है।
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इस बारिश ने शहर में जिला प्रशासन की ओर से की गई पानी निकासी के दावों की पोल खोली। पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम ना होने के चलते शहर की सड़कें पानी से लबालब हो गईं। कई घंटों बाद तक बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पाई। जगह-जगह जलभराव के कारण राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर में कई जगह पानी जमा होने से दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सीवर लाइन की सफाई न होने के कारण बंद होने पर गलियों और सड़कों पर जल जमाव हो गया। शहर के मुख्य चौक चौराहों और सड़कों के किनारे पानी इकट्ठा होने के कारण काफी समय तक आवागमन प्रभावित रहा।
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बाजारों में पानी के भाव के कारण कई जगह मोटरसाइकिल व स्कूटी भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर पानी में बह गई। दुकानदार वाहनों को पानी से निकलते हुए दिखाई दिए। वहीं, दूसरी तरफ बारिश से मौसम सुहावना हो गया।
मंगलवार को जिले में 40 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण पूरे शहर में करीब चार घंटे तक बिजली भी गुल हुई। इस दौरान लघु सचिवालय में आए लोगों के काम नहीं हो पाए। इस बारिश में पछेती फसलों को लाभ मिलेगा, इससे किसानों के चेहरे खिले हैं।
गौरतलब है कि बारिश के मौसम में जलभराव न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने दो माह पहले सभी नाले, नालियों की सफाई करने के निर्देश दिए थे लेकिन अब भी शहर के नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। कुछ स्थानों पर नगर परिषद की ओर से सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई।
बाजारों और सड़कों पर आवाजाही बढ़ने के साथ-साथ पार्कों में भी शाम के समय रौनक दिखाई दी। पिछले दो-तीन दिनों से मौसम में हो रहे परिर्वतन के बाद मंगलवार सुबह आसमान में बादल छा गए। कुछ देर बाद ही बूंदाबांदी शुरू हो गई। दोपहर के समय तेज बारिश हो गई। करीब दो घंटे तक चली बारिश से शहर में कई जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। इस कारण दुकानदारों के साथ ही राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन इलाकों में हुई परेशानी
बारिश होने से शहर के चंदाना गेट, पिहोवा चौक, भगत सिंह चौक, कबूतर चौक, पुराना बस अड्डा मार्ग, रेलवे गेट, अंबाला रोड, जाखौली अड्डा सहित लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर पानी जमा हो गया। पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को काफी दिक्कत आई। इसी प्रकार शहर के आसपास कालोनी शक्ति नगर, हरी नगर, अर्जुन नगर, हरसौला बस्ती, अंबेडकर नगर, डीएवी कॉलोनी में भी जलभराव हुआ।
यहां बारिश का पानी जमा होने के कारण लोगों को आवाजाही के लिए काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। सीवर लाइन ब्लॉक होने के कारण गलियों में पानी जमा हो गया। इस कारण लोगों को गलियों में जमा पानी से ही गुजरने पर मजबूर होना पड़ा। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण सीवर के कई जगह ढक्कन गायब होने के कारण भी वाहन चालकों को दुर्घटना का डर बना रहा।
गर्मी से मिली राहत
बारिश होने के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली है। कई दिनों से तापमान बढ़ने के कारण तेज धूप व उमस के चलते लोगों को दिक्कत आ रही थी। बरसात से लोगों को काफी राहत मिली है। मंगलवार को बरसात के बाद शाम के समय आसमान में बादल छाए रहे। बारिश के बाद शाम के समय पार्कों में भी खूब भीड़ दिखाई दी।
बारिश से पहले चली आंधी
मंगलवार दोपहर को बारिश से पहले धूलभरी आंधी चली। इस कारण जन-जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया। धूलभरी आधी चलने से वाहन चालकों को सफर करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को मुंह पर रूमाल बांधकर सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
धान की फसल को फायदा
बारिश के बाद किसानों के चेहरे पर रौनक आई है। किसान नरपाल, सुरेश और जिले ने बताया कि बरसात धान की फसल के लिए फायदेमंद है। इन दिनों 1121, मुच्छल व अन्य किस्मों की फसलों के लिए बारिश अच्छी रहेगी। यह मौसम बासमती के लिए अनुकूल रहेगा। इससे जहां धान के पौधे तेजी से बढ़ेंगे, वहीं फसल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
वर्जन
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक रमेश चंद्र ने बताया कि ने बताया कि कैथल में 50 एमएम बरसात दर्ज की गई है। बरसात होने से कैथल में अधिकतम तापमान 29.3 व न्यूनतम तापमान 25.5 दर्ज किया गया है। मौसम को देखते हुए रात के समय बरसात हो सकती है।