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Kaithal News: कविताओं में झलका समाज का सच
Sat, 02 May 2026 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 02 May 2026 11:58 PM IST
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काव्य गोष्ठी में मौजूद कवि व अन्य। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सांस्कृतिक एवं साहित्यिक नगर कैथल में नवगठित साहित्यिक संस्था सद्भावना साहित्य सदन की पहली विचार एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन हुडा सेक्टर-21 में किया गया। बुद्ध पूर्णिमा और अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में कवियों ने समाज के विविध पहलुओं को रचनाओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ संगीतज्ञ एवं साहित्यकार श्याम सुंदर शर्मा गौड़ मुख्य अतिथि रहे, जबकि मधु गोयल ‘मधुल’ और रजनीश शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। गोष्ठी का संचालन सतबीर सिंह जागलान और डॉ. अशोक कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. विकास आनंद ने बताया कि सदन हर विचारधारा का स्वागत करता है और समाज में आपसी सद्भावना का प्रसार ही इसका प्रमुख उद्देश्य है। सेवानिवृत्त अधिकारी एवं समाजसेवी मदन लाल तंवर ने कहा कि जाति-पाति, वर्ग-भेद और ऊंच-नीच जैसी कुरीतियां देश की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा हैं। समाजसेवी लाजपत राय सिंगला ने सभी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष नाजर सिंह दयोहरा ने संस्था को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया, जबकि डॉ. जनेश आनंद ने जीवन में तर्कशीलता और वैज्ञानिक सोच अपनाने का संदेश दिया।
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इसके बाद आयोजित काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने मजदूर जीवन, सामाजिक सरोकारों और मानवता से जुड़े विषयों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
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कैथल। सांस्कृतिक एवं साहित्यिक नगर कैथल में नवगठित साहित्यिक संस्था सद्भावना साहित्य सदन की पहली विचार एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन हुडा सेक्टर-21 में किया गया। बुद्ध पूर्णिमा और अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में कवियों ने समाज के विविध पहलुओं को रचनाओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ संगीतज्ञ एवं साहित्यकार श्याम सुंदर शर्मा गौड़ मुख्य अतिथि रहे, जबकि मधु गोयल ‘मधुल’ और रजनीश शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। गोष्ठी का संचालन सतबीर सिंह जागलान और डॉ. अशोक कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
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कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. विकास आनंद ने बताया कि सदन हर विचारधारा का स्वागत करता है और समाज में आपसी सद्भावना का प्रसार ही इसका प्रमुख उद्देश्य है। सेवानिवृत्त अधिकारी एवं समाजसेवी मदन लाल तंवर ने कहा कि जाति-पाति, वर्ग-भेद और ऊंच-नीच जैसी कुरीतियां देश की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा हैं। समाजसेवी लाजपत राय सिंगला ने सभी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष नाजर सिंह दयोहरा ने संस्था को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया, जबकि डॉ. जनेश आनंद ने जीवन में तर्कशीलता और वैज्ञानिक सोच अपनाने का संदेश दिया।
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इसके बाद आयोजित काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने मजदूर जीवन, सामाजिक सरोकारों और मानवता से जुड़े विषयों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।