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Kaithal News: श्रद्धा के साथ मनाया त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव

Mon, 09 Feb 2026 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Mon, 09 Feb 2026 12:49 AM IST
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Trimurti Shiv Jayanti Mahotsav celebrated with devotion
8केएलटी1: दीप जला कर कार्यक्रम की शुरूआत करते मुख्यातिथि
संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। ब्रह्माकुमारी आश्रम द्वारा कलायत के कलवंत नगर में 90वीं महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर शिव भक्ति का लाभ उठाया। इस मौके पर बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

कार्यक्रम में कलायत थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने ध्वजारोहण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रम समाज में शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने बच्चों को हेलमेट पहनने, साइबर ठगी से सतर्क रहने तथा युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की प्रस्तुत झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों में भगवान शिव एवं त्रिमूर्ति के दिव्य स्वरूप को अत्यंत सुंदर ढंग से दर्शाया गया। मनमोहक प्रस्तुतियों पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने तालियों की गूंज से उनका उत्साहवर्धन किया।
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जिस कार्य से स्वयं और दूसरों को दुख पहुंचे, वही है पाप ः बहन रेखा
ब्रह्माकुमारी आश्रम की बीके बहन रेखा ने शिव जयंती के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान शिव हमें पवित्रता, शांति और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि जिस कार्य से स्वयं और दूसरों को दुख पहुंचे, वही पाप है।
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शिवरात्रि के वास्तविक अर्थ को स्पष्ट करते हुए कहा कि शिवजी पर जल और दूध के साथ-साथ अर्क के फूल, धतूरा और बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं, जो गहरे आध्यात्मिक प्रतीक हैं। बेर का अर्थ है भीतर की ईर्ष्या और बैर भाव को त्यागना, धतूरा विषय-विकारों के समर्पण का प्रतीक है, जबकि भांग का अर्थ परमात्मा के प्रेम के नशे में रहना है, न कि स्थूल भांग का सेवन।


बेलपत्र तीनों कालों का प्रतीक है, जो यह दर्शाता है कि आदि में हम देवी-देवता थे और पुनः उसी देव पद को प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय अज्ञानता के अंधकार का है और शिवरात्रि पर परमात्मा शिव का अवतरण इसी अंधकार को मिटाने के लिए होता है।

8केएलटी1: दीप जला कर कार्यक्रम की शुरूआत करते मुख्यातिथि

8केएलटी1: दीप जला कर कार्यक्रम की शुरूआत करते मुख्यातिथि

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