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Kaithal News: सावन की परंपराओं से याद आता है बचपन
Sat, 09 Aug 2025 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 09 Aug 2025 01:09 AM IST
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16 कैथल। पूजा। स्वयं
- फोटो : संवाद
सीवन। सावन का महीना सिर्फ बारिश या हरियाली का ही नहीं, बल्कि उन मीठी बचपन की यादों का भी प्रतीक होता है, जो हर किसी के दिल में बस जाती हैं। यहां एक भावनात्मक पंक्ति है जो आपकी बात को और भी खूबसूरती से उभार सकती है। सावन की फुहारों संग बचपन की वो यादें, मिट्टी की खुशबू, झूले की पींग, और रिमझिम गीतों की बातें लौट आती हैं।
आंगन में लगाए गए झूले और उन पर झूलती बहनों की हंसी, मेंहदी रचाना और लोकगीत गाना, कागज़ की नाव बनाकर पानी में बहाना, आम के पेड़ों पर झूले डालना और सहेलियों संग झूलना भी याद आता है। प्रस्तुति : पूजा, समाजसेवी, सीवन।
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आंगन में लगाए गए झूले और उन पर झूलती बहनों की हंसी, मेंहदी रचाना और लोकगीत गाना, कागज़ की नाव बनाकर पानी में बहाना, आम के पेड़ों पर झूले डालना और सहेलियों संग झूलना भी याद आता है। प्रस्तुति : पूजा, समाजसेवी, सीवन।
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