{"_id":"6553d1e628cabe62df007d26","slug":"took-a-number-of-rs-530-lakh-for-a-bullet-worth-rs-35-lakh-kaithal-news-c-245-1-kht1001-7141-2023-11-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: साढ़े तीन लाख की बुलेट के लिए लिया 5.30 लाख का नंबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: साढ़े तीन लाख की बुलेट के लिए लिया 5.30 लाख का नंबर
Wed, 15 Nov 2023 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 15 Nov 2023 01:30 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। गुहला खंड के गांव माजरी के हरविंद्र सिंह ने अपने बुलेट बाइक के लिए पांच लाख 30 हजार रुपये का वीआईपी नंबर एचआर 09 एच- 2222 बोली पर खरीदा है। वहीं से चीका के जगदेव सिंह ने एचआर 09 एच- 7777 नंबर के लिए तीन लाख 50 हजार रुपये की बोली लगाई है। गांव बदसुई के राजेश कुमार ने एचआर 09 एच- 9000 नंबर के लिए दो लाख 31 हजार रुपये की बोली लगा इस नंबर को खरीदा है।
एसडीएम कार्यालय गुहला ने वीरवार को वाहनों की रजिस्ट्रेशन के लिए एच सीरीज शुरू की है। कार्यालय मे मंगलवार को नायब तहसीलदार सुनील कुमार के नेतृत्व में इस सीरीज के वीआईपी नंबरों की नीलामी की गई। नीलामी में कुल 32 नंबर रखे गए थे जिनमें से बोली दाताओं ने 18 नंबरों पर बोली लगाई।
प्रशासन को पहले तीन नंबरों से ही 11 लाख 11 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। सभी 18 नंबरों से सरकार को कुल 18 लाख 36 हजार 100 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। बोली पर खरीदे गए वाहनों के लिए महंगे नंबरों की क्षेत्र में दिनभर चर्चा रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुहला-चीका। गुहला खंड के गांव माजरी के हरविंद्र सिंह ने अपने बुलेट बाइक के लिए पांच लाख 30 हजार रुपये का वीआईपी नंबर एचआर 09 एच- 2222 बोली पर खरीदा है। वहीं से चीका के जगदेव सिंह ने एचआर 09 एच- 7777 नंबर के लिए तीन लाख 50 हजार रुपये की बोली लगाई है। गांव बदसुई के राजेश कुमार ने एचआर 09 एच- 9000 नंबर के लिए दो लाख 31 हजार रुपये की बोली लगा इस नंबर को खरीदा है।
एसडीएम कार्यालय गुहला ने वीरवार को वाहनों की रजिस्ट्रेशन के लिए एच सीरीज शुरू की है। कार्यालय मे मंगलवार को नायब तहसीलदार सुनील कुमार के नेतृत्व में इस सीरीज के वीआईपी नंबरों की नीलामी की गई। नीलामी में कुल 32 नंबर रखे गए थे जिनमें से बोली दाताओं ने 18 नंबरों पर बोली लगाई।
विज्ञापन
प्रशासन को पहले तीन नंबरों से ही 11 लाख 11 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। सभी 18 नंबरों से सरकार को कुल 18 लाख 36 हजार 100 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। बोली पर खरीदे गए वाहनों के लिए महंगे नंबरों की क्षेत्र में दिनभर चर्चा रही।
विज्ञापन