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बीस सप्ताह से ज्यादा के भ्रूण का गर्भपात करने की थी शिकायत
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करनाल रोड पर एक निजी अस्पताल में बीस सप्ताह से अधिक के भ्रूण का गर्भपात करने की शिकायत पर रेड की। जिसमें शिकायत सही पाई गई। यहां दाखिल महिला की रजिस्टर में इंट्री पाई गई। लेकिन गर्भपात के लिए अब 20 की बजाए 24 सप्ताह की अनुमति के कारण मामले में कार्रवाई के लिए विभाग से मार्गदर्शन मांगा गया है।
मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग में विभाग मुख्यालय से जिलास्तर पर सूचना मिली थी कि करनाल रोड पर एक निजी अस्पताल में एक महिला के बीस सप्ताह से अधिक के भ्रूण का गर्भपात करवाया जा रहा है। इस सूचना के बाद विभाग की टीम ने संबंधित अस्पताल में रेड की। जहां एक गर्भवति महिला की इंट्री पाई गई। इस महिला का गर्भपात किया जा रहा था। जो बीस सप्ताह से ज्यादा का था। पहले विभाग द्वारा बीस सप्ताह तक ही गर्भपात की अनुमति थी। लेकिन पिछले दिनों केंद्र ने 24 सप्ताह के तक गर्भपात की अनुमति दी थी। लेकिन इसके लिए जिलास्तर पर आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। इसी कारण विभाग की टीम ने रिपोर्ट बनाकर भेज दी है और मुख्यालय से इसके लिए मार्गदर्शन मांगा है। इसके बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
पीएमओ डा. रेनू चावला ने कहा कि गर्भपात बीस सप्ताह से ज्यादा का ही किया जा रहा था। चूंकि अभी 24 सप्ताह तक के लिए अनुमति है तो विभाग से इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा गया है। डॉक्टर ने रिकॉर्ड पूरा रखा हुआ था। कोई छुपाकर काम नहीं किया गया है। रिपोर्ट बनाकर विभाग को भेज दी गई है। जैसे ही आदेश आएंगे, उसी अनुसार कार्रवाई कर दी जाएगी।
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मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग में विभाग मुख्यालय से जिलास्तर पर सूचना मिली थी कि करनाल रोड पर एक निजी अस्पताल में एक महिला के बीस सप्ताह से अधिक के भ्रूण का गर्भपात करवाया जा रहा है। इस सूचना के बाद विभाग की टीम ने संबंधित अस्पताल में रेड की। जहां एक गर्भवति महिला की इंट्री पाई गई। इस महिला का गर्भपात किया जा रहा था। जो बीस सप्ताह से ज्यादा का था। पहले विभाग द्वारा बीस सप्ताह तक ही गर्भपात की अनुमति थी। लेकिन पिछले दिनों केंद्र ने 24 सप्ताह के तक गर्भपात की अनुमति दी थी। लेकिन इसके लिए जिलास्तर पर आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। इसी कारण विभाग की टीम ने रिपोर्ट बनाकर भेज दी है और मुख्यालय से इसके लिए मार्गदर्शन मांगा है। इसके बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
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पीएमओ डा. रेनू चावला ने कहा कि गर्भपात बीस सप्ताह से ज्यादा का ही किया जा रहा था। चूंकि अभी 24 सप्ताह तक के लिए अनुमति है तो विभाग से इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा गया है। डॉक्टर ने रिकॉर्ड पूरा रखा हुआ था। कोई छुपाकर काम नहीं किया गया है। रिपोर्ट बनाकर विभाग को भेज दी गई है। जैसे ही आदेश आएंगे, उसी अनुसार कार्रवाई कर दी जाएगी।
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