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Kaithal News: जींद रूट पर शाम सात बजे के बाद नहीं मिलती है बस
Sun, 07 Jun 2026 06:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 07 Jun 2026 06:02 AM IST
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कैथल। कैथल से जींद रूट पर सात बजे के बाद लोकल बस सेवा नहीं मिल रही है। जिससे जींद जाने वालेयात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि बसें नहीं मिलने से उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इस रूट पर चलने वाली आखिरी लोकल बस शाम करीब 6 बजकर 50 मिनट पर ही कई बार निकल जाती है। इसके बाद जींद की ओर जाने वाली लंबी दूरी की बसें तो गुजरती हैं, लेकिन वे अधिकांश स्थानीय गांवों में नहीं रुकतीं। इससे बीच मार्ग के गांवों के यात्रियों को घंटों इंतजार करने के बावजूद कोई सुविधा नहीं मिल पाती।
सबसे अधिक परेशानी देवबन, तारागढ़, गुलियाणा और सौंगरी गांव के लोगों को झेलनी पड़ रही है। इन गांवों के विद्यार्थी, कर्मचारी, मजदूर और अन्य यात्री रोजाना कैथल व जींद के बीच आवागमन करते हैं। शाम के समय बस सेवा उपलब्ध न होने के कारण उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों राजेश, मनोज, सुभाषा का कहना है कि कई बार महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को सड़क किनारे लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। रात होने पर सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ जाती हैं। यात्रियों ने मांग की है कि परिवहन विभाग शाम सात बजे के बाद कम से कम एक-दो अतिरिक्त लोकल बसों का संचालन सुनिश्चित करे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को राहत मिल सके। लंबी दूरी की बसों का रात के समय स्थानीय गांवों में ठहराव निर्धारित किया जाए, ताकि हजारों यात्रियों को लाभ मिल सकें। संवाद
वर्जन-
बसों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों की संख्या अनुसार बसें भेजी जा रही है। लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जा रही है। नई बसों के आने के बाद इस रूट पर संख्या बढ़ा दी जाएगी।
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विपुल कुमार, टीएम कैथल
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सबसे अधिक परेशानी देवबन, तारागढ़, गुलियाणा और सौंगरी गांव के लोगों को झेलनी पड़ रही है। इन गांवों के विद्यार्थी, कर्मचारी, मजदूर और अन्य यात्री रोजाना कैथल व जींद के बीच आवागमन करते हैं। शाम के समय बस सेवा उपलब्ध न होने के कारण उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों राजेश, मनोज, सुभाषा का कहना है कि कई बार महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को सड़क किनारे लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। रात होने पर सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ जाती हैं। यात्रियों ने मांग की है कि परिवहन विभाग शाम सात बजे के बाद कम से कम एक-दो अतिरिक्त लोकल बसों का संचालन सुनिश्चित करे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को राहत मिल सके। लंबी दूरी की बसों का रात के समय स्थानीय गांवों में ठहराव निर्धारित किया जाए, ताकि हजारों यात्रियों को लाभ मिल सकें। संवाद
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वर्जन-
बसों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों की संख्या अनुसार बसें भेजी जा रही है। लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जा रही है। नई बसों के आने के बाद इस रूट पर संख्या बढ़ा दी जाएगी।
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विपुल कुमार, टीएम कैथल