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Kaithal News: जिला नागरिक अस्पताल में अब तक नहीं पहुंची जांच किट
Fri, 30 May 2025 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 30 May 2025 01:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्रदेश में कोरोना संक्रमित केस बढ़ रहे हैं, लेकिन जिला नागरिक अस्पताल में अब तक जांच किट तक नहीं पहुंची है। जांच किट न आने के कारण अभी तक कोरोना की जांच शुरू नहीं हो पाई है। तीन दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने सतर्कता बरतने के आदेश जारी करते हुए संदिग्ध बुखार के मरीजों की जांच के आदेश दिए थे।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को जांच किट पहुंचने का दावा है। करीब एक सप्ताह बाद भी यह किट नहीं पहुंची है। ऐसे में यहां पर संदिग्ध बुखार के मरीजों की जांच शुरू नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य विभाग ने फ्लू कॉर्नर पर अतिरिक्त स्टाफ की ड्यूटियां लगा दी हैं।
अस्पताल में फ्लू कॉर्नर भी बनाया गया है। इसके अलावा नागरिक अस्पताल में ही मरीजों के लिए वेंटिलेटर और आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अस्पताल में टेस्टिंग की सुविधा शुरू हो जाएगी। ये टेस्ट उन्हीं लोगों के किए जाएंगे, जिनमें कोरोना से संबंधित लक्षण दिखाई देते हैं। यदि कोई व्यक्ति सीधे तौर पर टेस्ट करवाने के लिए आएगा तो फिलहाल उसका टेस्ट नहीं किया जाएगा। इसे पहले उसे डॉक्टर को दिखाना होगा और डॉक्टर की अनुमति के बाद ही टेस्ट किया जाएगा।
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सबसे पहले अस्पताल में रैपिड टेस्टों की सुविधा शुरू की जाएगी, जिसमें मौके पर ही जांच कर मरीज को बताया जाएगा कि वह कोरोना संक्रमित है या नहीं। टेस्ट के साथ ही मरीज को उसकी रिपोर्ट भी दे दी जाएगी।
कर्मचारियों को दिया प्रशिक्षण ः वहीं अस्पताल के स्टाफ को भी अधिकारियों ने इस संबंध में प्रशिक्षण दिया गया है कि वे कोरोना से संबंधित नियमों का पालन करें। मुंह पर मास्क लगाकर रखें और बार-बार सैनिटाइजर से हाथ साफ करते रहें। फिलहाल जिले में कोरोना का कोई केस सामने नहीं आया है, लेकिन इसे लेकर विभाग चौकन्ना है। कोरोना से बचाव के लिए अस्पताल के डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मियों व अन्य सहयोगी कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
जिले में कोरोना महामारी की शुरूआत से लेकर अब तक विभाग की ओर से पांच लाख 51 हजार 146 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। इसमें से 15 हजार 496 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। जबकि 378 लोगों की कोरोना महामारी के कारण मौत की हो चुकी है।
हालांकि राहत की बात यह है कि वर्तमान समय में कोरोना का कोई भी केस नहीं है। दूसरा यह भी है कि जिले में कोरोना महामारी से ठीक होने वाले मरीजों का प्रतिशत भी 97.5 रहा है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के पास कोरोना से निपटने के लिए इस समय जिले में तीन ऑक्सीजन प्लांट, 425 सामान्य कोविड बेड हैं। इसमें 100 बेड का प्री-फेब्रिकेटेड कोविड अस्पताल भी शामिल है जबकि 195 ऑक्सीजन बेड, 28 नॉन ऑक्सीजन बेड, 42 आईसीयू, नौ वेंटिलेटर और छह वेंटिलेटर एंबुलेंस हैं।
फिलहाल रैपिड टेस्ट की सुविधा शुरू की जाएगी
जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सचिन मांडले ने कहा कि कोरोना से बचाव को लेकर अस्पताल में पूरी तैयारी है। फिलहाल रैपिड टेस्ट की सुविधा शुरू की जाएगी। इसमें मौके पर ही मरीज को जांच के बाद रिपोर्ट दी जाएगी। जल्द ही अस्पताल में आरटी पीसीआर लैब में भी टेस्टों की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। कोरोना जांच किट करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से मंगवाई गई है।
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कैथल। प्रदेश में कोरोना संक्रमित केस बढ़ रहे हैं, लेकिन जिला नागरिक अस्पताल में अब तक जांच किट तक नहीं पहुंची है। जांच किट न आने के कारण अभी तक कोरोना की जांच शुरू नहीं हो पाई है। तीन दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने सतर्कता बरतने के आदेश जारी करते हुए संदिग्ध बुखार के मरीजों की जांच के आदेश दिए थे।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को जांच किट पहुंचने का दावा है। करीब एक सप्ताह बाद भी यह किट नहीं पहुंची है। ऐसे में यहां पर संदिग्ध बुखार के मरीजों की जांच शुरू नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य विभाग ने फ्लू कॉर्नर पर अतिरिक्त स्टाफ की ड्यूटियां लगा दी हैं।
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अस्पताल में फ्लू कॉर्नर भी बनाया गया है। इसके अलावा नागरिक अस्पताल में ही मरीजों के लिए वेंटिलेटर और आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अस्पताल में टेस्टिंग की सुविधा शुरू हो जाएगी। ये टेस्ट उन्हीं लोगों के किए जाएंगे, जिनमें कोरोना से संबंधित लक्षण दिखाई देते हैं। यदि कोई व्यक्ति सीधे तौर पर टेस्ट करवाने के लिए आएगा तो फिलहाल उसका टेस्ट नहीं किया जाएगा। इसे पहले उसे डॉक्टर को दिखाना होगा और डॉक्टर की अनुमति के बाद ही टेस्ट किया जाएगा।
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सबसे पहले अस्पताल में रैपिड टेस्टों की सुविधा शुरू की जाएगी, जिसमें मौके पर ही जांच कर मरीज को बताया जाएगा कि वह कोरोना संक्रमित है या नहीं। टेस्ट के साथ ही मरीज को उसकी रिपोर्ट भी दे दी जाएगी।
कर्मचारियों को दिया प्रशिक्षण ः वहीं अस्पताल के स्टाफ को भी अधिकारियों ने इस संबंध में प्रशिक्षण दिया गया है कि वे कोरोना से संबंधित नियमों का पालन करें। मुंह पर मास्क लगाकर रखें और बार-बार सैनिटाइजर से हाथ साफ करते रहें। फिलहाल जिले में कोरोना का कोई केस सामने नहीं आया है, लेकिन इसे लेकर विभाग चौकन्ना है। कोरोना से बचाव के लिए अस्पताल के डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मियों व अन्य सहयोगी कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
जिले में कोरोना महामारी की शुरूआत से लेकर अब तक विभाग की ओर से पांच लाख 51 हजार 146 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। इसमें से 15 हजार 496 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। जबकि 378 लोगों की कोरोना महामारी के कारण मौत की हो चुकी है।
हालांकि राहत की बात यह है कि वर्तमान समय में कोरोना का कोई भी केस नहीं है। दूसरा यह भी है कि जिले में कोरोना महामारी से ठीक होने वाले मरीजों का प्रतिशत भी 97.5 रहा है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के पास कोरोना से निपटने के लिए इस समय जिले में तीन ऑक्सीजन प्लांट, 425 सामान्य कोविड बेड हैं। इसमें 100 बेड का प्री-फेब्रिकेटेड कोविड अस्पताल भी शामिल है जबकि 195 ऑक्सीजन बेड, 28 नॉन ऑक्सीजन बेड, 42 आईसीयू, नौ वेंटिलेटर और छह वेंटिलेटर एंबुलेंस हैं।
फिलहाल रैपिड टेस्ट की सुविधा शुरू की जाएगी
जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सचिन मांडले ने कहा कि कोरोना से बचाव को लेकर अस्पताल में पूरी तैयारी है। फिलहाल रैपिड टेस्ट की सुविधा शुरू की जाएगी। इसमें मौके पर ही मरीज को जांच के बाद रिपोर्ट दी जाएगी। जल्द ही अस्पताल में आरटी पीसीआर लैब में भी टेस्टों की सुविधा शुरू कर दी जाएगी। कोरोना जांच किट करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से मंगवाई गई है।