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Kaithal News: प्रदर्शनी में हरियाणा के वीर जवानों की शौर्य गाथा जीवंत
Wed, 04 Feb 2026 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 04 Feb 2026 01:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय में हरियाणा के सैन्य इतिहास और वीर-जवानों के शौर्य को प्रदर्शित करने वाली छह दिवसीय प्रदर्शनी का मंगलवार को समापन हो गया। प्रदर्शनी में हरियाणा के वीर-जवानों के शौर्य और बलिदान की गाथा को दर्शाया।
इस मौके पर जिले सहित विभिन्न कॉलेजों और स्कूलों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर हरियाणा की गौरवशाली सैन्य परंपरा को नजदीक से जाना। प्रदर्शनी में हरियाणा के वीर सैनिकों के शौर्य, साहस और बलिदान को आकर्षक एवं प्रभावशाली चित्रों के माध्यम से जीवंत किया गया था।
इसमें प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर वर्तमान समय तक हुए युद्धों में हरियाणा के शूरवीरों की भूमिका और योगदान को ऐतिहासिक क्रम में प्रस्तुत किया गया, जिससे विद्यार्थियों को देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना से ओतप्रोत होने का अवसर मिला।
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हरियाणा साहित्य अकादमी की ओर से प्रदर्शनी इंचार्ज राजबीर सिंह ने प्रदर्शनी में आने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और आगंतुकों को इसके उद्देश्य और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य युवा पीढ़ी को हरियाणा के सैन्य इतिहास से परिचित कराना और उनमें राष्ट्र के प्रति सम्मान व गर्व की भावना विकसित करना है।<प्रदर्शनी के आयोजन पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी पंचकूला के प्रतिनिधि एवं प्रदर्शनी इंचार्ज राजवीर सिंह को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
प्रदर्शनी के अंतिम दिन भी इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. पवन कबीर एवं प्राध्यापिका सुमन पूनिया ने आगंतुकों और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। समापन दिवस पर जाट कॉलेज कैथल एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कैलरम के विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत की जानकारी हासिल की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की डीन ऑफ सोशल साइंस एंड ह्यूमैनिटीज डॉ. एकता चहल, डायरेक्टर एडमिशन राजेंद्र गोयत, लोक संपर्क अधिकारी डॉ. मनोज कुमार, प्राध्यापक अमरजीत मोर मौजूद रहे।
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कैथल। एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय में हरियाणा के सैन्य इतिहास और वीर-जवानों के शौर्य को प्रदर्शित करने वाली छह दिवसीय प्रदर्शनी का मंगलवार को समापन हो गया। प्रदर्शनी में हरियाणा के वीर-जवानों के शौर्य और बलिदान की गाथा को दर्शाया।
इस मौके पर जिले सहित विभिन्न कॉलेजों और स्कूलों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर हरियाणा की गौरवशाली सैन्य परंपरा को नजदीक से जाना। प्रदर्शनी में हरियाणा के वीर सैनिकों के शौर्य, साहस और बलिदान को आकर्षक एवं प्रभावशाली चित्रों के माध्यम से जीवंत किया गया था।
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इसमें प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर वर्तमान समय तक हुए युद्धों में हरियाणा के शूरवीरों की भूमिका और योगदान को ऐतिहासिक क्रम में प्रस्तुत किया गया, जिससे विद्यार्थियों को देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना से ओतप्रोत होने का अवसर मिला।
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हरियाणा साहित्य अकादमी की ओर से प्रदर्शनी इंचार्ज राजबीर सिंह ने प्रदर्शनी में आने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और आगंतुकों को इसके उद्देश्य और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य युवा पीढ़ी को हरियाणा के सैन्य इतिहास से परिचित कराना और उनमें राष्ट्र के प्रति सम्मान व गर्व की भावना विकसित करना है।<प्रदर्शनी के आयोजन पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी पंचकूला के प्रतिनिधि एवं प्रदर्शनी इंचार्ज राजवीर सिंह को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
प्रदर्शनी के अंतिम दिन भी इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. पवन कबीर एवं प्राध्यापिका सुमन पूनिया ने आगंतुकों और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। समापन दिवस पर जाट कॉलेज कैथल एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कैलरम के विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत की जानकारी हासिल की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की डीन ऑफ सोशल साइंस एंड ह्यूमैनिटीज डॉ. एकता चहल, डायरेक्टर एडमिशन राजेंद्र गोयत, लोक संपर्क अधिकारी डॉ. मनोज कुमार, प्राध्यापक अमरजीत मोर मौजूद रहे।