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Kaithal News: राइस मिलों की जहरीली हवा फिजा को कर रही प्रदूषित

Sat, 11 May 2024 01:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 11 May 2024 01:38 PM IST
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The poisonous air of rice mills is polluting the environment.
गुरमीत सीड़ा गुहला-चीका। लोकसभा चुनाव के मतदान की तिथि नजदीक आती जा रही है। शुक्रवार को क्षेत्र की राइस मिलों से फैल रहे प्रदूषण पर चर्चा। स्थानीय लोगों का कहना है िक इनकी जहरीली हवा फिजा को प्रदूषित कर रही है। वायु प्रदूषण रोकने के लिए शिकायतों का मुद्दा लोग उठाते रहे हैं और वहीं अधिकारियों की कार्रवाई सुस्त रही है।
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फिजा जहरीली होने की वजह से इलाके में तमाम लोगों को बीमारियां जकड़ रही हैं। आरोप है कि इस मुद्दे पर ग्रामीणों की जिम्मेदार नहीं सुन रहे हैं। ऐसे में लोगों में घबराहट है कि कहीं धीरे-धीरे उनकी सांसें न थम जाएं। खुली हवाओं में तेजी से घुल रहा जहर घातक है, जो इलाके को जहरीला बना रहा है।
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चांदी राम, मंगत राम, सुरजीत सिंह, करनैल सिंह आदि स्थानीय लोगों ने कहा कि शासन व प्रशासन को सैंकड़ों चिट्ठी लिखकर पत्राचार कर चुके हैं किंतु आवेदनों की स्थितियां लगभग आज भी वही है। समस्या आज की स्थिति में अधिक भयावह है। लिहाजा समस्या से तत्काल राहत पाने के लिए पर्यावरण विभाग और अन्य विभागों की ओर से मांग भी कर रहे हैं।
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उनकी इस शिकायत और मांग पर ना तो अधिकारी कार्रवाई करते हैं और ना ही कोई असर हो पाया है। तो ऐसे में क्या कहें कि शासन प्रशासन हमारी जान बूझ कर नहीं सुन रहा है या फिर किस दबाव या मजबूरी में सुनना नहीं चाहते हैं। इसका बड़ा उदाहरण कार्रवाई नहीं होने से लेकर देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि राइस मिल से निकलने वाला प्रदूषण जहरीली दवा का काम कर रहा है। इससे लोग अस्थमा, श्वास की बीमारी, किडनी में परेशानी, आंखों की समस्या जैसे कई गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इतना ही नहीं मौत के घाट तक पहुंच रहें है। हमारे जनप्रतिनिधियों को इस पर आवाज उठानी चाहिए। संवाद


राइस मिलों से निकलने वाले डस्ट व धुएं से वहां रहने वाले लोगों को कई प्रकार की गंभीर बीमारी और परेशानी की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, अगर शिकायत आती है तो पर्यावरण विभाग को पत्र लिखकर संबंधित राइस मिलों की जानकारी लेकर जांच टीम गठित कर राइस मिलों की जांच कराई जाएगी।

-कृष्ण कुमार, एसडीएम, गुहला।
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