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Kaithal News: बागवानी बीमा योजना पोर्टल का मुख्य उद्देश्य है जोखिम मुक्त खेती ः डीसी
Tue, 06 Feb 2024 04:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 06 Feb 2024 04:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बागवानी किसानों के लिए सरकार की ओर से मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना पोर्टल शुरू किया हुआ है। पोर्टल बनाने का उद्देश्य किसानों की आय को बढ़ाने और किसानों को जोखिम मुक्त खेती करने के लिए है। इस योजना के तहत किसानों की फसलों में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण से होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी।
यह जानकारी डीसी प्रशांत पंवार ने दी। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम कारक तथा प्राकृतिक आपदाओं जैसे ओलावृष्टि, तापमान, पाला, जल कारक (बाढ़, बादल फटना, नहर/ड्रेन का टूटना, जलभराव), आंधी तूफान व आग जो फसल नुकसान का कारण बनते है, को इस योजना में शामिल किया जा रहा है।
डीसी ने बताया कि इस योजना के तहत 21 फसलों को शामिल किया गया है, जिसमें 14 सब्जियां (टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, मटर, गाजर, भिंडी, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पत्ता गोभी, मूली), दो मसाले (हल्दी, लहसुन) और पांच फल (आम, किन्नू, बेर, अमरूद, लीची) शामिल है।
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डीसी ने बताया कि योजना उन सभी किसानों के लिए वैकल्पिक तौर पर होगी जो मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के तहत पंजीकृत होंगे। योजना के तहत आश्वस्त राशि (सम एश्योरड) सब्जियों व फसलों के लिए रुपये 30 हजार रुपये प्रति एकड़ व फलों के लिए रुपये 40 हजार रुपये प्रति एकड़ होगी तथा किसान का योगदान/ हिस्सा आश्वस्त राशि का केवल 2.5 प्रतिशत होगा, जोकि सब्जियों में राशि 750 रुपये व फलों में राशि 1000 रुपये प्रति एकड़ होगी। मुआवजा राशि को चार श्रेणी 25, 50, 75 व 100 फीसदी में बांटा गया है।
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कैथल। बागवानी किसानों के लिए सरकार की ओर से मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना पोर्टल शुरू किया हुआ है। पोर्टल बनाने का उद्देश्य किसानों की आय को बढ़ाने और किसानों को जोखिम मुक्त खेती करने के लिए है। इस योजना के तहत किसानों की फसलों में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण से होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी।
यह जानकारी डीसी प्रशांत पंवार ने दी। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम कारक तथा प्राकृतिक आपदाओं जैसे ओलावृष्टि, तापमान, पाला, जल कारक (बाढ़, बादल फटना, नहर/ड्रेन का टूटना, जलभराव), आंधी तूफान व आग जो फसल नुकसान का कारण बनते है, को इस योजना में शामिल किया जा रहा है।
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डीसी ने बताया कि इस योजना के तहत 21 फसलों को शामिल किया गया है, जिसमें 14 सब्जियां (टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, मटर, गाजर, भिंडी, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पत्ता गोभी, मूली), दो मसाले (हल्दी, लहसुन) और पांच फल (आम, किन्नू, बेर, अमरूद, लीची) शामिल है।
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डीसी ने बताया कि योजना उन सभी किसानों के लिए वैकल्पिक तौर पर होगी जो मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के तहत पंजीकृत होंगे। योजना के तहत आश्वस्त राशि (सम एश्योरड) सब्जियों व फसलों के लिए रुपये 30 हजार रुपये प्रति एकड़ व फलों के लिए रुपये 40 हजार रुपये प्रति एकड़ होगी तथा किसान का योगदान/ हिस्सा आश्वस्त राशि का केवल 2.5 प्रतिशत होगा, जोकि सब्जियों में राशि 750 रुपये व फलों में राशि 1000 रुपये प्रति एकड़ होगी। मुआवजा राशि को चार श्रेणी 25, 50, 75 व 100 फीसदी में बांटा गया है।