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Kaithal News: शिव भक्ति के रंग में रंगा जिला
Wed, 23 Jul 2025 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 23 Jul 2025 12:20 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल, कलायत। शिवरात्रि पर्व की पूर्व संध्या पर मंगलवार को पूरा जिला शिवमय हो गया है। जगह-जगह हर-हर महादेव और बम बम भोले के जयघोष के साथ कांवड़ियों की टोलियां सड़कों पर नजर आईं। शिव मंदिरों को विशेष रूप से सजाया
गया है और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।
बुधवार को सावन की शिवरात्रि का पर्व है। इसके लिए श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर, प्राचीन अंबकेश्वर मंदिर, हनुमान वाटिका व शिव शक्ति धाम सहित सभी प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना की तैयारियां की गई हैं।
कांवड़ियों की हलचल और डाक कांवड़ का इंतजार ः ढांड रोड पर देर रात तक कांवड़ियों की आवाजाही जारी रही। वहीं खडालवा, कलायत और कपिल मुनि मंदिर परिसर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। पुजारी पंडित गोपाल के अनुसार, शिवरात्रि की सुबह पहले मुहूर्त में जलाभिषेक शुरू हो जाएगा।
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सजे मंदिर, भव्य श्रृंगार ः खंडालवा के शिव मंदिर में भोलेनाथ का चंदन व फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया है। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भोजन व प्रसाद की व्यवस्था की गई है।
शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि सावन शिवरात्रि 23 जुलाई को प्रातः 4:39 बजे शुरू होकर 24 जुलाई को रात 2:24 बजे समाप्त होगी। प्रमुख जलाभिषेक मुहूर्त: प्रातः 4:15 से 4:56, प्रातः 8:32 से 10:02 पूजा में पंचामृत स्नान, बेलपत्र, इत्र, मिष्ठान आदि अर्पित किए जाएंगे। शिव पुराण व शिवाष्टक पाठ का महत्व है।
बन रहे दुर्लभ योग
पंडित प्रेमशंकर शास्त्री के अनुसार, इस बार शिवरात्रि पर मालव्य, गजकेसरी, नवपंचम, बुधादित्य और सर्वार्थ सिद्धि जैसे शुभ योग बन रहे हैं, जिनका विशेष प्रभाव मिथुन, कर्क और वृश्चिक राशियों पर पड़ेगा।
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कैथल, कलायत। शिवरात्रि पर्व की पूर्व संध्या पर मंगलवार को पूरा जिला शिवमय हो गया है। जगह-जगह हर-हर महादेव और बम बम भोले के जयघोष के साथ कांवड़ियों की टोलियां सड़कों पर नजर आईं। शिव मंदिरों को विशेष रूप से सजाया
गया है और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।
बुधवार को सावन की शिवरात्रि का पर्व है। इसके लिए श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर, प्राचीन अंबकेश्वर मंदिर, हनुमान वाटिका व शिव शक्ति धाम सहित सभी प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना की तैयारियां की गई हैं।
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कांवड़ियों की हलचल और डाक कांवड़ का इंतजार ः ढांड रोड पर देर रात तक कांवड़ियों की आवाजाही जारी रही। वहीं खडालवा, कलायत और कपिल मुनि मंदिर परिसर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। पुजारी पंडित गोपाल के अनुसार, शिवरात्रि की सुबह पहले मुहूर्त में जलाभिषेक शुरू हो जाएगा।
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सजे मंदिर, भव्य श्रृंगार ः खंडालवा के शिव मंदिर में भोलेनाथ का चंदन व फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया है। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भोजन व प्रसाद की व्यवस्था की गई है।
शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि सावन शिवरात्रि 23 जुलाई को प्रातः 4:39 बजे शुरू होकर 24 जुलाई को रात 2:24 बजे समाप्त होगी। प्रमुख जलाभिषेक मुहूर्त: प्रातः 4:15 से 4:56, प्रातः 8:32 से 10:02 पूजा में पंचामृत स्नान, बेलपत्र, इत्र, मिष्ठान आदि अर्पित किए जाएंगे। शिव पुराण व शिवाष्टक पाठ का महत्व है।
बन रहे दुर्लभ योग
पंडित प्रेमशंकर शास्त्री के अनुसार, इस बार शिवरात्रि पर मालव्य, गजकेसरी, नवपंचम, बुधादित्य और सर्वार्थ सिद्धि जैसे शुभ योग बन रहे हैं, जिनका विशेष प्रभाव मिथुन, कर्क और वृश्चिक राशियों पर पड़ेगा।