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Kaithal News: ग्रामीणों में जल संरक्षण की अलख जगा रहा विभाग

Fri, 05 Jul 2024 06:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 05 Jul 2024 06:59 AM IST
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The department is awakening the spirit of water conservation among the villagers.
संवाद न्यूज एजेंसी
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पूंडरी, कैथल। पूंडरी खंड के गांव खेड़ी सिकंदर की आंगनबाड़ी में जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से वीरवार को जल संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें जलसंरक्षण पर जोर देते हुए भविष्य में होने वाले जल संकट के बारे में चर्चा की गई। जानकारी दी गई कि जल निकायों की गणना को लेकर जो आंकड़े आए हैं, वे चौंकाने वाले और चिंता में डालने वाले हैं। ऐसे में हमें जलसंरक्षण के लिए गंभीर कदम उठाने होंगे।

इस कार्यक्रम में विभाग के वासो के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने जल संरक्षण को लेकर व्याख्यान दिया। जल संरक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बिमला देवी की। जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि विश्व की 18 प्रतिशत आबादी हमारे देश में रहती है। वहीं, हमारे पास मात्र चार प्रतिशत पीने का पानी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी का भी मात्र आठ प्रतिशत पानी ही हम संचय कर पा रहे हैं। भविष्य के संकट से बचने के लिए जल संरक्षण के इस कदम को बढ़ावा देना होगा।
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दीपक ने बताया कि भारत में 1911 अरब क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध है। देश में कुल 24 लाख 24 हजार, 540 जल निकाय है। 97 प्रतिशत जल निकाय ग्रामीण क्षेत्रों में है तो वहीं सिर्फ तीन प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में हैं। 84 प्रतिशत जल निकाय उपयोग में हैं। 16 प्रतिशत जल निकाय उपयोग में नहीं है। नीति आयोग की रिपोर्ट में बताया गया था कि 2030 तक देश में पानी की मांग, उपलब्ध आपूर्ति से दुगनी होने का अनुमान है। इससे पानी की भारी कमी का संकेत मिलता है। करोड़ों लोग इससे प्रभावित होंगे और देश की जीडीपी में 6 प्रतिशत का नुकसान होने का अनुमान है।
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दीपक कुमार ने फील्ड टेस्टिंग कीट के बारे में भी जानकारी दी। बताया कि किट में पानी डालकर उसे अच्छी तरह हिलाएं और 12 से 24 घंटे के लिए रख दें। पानी का रंग हल्का भूरा रहा तो पानी पीने योग्य है। यदि पानी का रंग काला हो जाता है तो वह पानी पीने योग्य नहीं है। पानी जांच का आसान तरीका होने के कारण कोई भी व्यक्ति इस किट का प्रयोग कर सकता है। इस मौके पर विभाग के बीआरसी बलकार सिंह, सेंतरो, नारायणी देवी, पिंकी देवी, मीना सुमन, गांव के पूर्व सरपंच मनोज कुमार मौजूद रहे।
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