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खुले दरबार में 40 हजार रुपये के बिल की शिकायत लेकर पहुंचा उपभोक्ता
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बिजली निगम के उपभोक्ता फोरम के चेयरमैन आरके शर्मा ने बुधवार को पिहोवा चौक स्थित राजीव गांधी विद्युत निगम में बिजली उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उपभोक्ताओं ने बिल अधिक आने और गड़बड़ी की शिकायत की। एक उपभोक्ता ने कहा कि उसका मीटर अधिक बिजली बिल दे रहा है। इसी तरह एक उपभोक्ता ने विभाग के एक साल में 40 हजार बिल भेजने की बात कही।
खुले दरबार में महज पांच शिकायतें आईं। इनमें से दो शिकायतों का दो दिन में समाधान करवाने का आश्वासन दिया गया। तीन शिकायतों को लंबित रखा गया है। बुधवार को ब्राह्मणी वाला गांव निवासी पवन ने शिकायत में बताया कि उसका एक साल का 40 हजार रुपये का बिजली बिल दिया है। चेयरमैन ने एक सप्ताह में उसकी समस्या के समाधान का आदेश दिया। फतेहपुर निवासी अमित कुमार ने बताया कि उसके घर का बिजली मीटर उषा रानी के नाम से है। कई महीनों से मीटर का बिल काफी ज्यादा आ रहा है। इस बिल को ठीक करवाने के लिए कई बार पूंडरी कार्यालय में गया लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। चेयरमैन ने दो दिनों में उसकी समस्या के समाधान का निर्देश दिया।
भागल निवासी विक्रम सिंह ने चेयरमैन को शिकायत में बताया कि उसने भागल में दुकान पर 12 साल पहले मीटर लगवाया था। जुलाई में उसकी दुकान के मीटर को घरेलू मीटर बताकर बिजली टीम ने छापामारी की। 42 हजार रुपये जुर्माना लगा दिया जबकि उसका मीटर निगम की ओर से लगाया गया था। तभी से वह बिजली बिल भर रहा था। जब निगम ने ही उसका मीटर लगाया तो यह अब घरेलू कैसे हो गया? उसने जुर्माना राशि माफ करने की मांग की है। चेयरमैन ने एक सप्ताह में जांच के बाद कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इस मौके पर एक्सईन प्रदीप गोयत, एसडीओ सपना सहित कई कर्मचारी मौजूद थे। बिजली निगम के उपभोक्ता फोरम के चेयरमैन आरके शर्मा ने बताया कि बुधवार को उपभोक्ता फोरम ने कुल पांच शिकायतें आई थीं। जिसमें से दो का मौके पर ही निपटारा किया है। जबकि अन्य तीन शिकायतें लंबित हैं।
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गौरतलब है कि चेयरमैन एक महीने में एक बार बिजली निगम से संबंधित शिकायतों का निस्तारण करने के लिए निगम के जिला मुख्यालय पहुंचते हैं। इस दौरान वह शिकायतें सुनीं जाती हैं, जिनका समाधान स्थानीय स्तर पर नहीं होता है। खुले दरबार में बढ़े हुए बिजली बिल से संबंधित शिकायतें आईं।
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खुले दरबार में महज पांच शिकायतें आईं। इनमें से दो शिकायतों का दो दिन में समाधान करवाने का आश्वासन दिया गया। तीन शिकायतों को लंबित रखा गया है। बुधवार को ब्राह्मणी वाला गांव निवासी पवन ने शिकायत में बताया कि उसका एक साल का 40 हजार रुपये का बिजली बिल दिया है। चेयरमैन ने एक सप्ताह में उसकी समस्या के समाधान का आदेश दिया। फतेहपुर निवासी अमित कुमार ने बताया कि उसके घर का बिजली मीटर उषा रानी के नाम से है। कई महीनों से मीटर का बिल काफी ज्यादा आ रहा है। इस बिल को ठीक करवाने के लिए कई बार पूंडरी कार्यालय में गया लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। चेयरमैन ने दो दिनों में उसकी समस्या के समाधान का निर्देश दिया।
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भागल निवासी विक्रम सिंह ने चेयरमैन को शिकायत में बताया कि उसने भागल में दुकान पर 12 साल पहले मीटर लगवाया था। जुलाई में उसकी दुकान के मीटर को घरेलू मीटर बताकर बिजली टीम ने छापामारी की। 42 हजार रुपये जुर्माना लगा दिया जबकि उसका मीटर निगम की ओर से लगाया गया था। तभी से वह बिजली बिल भर रहा था। जब निगम ने ही उसका मीटर लगाया तो यह अब घरेलू कैसे हो गया? उसने जुर्माना राशि माफ करने की मांग की है। चेयरमैन ने एक सप्ताह में जांच के बाद कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। इस मौके पर एक्सईन प्रदीप गोयत, एसडीओ सपना सहित कई कर्मचारी मौजूद थे। बिजली निगम के उपभोक्ता फोरम के चेयरमैन आरके शर्मा ने बताया कि बुधवार को उपभोक्ता फोरम ने कुल पांच शिकायतें आई थीं। जिसमें से दो का मौके पर ही निपटारा किया है। जबकि अन्य तीन शिकायतें लंबित हैं।
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गौरतलब है कि चेयरमैन एक महीने में एक बार बिजली निगम से संबंधित शिकायतों का निस्तारण करने के लिए निगम के जिला मुख्यालय पहुंचते हैं। इस दौरान वह शिकायतें सुनीं जाती हैं, जिनका समाधान स्थानीय स्तर पर नहीं होता है। खुले दरबार में बढ़े हुए बिजली बिल से संबंधित शिकायतें आईं।