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13 करोड़ रुपये की लागत से शहर आ जाएगा बाईपास के गोल दायरे में..
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कैथल। खुराना रोड से खनौरी रोड तक बाईपास निर्माण कार्य को मंजूरी मिल गई है। इस पर फरवरी से काम शुरू हो जाएगा। सरकार ने इसके लिए 13 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दी है। सड़क बनने के बाद शहर बाईपास के गोल चक्र के बीच आ जाएगा।
बाईपास निर्माण के बाद शहर को जाम की समस्या से निजात मिलने के साथ ही अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र आदि शहरों में जाने के लिए शहर के अंदर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वाहन शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे। दूसरी ओर बाईपास की जद में आने वाली जमीनों की कीमत बढ़ने की उम्मीद में किसानों की बांछें खिल गईं हैं। लोगों का कहना है कि सड़क बनने के बाद उद्योग धंधे और व्यापार को भी गति मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
वर्ष 2019 में सीएम मनोहरलाल ने इस बाईपास को बनाने की घोषणा की थी लेकिन बाईपास को बनाने का मामला तीन विभागों के बीच उलझ गया था। दरअसल जहां से बाईपास बनना था, वहां पर पेड़ों की कटाई की जरूरत थी मगर जिस जमीन पर पेड़ थे, वह जमीन सिंचाई विभाग की थी। पीडब्ल्यूडी ने पेड़ों की कटाई के लिए सिंचाई विभाग को पत्र लिखा। सिंचाई विभाग ने वन विभाग से पेड़ काटने की स्वीकृति ली। वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी ने पेड़ों की कटाई के बदले में 12 लाख रुपये की राशि सिंचाई विभाग के खाते में जमा करवाए। उसके बाद सिंचाई विभाग ने वन विभाग के पास यह धनराशि जमा करवा दी। इसके बाद बाईपास निर्माण का रास्ता साफ हुआ।
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सड़क बनने के बाद कैथल शहर को 11 किलोमीटर लंबे बाईपास की सुविधा मिल जाएगी। कुरुक्षेत्र रोड से खुराना रोड तक पहले ही ड्रेन के साथ छह किलोमीटर बाईपास बना हुआ है। अब जो पांच किलोमीटर बाईपास बनाया जाएगा, वह खुराना रोड से खनौरी रोड को जोड़ेगा। बाईपास की चौड़ाई 18 फीट होगी।
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बाईपास निर्माण के बाद शहर को जाम की समस्या से निजात मिलने के साथ ही अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र आदि शहरों में जाने के लिए शहर के अंदर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वाहन शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे। दूसरी ओर बाईपास की जद में आने वाली जमीनों की कीमत बढ़ने की उम्मीद में किसानों की बांछें खिल गईं हैं। लोगों का कहना है कि सड़क बनने के बाद उद्योग धंधे और व्यापार को भी गति मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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वर्ष 2019 में सीएम मनोहरलाल ने इस बाईपास को बनाने की घोषणा की थी लेकिन बाईपास को बनाने का मामला तीन विभागों के बीच उलझ गया था। दरअसल जहां से बाईपास बनना था, वहां पर पेड़ों की कटाई की जरूरत थी मगर जिस जमीन पर पेड़ थे, वह जमीन सिंचाई विभाग की थी। पीडब्ल्यूडी ने पेड़ों की कटाई के लिए सिंचाई विभाग को पत्र लिखा। सिंचाई विभाग ने वन विभाग से पेड़ काटने की स्वीकृति ली। वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी ने पेड़ों की कटाई के बदले में 12 लाख रुपये की राशि सिंचाई विभाग के खाते में जमा करवाए। उसके बाद सिंचाई विभाग ने वन विभाग के पास यह धनराशि जमा करवा दी। इसके बाद बाईपास निर्माण का रास्ता साफ हुआ।
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सड़क बनने के बाद कैथल शहर को 11 किलोमीटर लंबे बाईपास की सुविधा मिल जाएगी। कुरुक्षेत्र रोड से खुराना रोड तक पहले ही ड्रेन के साथ छह किलोमीटर बाईपास बना हुआ है। अब जो पांच किलोमीटर बाईपास बनाया जाएगा, वह खुराना रोड से खनौरी रोड को जोड़ेगा। बाईपास की चौड़ाई 18 फीट होगी।