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पंचायती भूमि को बोली पर छुड़वाने गया प्रशासन खाली हाथ लौटा
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2-गुहला चीका। किसानों से भूमि का कब्जा छुड़ाने के विरोध में इकट्ठे हुए किसान
- फोटो : Kaithal
सीवन, गुहला-चीका। खंड सीवन के गांव भूना में पंचायती भूमि की बोली करवाने पहुंचे अधिकारियों को गांव के पट्टेदार किसानों के विरोध के बाद बुधवार को खाली हाथ लौटना पड़ा। गांव भूना की 1400 एकड़ के लगभग पंचायती भूमि को ठेके पर देने के लिए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कंवर दमन, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह बुधवार को गांव में पहुंचे।
उनके साथ उप पुलिस अधीक्षक गुहला सुनील कुमार व थाना प्रभारी सीवन राजफूल भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गांव में पहुंचने पर जब अधिकारियों ने भूमि को पट्टे पर देने के लिए कार्रवाई आरंभ की तो वहां पर गांव के आबादकार पट्टेदारों ने विरोध शुरू कर दिया। पट्टेदारों का कहना था कि वे लोग 50 वर्ष से इस भूमि पर काश्त कर रहे हैं और समय पर इसकी पर्ची भी कटवा रहे हैं लेकिन अब सरकार उन्हें उजाड़ना चाहती है और इस कारण से उन्हें भूमि से बेदखल करने के लिए भूमि की बोली करवाई जा रही है। पट्टेदारों के विरोध को देखते हुए अधिकारी बिना बोली करवाए वहां से चले गए।
डीडीपीओ कंवर दमन ने बताया कि पंजाब विलेज कॉमन लेंड एक्ट में जो भी शामलात भूमि है, उसमें से 30 प्रतिशत भूमि एससी के लिए आरक्षित है और उसी की बोली के लिए हम गांव भूना में गए थे। अभी यह बोली नहीं हुई है। जब पुलिस फोर्स मिलेगी हम दोबारा से गांव में जाएंगे और बोली करवाने का प्रयास करेंगे।
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दूसरी ओर पट्टेदार कश्मीर सिंह, सुरजीत सिंह, गुरमीत सिंह, निशान सिंह व अन्य पट्टेदार किसानों ने कहा कि हम पहले भी लीज की राशि अदा कर रहे हैं और आगे भी इसी प्रकार से लीज भरने को भी तैयार हैं। हमने पहले भी सरकार के आदेश के अनुसार लीज की राशि बढ़ा कर भी दी है परंतु अब सरकार उन्हें उजाड़ने का प्रयास कर रही है। उनकी रोजी रोटी इसी भूमि से चल रही है।
कब्जा छुड़वाना किसानों के साथ नाइंसाफी
गुहला-चीका। भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह जिला प्रधान जगदेव पूनिया ने भूना व खरकड़ा में पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि देश आजाद होने के समय से लेकर आज तक जंगल काटकर रहने और फसल उगाने के लिए जिन लोगों ने जमीन को तैयार किया। आज सरकार व कुछ प्रशासनिक अधिकारी उन किसानों से कब्जा छुड़वा कर किसी और को देना चाहते हैं। जो गलत है। इस संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक बुलाई जाएगी। इस अवसर पर जस्सा पुनिया हरनौली, तेजिंदर पूनिया सहिहत काफी किसान मौजूद थे।
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उनके साथ उप पुलिस अधीक्षक गुहला सुनील कुमार व थाना प्रभारी सीवन राजफूल भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गांव में पहुंचने पर जब अधिकारियों ने भूमि को पट्टे पर देने के लिए कार्रवाई आरंभ की तो वहां पर गांव के आबादकार पट्टेदारों ने विरोध शुरू कर दिया। पट्टेदारों का कहना था कि वे लोग 50 वर्ष से इस भूमि पर काश्त कर रहे हैं और समय पर इसकी पर्ची भी कटवा रहे हैं लेकिन अब सरकार उन्हें उजाड़ना चाहती है और इस कारण से उन्हें भूमि से बेदखल करने के लिए भूमि की बोली करवाई जा रही है। पट्टेदारों के विरोध को देखते हुए अधिकारी बिना बोली करवाए वहां से चले गए।
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डीडीपीओ कंवर दमन ने बताया कि पंजाब विलेज कॉमन लेंड एक्ट में जो भी शामलात भूमि है, उसमें से 30 प्रतिशत भूमि एससी के लिए आरक्षित है और उसी की बोली के लिए हम गांव भूना में गए थे। अभी यह बोली नहीं हुई है। जब पुलिस फोर्स मिलेगी हम दोबारा से गांव में जाएंगे और बोली करवाने का प्रयास करेंगे।
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दूसरी ओर पट्टेदार कश्मीर सिंह, सुरजीत सिंह, गुरमीत सिंह, निशान सिंह व अन्य पट्टेदार किसानों ने कहा कि हम पहले भी लीज की राशि अदा कर रहे हैं और आगे भी इसी प्रकार से लीज भरने को भी तैयार हैं। हमने पहले भी सरकार के आदेश के अनुसार लीज की राशि बढ़ा कर भी दी है परंतु अब सरकार उन्हें उजाड़ने का प्रयास कर रही है। उनकी रोजी रोटी इसी भूमि से चल रही है।
कब्जा छुड़वाना किसानों के साथ नाइंसाफी
गुहला-चीका। भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह जिला प्रधान जगदेव पूनिया ने भूना व खरकड़ा में पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि देश आजाद होने के समय से लेकर आज तक जंगल काटकर रहने और फसल उगाने के लिए जिन लोगों ने जमीन को तैयार किया। आज सरकार व कुछ प्रशासनिक अधिकारी उन किसानों से कब्जा छुड़वा कर किसी और को देना चाहते हैं। जो गलत है। इस संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक बुलाई जाएगी। इस अवसर पर जस्सा पुनिया हरनौली, तेजिंदर पूनिया सहिहत काफी किसान मौजूद थे।