{"_id":"5fd3b0b38ebc3e3d93034668","slug":"strike-kaithal-news-knl538063115","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुर्वेदिक चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति देने का आईएमए ने किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुर्वेदिक चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति देने का आईएमए ने किया विरोध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े डॉक्टरों ने चिकित्सा पद्धतियों को एक करने के विरोध में शुक्रवार को हड़ताल कर दी। शहर में आईएमए से जुड़े अस्पतालों में सामान्य सेवाएं व ओपीडी पूरी तरह से बंद रही। सुबह छह बजे से लेकर शाम को छह बजे तक ओपीडी सेवाएं बंद रही। केवल गंभीर मरीजों को ही अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई। अस्पतालों के बाहर हड़ताल से संबंधित पोस्टर चस्पा किए गए थे। हड़ताल की पूर्व सूचना के कारण मरीज भी अस्पतालों में न के बराबर पहुंचे। एकाध व्यक्ति आया भी तो वह भी पोस्टर देखकर व पूछताछ कर वापस लौट गया। वहीं डॉक्टरों ने अपनी मांगों को ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह को सौंपा।
आईएमए प्रधान डॉ. विनोद मित्तल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एमएस शाह, डॉ. रामकीर्ति गर्ग, डॉ. राजीव सूद, डॉ. एमसी गर्ग, डॉ. सतीश जिंदल, डॉ. ओपी गोयल, डॉ. डीपी गुप्ता व डॉ. रमेश बंसल ने कहा कि आयुर्वेदिक बीएएमएस चिकित्सा को सर्जरी की अनुमति देना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। आयुर्वेदिक व यूनानी पद्धति को एलोपैथी में मिक्स नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आईएमए कैथल आयुर्वेद डॉक्टरों को सर्जरी की अनुमति का विरोध करती है।
इस प्रकार अपरिपक्व शिक्षा से चिकित्सा का स्तर नीचे गिर जाएगा, जो कि मानवता के विरुद्ध है। सीसीआईएम द्वारा जारी नोटिफिकेशन में डीएएमएस चिकित्सकों को एमएस शल्य तंत्र में कोष करने की अनुमति दी गई है, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि वे नेशनल मेडिकल कमीशन नई दिल्ली को भी अवगत करवाएंगे और इस पर उचित कार्रवाई करने का आग्रह करेंगे। आईएमए इसे लेकर सरकार को इस फैसले से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में भी अवगत करवाएगी।
विज्ञापन
आईएसएम डॉक्टरों ने गुलाबी पट्टी लगाकर किया कार्य- दूसरी ओर आईएसएम डॉक्टरों ने इस फैसले के स्वागत में शुक्रवार को अपनी पोशाकों पर गुलाबी पट्टी बांधकर कार्य किया व इस फैसले पर सरकार का आभार जताया। एसोसिएशन के सब डिविजन सचिव राजकुमार ने कहा कि सरकार का फैसला सही है। वे इससे खुश हैं। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उन्होंने गुलाबी पट्टी लगाकर कार्य किया है।
विज्ञापन
आईएमए प्रधान डॉ. विनोद मित्तल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एमएस शाह, डॉ. रामकीर्ति गर्ग, डॉ. राजीव सूद, डॉ. एमसी गर्ग, डॉ. सतीश जिंदल, डॉ. ओपी गोयल, डॉ. डीपी गुप्ता व डॉ. रमेश बंसल ने कहा कि आयुर्वेदिक बीएएमएस चिकित्सा को सर्जरी की अनुमति देना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। आयुर्वेदिक व यूनानी पद्धति को एलोपैथी में मिक्स नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आईएमए कैथल आयुर्वेद डॉक्टरों को सर्जरी की अनुमति का विरोध करती है।
विज्ञापन
इस प्रकार अपरिपक्व शिक्षा से चिकित्सा का स्तर नीचे गिर जाएगा, जो कि मानवता के विरुद्ध है। सीसीआईएम द्वारा जारी नोटिफिकेशन में डीएएमएस चिकित्सकों को एमएस शल्य तंत्र में कोष करने की अनुमति दी गई है, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि वे नेशनल मेडिकल कमीशन नई दिल्ली को भी अवगत करवाएंगे और इस पर उचित कार्रवाई करने का आग्रह करेंगे। आईएमए इसे लेकर सरकार को इस फैसले से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में भी अवगत करवाएगी।
विज्ञापन
आईएसएम डॉक्टरों ने गुलाबी पट्टी लगाकर किया कार्य- दूसरी ओर आईएसएम डॉक्टरों ने इस फैसले के स्वागत में शुक्रवार को अपनी पोशाकों पर गुलाबी पट्टी बांधकर कार्य किया व इस फैसले पर सरकार का आभार जताया। एसोसिएशन के सब डिविजन सचिव राजकुमार ने कहा कि सरकार का फैसला सही है। वे इससे खुश हैं। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उन्होंने गुलाबी पट्टी लगाकर कार्य किया है।