{"_id":"6429d36d431d9d3f5f072db4","slug":"sports-nursery-starts-again-players-will-be-able-to-practice-kaithal-news-c-18-1-79568-2023-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: खेल नर्सरी फिर शुरू, खिलाड़ी कर सकेंगे अभ्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: खेल नर्सरी फिर शुरू, खिलाड़ी कर सकेंगे अभ्यास
विज्ञापन
कैथल। जिला खेल विभाग ने निजी और सरकारी स्कूलों में खेल नर्सरी दोबारा से शुरू कर दी है। यह खेल नर्सरियां एक अप्रैल से शुरु हो गई हैं। बच्चों की परीक्षा के चलते बंद की गई खेल नर्सरियों को खुल जाने से खिलाड़ी अब निरंतर अभ्यास कर सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि जिले में इस समय विभिन्न खेलों की निजी व सरकारी स्कूलों की मिलाकर 38 खेल नर्सरी हैं। इनमें से एक अप्रैल से 31 खेल नर्सरी शुरू हो गई है, जो नर्सरी शेष रह गई है उनको भी शुरू करने के लिए विभाग जल्द ही विचार करेगा। ज्ञात रहे कि विभाग ने बच्चों की परीक्षा के चलते 31 जनवरी को सभी खेल नर्सरियों को बंद करने के निर्देश जारी किए थे। अब परीक्षा के दो माह बाद इन खेल नर्सरियों को दोबारा से शुरू कर दिया गया है, ताकि खिलाड़ी फिर से अपने अभ्यास पर ध्यान केंद्रित कर सके।
बॉक्स
सात नर्सरियों को मिले 16 या इससे कम नंबर
बीते माह खेल मुख्यालय की ओर से जिला स्तर पर खेल नर्सरी की ग्रेड की जानकारी मांगी गई थी। जिला विभाग के अधिकारियों ने नर्सरी प्रशिक्षकों से उनकी उपलब्धियों सहित अन्य जानकारी मांगी थी। इनके आधार पर नर्सरी को ए, बी, सी और डी ग्रेड लगाया गया था। 38 में से सात नर्सरियों को डी ग्रेड मिला था, जो फिलहाल शुरू नहीं की गई। विभाग की ओर से नंबरों के हिसाब से नर्सरी को ग्रेड दिए गए थे। इनमें कुल 32 नंबर थे और इन्हें तीन श्रेणियों में रखा गया था। 32 में से 29 या इससे अधिक नंबर मिलने पर ए ग्रेड, 25 से 28 नंबर पर बी ग्रेड, 17 से 24 नंबर पर सी ग्रेड और 16 या इससे नीचे नंबर मिलने पर डी ग्रेड दिया गया था। अब 31 नर्सरियों को नंबरों के हिसाब से शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
बॉक्स
स्कूलों में अच्छे खिलाड़ी तैयार करना उद्देश्य
इन खेल नर्सरियों को शुरू करने का उद्देश्य स्कूलों से भी बेहतर खिलाड़ियों को तैयार करना है। विभाग की ओर से आठ से 14 साल तक के खिलाड़ी को 1500 रुपये और 15 से 19 साल के खिलाड़ी को दो हजार रुपये खुराक भत्ता दिया जाता है।
जिला खेल अधिकारी ने कहा कि पेपरों के चलते जो नर्सरियां बंद की थीं उनको एक अप्रैल से दोबारा शुरू कर दिया गया है। खिलाड़ी अब निरंतर अभ्यास कर सकेंगे। फिलहाल 31 नर्सरियां शुरू हुई हैं। सात नर्सरियों पर मुख्यालय के आदेशानुसार फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि जिले में इस समय विभिन्न खेलों की निजी व सरकारी स्कूलों की मिलाकर 38 खेल नर्सरी हैं। इनमें से एक अप्रैल से 31 खेल नर्सरी शुरू हो गई है, जो नर्सरी शेष रह गई है उनको भी शुरू करने के लिए विभाग जल्द ही विचार करेगा। ज्ञात रहे कि विभाग ने बच्चों की परीक्षा के चलते 31 जनवरी को सभी खेल नर्सरियों को बंद करने के निर्देश जारी किए थे। अब परीक्षा के दो माह बाद इन खेल नर्सरियों को दोबारा से शुरू कर दिया गया है, ताकि खिलाड़ी फिर से अपने अभ्यास पर ध्यान केंद्रित कर सके।
विज्ञापन
बॉक्स
सात नर्सरियों को मिले 16 या इससे कम नंबर
बीते माह खेल मुख्यालय की ओर से जिला स्तर पर खेल नर्सरी की ग्रेड की जानकारी मांगी गई थी। जिला विभाग के अधिकारियों ने नर्सरी प्रशिक्षकों से उनकी उपलब्धियों सहित अन्य जानकारी मांगी थी। इनके आधार पर नर्सरी को ए, बी, सी और डी ग्रेड लगाया गया था। 38 में से सात नर्सरियों को डी ग्रेड मिला था, जो फिलहाल शुरू नहीं की गई। विभाग की ओर से नंबरों के हिसाब से नर्सरी को ग्रेड दिए गए थे। इनमें कुल 32 नंबर थे और इन्हें तीन श्रेणियों में रखा गया था। 32 में से 29 या इससे अधिक नंबर मिलने पर ए ग्रेड, 25 से 28 नंबर पर बी ग्रेड, 17 से 24 नंबर पर सी ग्रेड और 16 या इससे नीचे नंबर मिलने पर डी ग्रेड दिया गया था। अब 31 नर्सरियों को नंबरों के हिसाब से शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
बॉक्स
स्कूलों में अच्छे खिलाड़ी तैयार करना उद्देश्य
इन खेल नर्सरियों को शुरू करने का उद्देश्य स्कूलों से भी बेहतर खिलाड़ियों को तैयार करना है। विभाग की ओर से आठ से 14 साल तक के खिलाड़ी को 1500 रुपये और 15 से 19 साल के खिलाड़ी को दो हजार रुपये खुराक भत्ता दिया जाता है।
जिला खेल अधिकारी ने कहा कि पेपरों के चलते जो नर्सरियां बंद की थीं उनको एक अप्रैल से दोबारा शुरू कर दिया गया है। खिलाड़ी अब निरंतर अभ्यास कर सकेंगे। फिलहाल 31 नर्सरियां शुरू हुई हैं। सात नर्सरियों पर मुख्यालय के आदेशानुसार फैसला लिया जाएगा।