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Kaithal News: नहीं सुधरे हालात, आढ़ती और किसान परेशान

Mon, 22 Apr 2024 04:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Mon, 22 Apr 2024 04:35 AM IST
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Situation has not improved, commission agents and farmers are worried
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। शहर की अनाज मंडियों में उठान धीमा होने के कारण आढ़तियों व किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लाखों क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है। अतिरिक्त अनाज मंडी, नई व पुरानी अनाज मंडी में लाखों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा हुआ है।

इस समस्या के संदर्भ मंे पुरानी अनाज मंडी की एसोसिएशन एक दिन पहले मार्केट कमेटी बसाऊ राम से मुलाकात भी कर चुकी है। शहर की तीनों मंडियों में 13 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की आवक हो चुकी है। इसमें से महज सात लाख क्विंटल गेहूं का ही उठान हो पाया है।
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एसोसिएशन के प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया ने बताया कि मंडी में उठान धीमा होने के कारण गेहूं डालने के लिए जगह नहीं बची है। यदि सड़क पर गेहूं डालते हैं तो आढ़तियों को नोटिस दे दिया जाता है। ऐसे में अब वे गेहूं कहां डाले। इस समस्या का जल्द ही समाधान किया जाना चाहिए। आढ़तियों ने कहा कि गेहूं की बोरियों को उठाने के लिए गाड़ियां नहीं मिल रही हैं। इस कारण इंतजार करना पड़ रहा है। आढ़तियों का कहना है कि पुरानी अनाज मंडी साढ़े चार एकड़ में है, जो शहर के बीचों-बीच स्थित है।
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छोटी मंडी होने के कारण सीजन में जाम की स्थिति रहती है। सीजन से पहले मार्केट कमेटी सचिव के साथ हुई बैठक में भी आढ़तियों ने कहा था कि उठान में कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए। इसलिए पहले ही उचित प्रबंध किए जाए। नियमित रूप से आढ़तियों को गाड़ी मिलनी चाहिए, जो नहीं मिल रही हैं। गाड़ियों को लेकर लेबर दिनभर खाली बैठने को मजबूर है। प्रधान ने कहा कि हैफेड एजेंसी का माल ट्रक चालक इसलिए नहीं उठा रहे हैं, क्योंकि गोदामों में ट्रकों से बोरियां उतारने के लिए लेबर कम है। वहां ट्रक चालकों को लाइनों में लगकर इंतजार करना पड़ता है। इसलिए हैफेड का उठान नहीं हो पा रहा है। समय पर उठान न होने के कारण भुगतान में भी देरी हो रही है। वहीं, खरीद एजेंसी अधिकारियों का कहना है कि मजदूर काफी कम मिल रहे हैं। इस कारण गेहूं ट्रकों से उतारने में देरी हो रही है।
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