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‘गलत राह पर न चलें सिख युवक’
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कैथल। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि विदेशों में बैठे कट्टरवादी यहां के युवाओं को गुमराह कर रहे हैं और तिरंगे का विरोध करवा रहे हैं। जोकि अनुचित है। ऐसे लोग सिख युवाओं को गलत राह न दिखाएं। अमर उजाला से बातचीत के दौरान दादूवाल ने कहा कि सिख युवा किसी विदेशी ताकत के भड़कावे में न आएं, बल्कि तिरंगे की आन-बान-शान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहें। उन्होंने कहा कि जो अलगाववादी और कट्टर सोच के लोग खालिस्तान की बात करते हैं, वह पहले खुद तो खालसा बनें, अमृतधारी सिख बनें।
उनके अनुसार सिख युवा इस बात का ध्यान रखें कि वे किसी के बहकावे में आकर ऐसा कोई कदम न उठाएं, जिससे उन्हें जेल जाना पड़े। उन्होंने नौजवानों को अपील की है कि कोई भी नौजवान तिरंगे का अपमान न करे। तिरंगा पूरे देश की शान है। इसमें सिख धर्म में प्रिय केसरी निशान भी है।
भारत की आजादी के लिए तिरंगे के नीचे हुए संघर्ष में सबसे ज्यादा फांसियां, सबसे ज्यादा उम्रकैद, सबसे ज्यादा तबाही सिखों ने झेली है। इसलिए हमारा दायित्व बनता है कि सदैव तिरंगे का मान बनाए रखें। कट्टर व अलगाववादी ताकतों को निशाने पर लेते हुए दादूवाल ने कहा कि जो लोग तिरंगे को फाड़कर सवा लाख डॉलर देने की बात करते हैं, वे युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार कार्रवाई कर रही है। उनके खिलाफ पहले से कई एफआईआर दर्ज हैं। दादूवाल ने कहा कि उनके पास संगरूर व अन्य जगहों से फोन आते हैं कि उनके बच्चे जेलों में बंद हैं। उनके गरीब मां-बाप के पास उनकी जमानत करवाने तक के पैसे नहीं है। इसलिए सिख युवा ऐसा कोई कदम न उठाए, जो उनके भविष्य को खराब करे।
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उनके अनुसार सिख युवा इस बात का ध्यान रखें कि वे किसी के बहकावे में आकर ऐसा कोई कदम न उठाएं, जिससे उन्हें जेल जाना पड़े। उन्होंने नौजवानों को अपील की है कि कोई भी नौजवान तिरंगे का अपमान न करे। तिरंगा पूरे देश की शान है। इसमें सिख धर्म में प्रिय केसरी निशान भी है।
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भारत की आजादी के लिए तिरंगे के नीचे हुए संघर्ष में सबसे ज्यादा फांसियां, सबसे ज्यादा उम्रकैद, सबसे ज्यादा तबाही सिखों ने झेली है। इसलिए हमारा दायित्व बनता है कि सदैव तिरंगे का मान बनाए रखें। कट्टर व अलगाववादी ताकतों को निशाने पर लेते हुए दादूवाल ने कहा कि जो लोग तिरंगे को फाड़कर सवा लाख डॉलर देने की बात करते हैं, वे युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार कार्रवाई कर रही है। उनके खिलाफ पहले से कई एफआईआर दर्ज हैं। दादूवाल ने कहा कि उनके पास संगरूर व अन्य जगहों से फोन आते हैं कि उनके बच्चे जेलों में बंद हैं। उनके गरीब मां-बाप के पास उनकी जमानत करवाने तक के पैसे नहीं है। इसलिए सिख युवा ऐसा कोई कदम न उठाए, जो उनके भविष्य को खराब करे।
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