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Kaithal News: शिव, सिद्ध और चतुर्ग्रही-योग संग शुक्र प्रदोष-व्रत

Wed, 06 Mar 2024 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 06 Mar 2024 01:18 AM IST
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Shukra Pradosh-Vrat with Shiva, Siddha and Chaturgrahi-Yoga
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। भगवान शिव की आराधना के त्योहार महाशिवरात्रि पर 72 साल बाद अद्भुत संयोग बन रहा है। 8 मार्च को तीन शुभ योग में शिवरात्रि का महापर्व मनाया जाएगा। इस दिन शिवयोग, सिद्ध योग और चतुर्ग्रही योग एक साथ बनेंगे। शिवरात्रि के दिन ही शुक्र प्रदोष व्रत भी पड़ रहा है जो मां लक्ष्मी को समर्पित है। इस संयोग में भगवान शिव के पूजन-अर्चन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

अबकी महाशिवरात्रि चतुदर्शी पर रात्रि 9 बजकर 58 मिनट पर प्रवेश कर रही है। यह महासंयोग करीब 72 वर्षों बाद बना है। यह जानकारी ढांड रोड स्थित शिव शक्ति धाम मंदिर के संचालक प्रेमशंकर शास्त्री ने दी है। उन्होंने बताया इस बार महाशिवरात्रि पर पंच ग्रहों का योग बन रहा है। इसमें भगवान शिव की पूजा करने से श्रद्धालुओं को मनोकामना पूर्ण होगी। जो भी शिव भक्त भगवान की मन से पूजा कर वरदान मांगेगा तो भगवान शिवशंकर खुश होकर उन्की मनोकामना को अवश्य ही पूरी करेंगे।
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उन्होंने बताया कि फाल्गुन महाशिवरात्रि त्रयोदशी के उपरांत चतुर्दशी का समावेश होता है। उस दिन महाशिवरात्रि होती है। प्रात: चार बजे से पूजा अर्चना आरभं होती है। पूरे दिन जलाभिषेक चलेगा, रात्रि साढे आठ बजे के बाद प्रथम पहर का पूजन शुरू होगा। मध्यरात्रि साढे़ बारह से साढे़ तीन बजे तक दूसरा पहर, तीन
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31 से साढ़े चार बजे तक तीसरे प्रहर होगा व साढे़ चार से साढे छह बजे तक चौथे पहर चलेगा।

महाशिवरात्रि पर व्रत रखने का नियम

उन्होंने बताया कि प्रातकाल: शिवालय में जाकर भगवान को नारियल, फुल, बेलपत्र, पंचामृत अर्पण कर ओम नम शिवाय व महामृत्यंजय का जप करना चाहिए। बताया कि शिवलिंग पर दूध चढ़ाने से पुत्र की प्राप्ति होती है, दूध में मिश्री डालकर चढाने से विद्या की प्राप्ति होती है। गन्ने का रस चढ़ाने पर लक्ष्मी की प्राप्तिहोती है व शहद चढ़ाने से विजयी की प्राप्ति होती है।


शिवलिंग पर अन्य सामग्री अपर्ण करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। व्रत रख भगवान का जागरण करना चाहिए। अगले दिन पारण का महत्व दिया गया है। भगवान की माला के एक मनके को जपने से एक हजार मंत्रों का पुण्य प्राप्त होता है। भगवान शंकर के विवाह पर ये मनाया जाता है। शहर के सभी शिवालयों में महाशिवरात्री पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा वहीं, ढांड रोड स्थित शिवशक्ति धाम मंदिर में महाशिवरात्रि में खुब तैयांरिया चल रही है। मंदिर परिसर को लाइटों व फुलों से सजाया जा रहा है। मंदिर परिसर में इस बार भगवान महाकालेश्वर से 21 किलो भस्म आ रही है उस भस्म द्वारा भगवान महाकाल का भस्माभिषेक किया जाएगा।
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