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शराब घोटाले के मामले में पूर्व विधायक राणा गिरफ्तार
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कैथल/कलायत। जजपा की टिकट पर कलायत से विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी सतविंद्र राणा को शराब घोटाले से जुड़े मामले में हरियाणा पुलिस ने चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ 28 अप्रैल को समालखा जिला पानीपत में एफआईआर दर्ज हुई थी। जानकारी के अनुसार हरियाणा पुलिस ने देर रात एमएलए हॉस्टल से राणा को गिरफ्तार किया है। राणा की राजनीतिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत रही है।
ये रहा है चुनावी सफर
सतविंद्र राणा ने 2019 में कलायत विधानसभा सीट से जजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा था। जोकि हार गए थे। राणा पहले कांग्रेस पार्टी में थे लेकिन 2019 में उन्होंने जननायक जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। सतविंदर राणा 1996 और 2005 में कैथल के राजौंद हलका से कांग्रेस की सीट पर विधायक बने थे। उसके बाद 2009 और 2014 में कालका से चुनाव लड़ा था। राणा कांग्रेस पार्टी में 2007-2014 में प्रदेश महासचिव भी रहे हैं। सतविंद्र राणा मूल रूप से कैथल के गांव राजौंद के रहने वाले हैं। पिछले परिसीमन में राजौंद कलायत हलके में शामिल हो चुका है। वे हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के भी करीबी माने जाते हैं।
विपक्षी दलों ने भी दी प्रतिक्रिया
पूर्व विधायक जयप्रकाश ने कहा कि अवैध तौर पर नशा बेचना आने वाली पीढ़ी के लिए बहुत ही घातक है। यदि उसमें राजनीतिक पार्टियां शामिल हो जाएं तो वह लोकतंत्र के लिए भी बेहद घातक है। जय प्रकाश ने कहा कि सतविंद्र राणा तो मात्र एक मोहरा है असली चेहरा तो अभी पर्दे के पीछे है। यदि स्पष्ट जांच हो तो प्रदेश में घटित हो रहे घोटालों के असली दोषी प्रदेश की जनता के सामने होंगे। जयप्रकाश ने इस मामले में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि एक तो एक्साइज विभाग उनके पास दूसरा गिरफ्तार हुआ नेता उनकी पार्टी का उपाध्यक्ष। ऐसे में नैतिकता के आधार पर उप मुख्यमंत्री को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
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ये रहा है चुनावी सफर
सतविंद्र राणा ने 2019 में कलायत विधानसभा सीट से जजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा था। जोकि हार गए थे। राणा पहले कांग्रेस पार्टी में थे लेकिन 2019 में उन्होंने जननायक जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। सतविंदर राणा 1996 और 2005 में कैथल के राजौंद हलका से कांग्रेस की सीट पर विधायक बने थे। उसके बाद 2009 और 2014 में कालका से चुनाव लड़ा था। राणा कांग्रेस पार्टी में 2007-2014 में प्रदेश महासचिव भी रहे हैं। सतविंद्र राणा मूल रूप से कैथल के गांव राजौंद के रहने वाले हैं। पिछले परिसीमन में राजौंद कलायत हलके में शामिल हो चुका है। वे हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के भी करीबी माने जाते हैं।
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विपक्षी दलों ने भी दी प्रतिक्रिया
पूर्व विधायक जयप्रकाश ने कहा कि अवैध तौर पर नशा बेचना आने वाली पीढ़ी के लिए बहुत ही घातक है। यदि उसमें राजनीतिक पार्टियां शामिल हो जाएं तो वह लोकतंत्र के लिए भी बेहद घातक है। जय प्रकाश ने कहा कि सतविंद्र राणा तो मात्र एक मोहरा है असली चेहरा तो अभी पर्दे के पीछे है। यदि स्पष्ट जांच हो तो प्रदेश में घटित हो रहे घोटालों के असली दोषी प्रदेश की जनता के सामने होंगे। जयप्रकाश ने इस मामले में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि एक तो एक्साइज विभाग उनके पास दूसरा गिरफ्तार हुआ नेता उनकी पार्टी का उपाध्यक्ष। ऐसे में नैतिकता के आधार पर उप मुख्यमंत्री को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
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