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कैमरे की नजर में धान की जांच शुरू

Tue, 08 Dec 2015 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल Updated Tue, 08 Dec 2015 12:05 AM IST
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धान घोटाले के आरोपों से घिरी सरकार ने सोमवार से मिलों में धान के स्टॉक की जांच शुरू कर दी। जांच से पहले 15 टीमों के अधिकारियों को मार्केट कमेटियों के रिकॉर्ड की प्रतियां और 1509 के सैंपल दिए गए ताकि इसका मिलान करके मिलों में रखे स्टॉक की जांच की जा सके। कई मिलों में 1509 का अलग से कोई स्टॉक नहीं मिला।
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कुछ मिलों में 1509 का जो स्टॉक मिला है, वह पूरा नहीं पाया गया। मिलर्स  ने कहा कि सरकार की अनुमति के अनुसार ग्रेड ए के धान की फिजिकल वेरिफिकेशन करवाई जा रही है। 1509 का अलग से कोई स्टॉक या रिकॉर्ड उनके पास नहीं है।
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मालूम हो कि इस सीजन में पहली बार 1509 धान की सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गई थी। सरकार द्वारा पत्र जारी करके कहा गया था कि 1509 को ग्रेड ए धान में शामिल करते हुए ग्रेड ए की तर्ज पर इसका चावल लिया जाएगा, जिसमें विपक्ष ने बड़े घोटाले का आरोप लगाया था।
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1509 को सस्ते दामों पर खरीदवाकर किसानों के साथ गड़बड़ी का आरोप था। इन आरोपों पर सरकार ने राइस मिलों में 1509  और ग्रेड ए के धान की फिजिकल वेरिफिकेशन का फैसला लिया है। मिलर्स द्वारा अलग से 1509 किस्म के वेरिफिकेशन का विरोध किया जा रहा है।

सैंपल देकर टीमें रवाना कीं
जांच शुरू करने से पहले कलायत एसडीएम मनदीप कौर ने निरीक्षण टीमों के अधिकारियों के साथ बैठक की। अधिकारियों को मीडिया से बात करने की मनाही की गई। साथ ही बताया गया कि ग्रेड ए धान में 1509 की अलग से और शेष धान की अलग से जांच की जाए। जिले में 112 मिलों में सरकार द्वारा मिलर्स को धान खरीद कर दिया गया है जिसमें 74 में 1509 का धान बताया गया है। पहले दिन स्टॉक की मैपिंग करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद 1509 की अलग से जांच की जाएगी। इसके बाद स्टॉक को सील भी किया जाएगा। अगले दो-तीन दिन में यह प्रक्रिया पूरी की जानी है। मिलों में पहुंचे अधिकारियों नेे सबसे पहले मिलों में रखे धान के स्टॉक की मैपिंग की। पहले दिन कई मिलों में यह काम हुआ। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई मिलर्स ने अधिकारियों को बताया कि उनकी मिलों में 1509 का अलग से कोई स्टॉक नहीं है। सारे धान को ए ग्रेड धान के स्टॉक में रखा गया है। जबकि अधिकारी 1509 के बारे में पूछते रहे।

विरोध नहीं
हरियाणा राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के प्रधान मांगें राम खुरानिया ने कहा कि मिलों में धान के स्टॉक की जांच करने का कोई विरोध नहीं है। सरकार ने 1509 और दूसरे किस्मों को ए ग्रेड में शामिल करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत सभी मिलों में ए ग्रेड का धान है। जिन मिलों में 1509 किस्म का धान है, वहां से इस बारे में जानकारी भी दी जाएगी। सरकार को 31 मार्च तक सभी मिलर्स बिना किसी परेशानी के लेवी का चावल जमा करवा देंगे।

सरकार के निर्देशानुसार जिले में धान की फिजिकल वेरिफिकेशन का काम शुरू हो गया है। अधिकारियों को शीघ्र ही इस काम को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी।

केएम पांडुरंग, डीसी

सरकार को विनाश की ओर ले जा रहा विपक्ष : डॉ. वशिष्ठ
ढांड। हरियाणा राइस मीलर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल गुप्ता व प्रदेश महासचिव डॉ. राजेश वशिष्ठ ने कहा कि धान घोटाले का आरोप लगाने वाला विपक्ष घोटाले की आड़ में राजनीतिक रोटियां सेंक रहा है। कुछ दिन पहले तक धान घोटाले की जांच की मांग करने वाला विपक्ष अब जांच के समय अपने दायित्व से भाग रहा है। इससे साफ जाहिर होता है कि विपक्ष को केवल सुर्खियों में रहने के लिए मुद्दे चाहिए। विपक्ष सरकार का ध्यान प्रदेश के विकास के बजाय विनाश की ओर लगा रहा है। सोमवार को पिहोवा, पूंडरी, कैथल व ढांड के राइस मिलरों की बैठक में दोनों मिलर्स ने कहा कि प्रदेश की खट्टर सरकार पर विपक्ष हावी होता जा रहा है। राइस मिलों में भौतिकी जांच के नाम पर मिलरों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। इस अवसर पर सुशील बंसल, सोम प्रकाश, राजेश, जनकराज, विशाल, गोपाल, नरेंद्र पुरी, बाबू राम  सिंगला, रणजीत सिद्धू, राजेंद्र गुर्जर, वेदप्रकाश, रामकुमार, ओमप्रकाश, बीरभान बंसल, गोपाल दास पाली, प्रदीप सिंगला मौजूद रहे।

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