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Kaithal News: जमीन में दूषित पानी छोड़ने पर राइस मिल सील
Thu, 10 Jul 2025 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 10 Jul 2025 12:35 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका (कैथल)। चीका-खुशहाल माजरा रोड स्थित एक राइस मिल को प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने सील कर दिया है। मिल के खिलाफ वर्षों से दूषित पानी जमीन के अंदर छोड़ने के मामले में पानी के सैंपल जांच में असफल पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
गुप्ता एग्रो प्रोडक्ट नामक राइस मिल का मालिक मिल के अंदर से निकलने वाले गंदे पानी और टॉयलेट से निकलने वाले अपशिष्ट को एक बोरवेल के माध्यम से सीधे जमीन में प्रवाहित कर रहा था। इसी बोरवेल से बारिश का पानी भी जमीन में भेजा जाता था।
पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी के संबंध मंे शिकायत मिलने पर प्रदूषण विभाग कैथल की टीम ने मौके से पानी के सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजे, जो मानकों पर खरे नहीं उतरे। रिपोर्ट फेल आने के बाद विभाग ने तुरंत मिल को सील कर दिया।
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क्षेत्र की 125 में से कई राइस मिलों में पाई जा चुकी हैं अनियमितताएं ः गुहला-चीका क्षेत्र में लगभग 125 राइस मिलें संचालित हैं, जिनमें से अनेक मिलें प्रदूषण नियंत्रण मानकों की अनदेखी कर रही हैं। कुछ मिलें अपशिष्ट जल को सड़कों पर बहा रही हैं तो कुछ इसे बोरवेल के जरिए जमीन में प्रवाहित कर रही हैं, जिससे भूमिगत जल स्तर प्रदूषित हो रहा है। इसका प्रभाव क्षेत्र में कैंसर, काला पीलिया, थायरॉयड और चर्म रोग जैसी गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ रहा है।
ग्रामीणों ने दो वर्ष पहले की थी ह्यूमन राइट्स कमीशन में शिकायत ः खुशहाल माजरा के सरपंच गुरजंट सिंह, पंच गुरमेज सिंह, प्रवीन कुमार और सतनाम सिंह ने बताया कि गांव के आसपास की लगभग 40 राइस मिलें दूषित पानी जमीन में डाल रही हैं, जिससे पेयजल अयोग्य हो गया है। उन्होंने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर दो वर्ष पूर्व ग्रामीणों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन कार्रवाई में विभागीय लापरवाही के कारण अब तक पर्याप्त परिणाम नहीं मिले।
सरपंच गुरजंट सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदूषण विभाग के कुछ अधिकारी मिल मालिकों से मिलीभगत कर झूठी रिपोर्ट तैयार कर सरकार और आयोग को गुमराह करते हैं, जिससे दोषी मिलरों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हो पाती।
चीका स्थित गुप्ता एग्रो प्रोडक्ट के मालिक द्वारा मिल का गंदा पानी एक बोरवेल के माध्यम से जमीन में डाला जा रहा था। सैंपल जांच में पानी अस्वीकृत पाया गया। रिपोर्ट मिलने के बाद मिल को सील कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। - प्रदीप सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, कैथल
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गुहला-चीका (कैथल)। चीका-खुशहाल माजरा रोड स्थित एक राइस मिल को प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने सील कर दिया है। मिल के खिलाफ वर्षों से दूषित पानी जमीन के अंदर छोड़ने के मामले में पानी के सैंपल जांच में असफल पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
गुप्ता एग्रो प्रोडक्ट नामक राइस मिल का मालिक मिल के अंदर से निकलने वाले गंदे पानी और टॉयलेट से निकलने वाले अपशिष्ट को एक बोरवेल के माध्यम से सीधे जमीन में प्रवाहित कर रहा था। इसी बोरवेल से बारिश का पानी भी जमीन में भेजा जाता था।
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पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी के संबंध मंे शिकायत मिलने पर प्रदूषण विभाग कैथल की टीम ने मौके से पानी के सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजे, जो मानकों पर खरे नहीं उतरे। रिपोर्ट फेल आने के बाद विभाग ने तुरंत मिल को सील कर दिया।
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क्षेत्र की 125 में से कई राइस मिलों में पाई जा चुकी हैं अनियमितताएं ः गुहला-चीका क्षेत्र में लगभग 125 राइस मिलें संचालित हैं, जिनमें से अनेक मिलें प्रदूषण नियंत्रण मानकों की अनदेखी कर रही हैं। कुछ मिलें अपशिष्ट जल को सड़कों पर बहा रही हैं तो कुछ इसे बोरवेल के जरिए जमीन में प्रवाहित कर रही हैं, जिससे भूमिगत जल स्तर प्रदूषित हो रहा है। इसका प्रभाव क्षेत्र में कैंसर, काला पीलिया, थायरॉयड और चर्म रोग जैसी गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ रहा है।
ग्रामीणों ने दो वर्ष पहले की थी ह्यूमन राइट्स कमीशन में शिकायत ः खुशहाल माजरा के सरपंच गुरजंट सिंह, पंच गुरमेज सिंह, प्रवीन कुमार और सतनाम सिंह ने बताया कि गांव के आसपास की लगभग 40 राइस मिलें दूषित पानी जमीन में डाल रही हैं, जिससे पेयजल अयोग्य हो गया है। उन्होंने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर दो वर्ष पूर्व ग्रामीणों ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन कार्रवाई में विभागीय लापरवाही के कारण अब तक पर्याप्त परिणाम नहीं मिले।
सरपंच गुरजंट सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदूषण विभाग के कुछ अधिकारी मिल मालिकों से मिलीभगत कर झूठी रिपोर्ट तैयार कर सरकार और आयोग को गुमराह करते हैं, जिससे दोषी मिलरों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हो पाती।
चीका स्थित गुप्ता एग्रो प्रोडक्ट के मालिक द्वारा मिल का गंदा पानी एक बोरवेल के माध्यम से जमीन में डाला जा रहा था। सैंपल जांच में पानी अस्वीकृत पाया गया। रिपोर्ट मिलने के बाद मिल को सील कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। - प्रदीप सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, कैथल