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खंड प्रधान सहित कलायत के 14 सरपंचों ने सामूहिक रूप से दिया इस्तीफा
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हलका में किसान आंदोलन ने रंग पकड़ लिया है। खंड के कुल 29 सरपंचों में से 14 सरपंचों ने सरपंच संगठन प्रधान कर्मवीर कोलेखां सहित त्याग पत्र दे दिया है। एसडीएम कार्यालय अधीक्षक सावित्री देवी के माध्यम से त्याग पत्र सौंपे। मटौर गांव के सरपंच पिरथी सिंह पहले ही बीडीपीओ को पद से त्याग पत्र दे चुके हैं। त्याग पत्र देने वालों की संख्या 15 पर पहुंच गई है। जबकि 14 सरपंच अब भी पद पर बनें हैं।
सोमवार को सभी सरपंचों ने पहले से ही तय सामूहिक रूप से त्याग पत्र देने के बारे मेें विचार विमर्श के लिए बैठक बुलाई थी। लेकिन वीरवार को 28 की बजाए 14 सरपंचों ने ही पद त्यागने की घोषणा की। इसकी रिपोर्ट किसान नेताओं ने आंदोलन के बड़े नेताओं को भी भेजी है।
किसानों के समर्थन में सरपंच पद से त्याग पत्र देने वालों में छह महिलाएं व सात पुरुष शामिल रहे। गांव कौलेखां से कर्मवीर सिंह, खेड़ी लांबा सुमन रानी, खेड़ी शेरखां रीना देवी, भांलग से सुरेंद्र कुमार, बड़सीकरी खुर्द राजेश, बड़सीकरी कलां प्रीत कौर, चौशाला से बलदेव सिंह, बालू गादड़ा पत्ति रमेश कुमार, रापड़िया पत्ति से सीमा देवी, नरवलगढ़ से बलदेव सिंह, शिमला से सीता देवी, जुलानी खेड़ा रीना देवी व रामगढ़ पांडवा से ऋषिपाल सरपंच ने पद से त्याग पत्र दिया।
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कलायत सरपंच एसोसिएशन प्रधान कर्मवीर सिंह कौलेखां ने बताया कि आपसी रायशुमारी से किसान आंदोलन के समर्थन में 14 सरपंचों ने अपने पद से त्याग पत्र दिया है। उन्होंने कहा कि वह हर स्तर पर किसानों के संघर्ष में उनके साथ खड़ेे है। कर्मवीर सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुन कर भेजा था आज उनके साथ खड़े होने की प्रबल आवश्यकता है। इस्तीफा देने वाले सभी सरपंचों का कहना है कि वे अपनी जिम्मेवारी को त्याग कर कृषि कानूनों के विरोध में अपनी शक्ति लगाऐंगे। अपने अपने गांव से दिल्ली बार्डर पर जनशक्ति भेजना हो या राशन पानी अब इस दिशा में काम करेंगे।
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सोमवार को सभी सरपंचों ने पहले से ही तय सामूहिक रूप से त्याग पत्र देने के बारे मेें विचार विमर्श के लिए बैठक बुलाई थी। लेकिन वीरवार को 28 की बजाए 14 सरपंचों ने ही पद त्यागने की घोषणा की। इसकी रिपोर्ट किसान नेताओं ने आंदोलन के बड़े नेताओं को भी भेजी है।
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किसानों के समर्थन में सरपंच पद से त्याग पत्र देने वालों में छह महिलाएं व सात पुरुष शामिल रहे। गांव कौलेखां से कर्मवीर सिंह, खेड़ी लांबा सुमन रानी, खेड़ी शेरखां रीना देवी, भांलग से सुरेंद्र कुमार, बड़सीकरी खुर्द राजेश, बड़सीकरी कलां प्रीत कौर, चौशाला से बलदेव सिंह, बालू गादड़ा पत्ति रमेश कुमार, रापड़िया पत्ति से सीमा देवी, नरवलगढ़ से बलदेव सिंह, शिमला से सीता देवी, जुलानी खेड़ा रीना देवी व रामगढ़ पांडवा से ऋषिपाल सरपंच ने पद से त्याग पत्र दिया।
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कलायत सरपंच एसोसिएशन प्रधान कर्मवीर सिंह कौलेखां ने बताया कि आपसी रायशुमारी से किसान आंदोलन के समर्थन में 14 सरपंचों ने अपने पद से त्याग पत्र दिया है। उन्होंने कहा कि वह हर स्तर पर किसानों के संघर्ष में उनके साथ खड़ेे है। कर्मवीर सिंह ने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुन कर भेजा था आज उनके साथ खड़े होने की प्रबल आवश्यकता है। इस्तीफा देने वाले सभी सरपंचों का कहना है कि वे अपनी जिम्मेवारी को त्याग कर कृषि कानूनों के विरोध में अपनी शक्ति लगाऐंगे। अपने अपने गांव से दिल्ली बार्डर पर जनशक्ति भेजना हो या राशन पानी अब इस दिशा में काम करेंगे।