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Kaithal News: प्रोफेसर मनोज व शिल्पा की पुस्तकों का विमोचन
Tue, 28 Jan 2025 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 28 Jan 2025 01:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। एसडी पीजी कॉलेज में सोमवार को दो प्राध्यापकों प्रो. शिल्पा ठाकुर और प्रो. मनोज कुमार द्वारा लिखी पुस्तक का विमोचन प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने किया। पुस्तक को महावीर पब्लिकेशन दिल्ली ने प्रकाशित किया है। यह नई शिक्षा नीति में एमकॉम के विद्यार्थियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।
पुस्तक की तीसरी लेखिका मेरठ से असिस्टेंट प्रोफेसर स्काई आर्ट डॉ. कुमकुम चौधरी हैं। इनका इस पुस्तक के लेखन में बहुमूल्य योगदान है। प्रो. शिल्पा ठाकुर ने अपनी स्नातक और स्नातकोत्तर की शिक्षा डीएवी कॉलेज करनाल से हासिल की है। प्रो. मनोज कुमार ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से शिक्षा हासिल की है। दोनों प्राध्यापक कॉलेज के वाणिज्य विभाग में कार्यरत हैं।
प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि इस पुस्तक के प्रकाशित होने से वाणिज्य के विद्यार्थियों को अत्यधिक लाभ होगा। पुस्तक लिखने से इन प्राध्यापकों ने अपने ज्ञान और अनुभव को दूसरों के साथ साझा किया है। किताब लिखने से दोनों प्राध्यापकों को अपने क्षेत्र में एक विशेषज्ञ के रूप में मान्यता मिलेगी।
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फ्रॉड इंवेस्टिगेशन एंड फॉरेंसिक एकाउंटिंग एक विशेषज्ञता है जिसमें वित्तीय अपराधों की जांच और विश्लेषण करने के लिए लेखांकन और वित्तीय विश्लेषण के तरीकों का उपयोग किया जाता है। यह विशेषज्ञता वित्तीय संस्थानों, सरकारी एजेंसियों और निजी कंपनियों में उपयोग की जाती है। इसमें वित्तीय अपराधों की जांच करना, वित्तीय डाटा का विश्लेषण करना, धोखाधड़ी के सबूतों की पहचान करना, मामलों की रिपोर्ट तैयार करना और अदालत में गवाही देना जैसे कार्य शामिल हैं। प्रो. शिल्पा ठाकुर ने कहा कि इस पुस्तक को लिखने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
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पानीपत। एसडी पीजी कॉलेज में सोमवार को दो प्राध्यापकों प्रो. शिल्पा ठाकुर और प्रो. मनोज कुमार द्वारा लिखी पुस्तक का विमोचन प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने किया। पुस्तक को महावीर पब्लिकेशन दिल्ली ने प्रकाशित किया है। यह नई शिक्षा नीति में एमकॉम के विद्यार्थियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।
पुस्तक की तीसरी लेखिका मेरठ से असिस्टेंट प्रोफेसर स्काई आर्ट डॉ. कुमकुम चौधरी हैं। इनका इस पुस्तक के लेखन में बहुमूल्य योगदान है। प्रो. शिल्पा ठाकुर ने अपनी स्नातक और स्नातकोत्तर की शिक्षा डीएवी कॉलेज करनाल से हासिल की है। प्रो. मनोज कुमार ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से शिक्षा हासिल की है। दोनों प्राध्यापक कॉलेज के वाणिज्य विभाग में कार्यरत हैं।
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प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि इस पुस्तक के प्रकाशित होने से वाणिज्य के विद्यार्थियों को अत्यधिक लाभ होगा। पुस्तक लिखने से इन प्राध्यापकों ने अपने ज्ञान और अनुभव को दूसरों के साथ साझा किया है। किताब लिखने से दोनों प्राध्यापकों को अपने क्षेत्र में एक विशेषज्ञ के रूप में मान्यता मिलेगी।
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फ्रॉड इंवेस्टिगेशन एंड फॉरेंसिक एकाउंटिंग एक विशेषज्ञता है जिसमें वित्तीय अपराधों की जांच और विश्लेषण करने के लिए लेखांकन और वित्तीय विश्लेषण के तरीकों का उपयोग किया जाता है। यह विशेषज्ञता वित्तीय संस्थानों, सरकारी एजेंसियों और निजी कंपनियों में उपयोग की जाती है। इसमें वित्तीय अपराधों की जांच करना, वित्तीय डाटा का विश्लेषण करना, धोखाधड़ी के सबूतों की पहचान करना, मामलों की रिपोर्ट तैयार करना और अदालत में गवाही देना जैसे कार्य शामिल हैं। प्रो. शिल्पा ठाकुर ने कहा कि इस पुस्तक को लिखने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।